नई दिल्ली - झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तकरार लगातार बढ़ती जा रही है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में विस्तार से चर्चा के लिए तैयार है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार थे।
‘सरकार ने चर्चा की पेशकश की थी’
किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने पहले ही प्रस्ताव दिया था कि झारखंड के छात्र आंदोलन से जुड़ी घटनाओं पर सदन में पूरी चर्चा कराई जाए। उनके मुताबिक, सरकार की ओर से जवाब की तैयारी भी पूरी थी और गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देने के लिए तैयार थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद चर्चा आगे नहीं बढ़ सकी। रिजिजू के अनुसार, NDA के सांसद भी सुबह से सदन में इस उम्मीद के साथ मौजूद थे कि छात्रों के मुद्दे पर चर्चा होगी।
‘कांग्रेस बाहर जाकर नारेबाजी कर रही’
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन कांग्रेस ने चर्चा में हिस्सा लेने के बजाय बाहर जाकर नारेबाजी की। उन्होंने दावा किया कि इससे देश की जनता के सामने यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार मुद्दे पर जवाब देने को तैयार है, जबकि कांग्रेस चर्चा से पीछे हट रही है।
झारखंड सरकार पर भी साधा निशाना
रिजिजू ने झारखंड में जारी छात्र प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के गठबंधन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि झारखंड में कांग्रेस और JMM साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं, इसलिए राज्य में छात्रों से जुड़े घटनाक्रम पर जवाब राहुल गांधी दे सकते हैं।
संसद में बढ़ रहा सियासी तनाव
छात्रों के प्रदर्शन और कथित कार्रवाई को लेकर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहे हैं। NDA सांसद जहां कांग्रेस से इस मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग कर रहे हैं, वहीं विपक्ष सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद की कार्यवाही में भी हंगामे का बड़ा कारण बन सकता है।
