नई दिल्ली। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने स्कूलों में बच्चों को बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थों को लेकर बड़ा प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत स्कूलों में उपलब्ध खाद्य पदार्थों में अतिरिक्त फैट, अतिरिक्त चीनी और सोडियम की मात्रा की सीमा तय की जा सकती है। FSSAI ने Food Safety and Standards (Safe Food and Balanced Diets for Children in School) Regulations, 2020 में संशोधन का मसौदा जारी किया है। प्रस्तावित नियम ICMR की Dietary Guidelines for Indians-2024 को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
स्कूलों के खाने में तय हो सकती है फैट की लिमिट
प्रस्ताव के मुताबिक किसी ठोस खाद्य पदार्थ में 100 ग्राम पर 4.2 ग्राम से अधिक अतिरिक्त फैट होने पर उसे अतिरिक्त फैट की उच्च मात्रा वाला खाद्य पदार्थ माना जाएगा। वहीं, तरल खाद्य पदार्थों के लिए यह सीमा 100 मिलीलीटर पर 1.5 ग्राम से अधिक प्रस्तावित की गई है। इसका मकसद स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले ऐसे खाद्य पदार्थों की पहचान करना है जिनमें जरूरत से ज्यादा अतिरिक्त फैट मौजूद हो।
ज्यादा चीनी वाले खाद्य पदार्थों पर भी नजर
FSSAI ने अतिरिक्त चीनी (Added Sugar) को लेकर भी स्पष्ट सीमा प्रस्तावित की है।
- ठोस खाद्य पदार्थ: 100 ग्राम में 3 ग्राम से अधिक
- तरल खाद्य पदार्थ: 100 मिलीलीटर में 2 ग्राम से अधिक
यानी प्रस्तावित नियम लागू होने के बाद स्कूलों में बच्चों को बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थों में अतिरिक्त चीनी की मात्रा पर विशेष निगरानी की जा सकेगी।
नमक और सोडियम की भी होगी जांच
प्रस्ताव में सोडियम की मात्रा को भी नियंत्रित करने की बात कही गई है। FSSAI ने नमक की मात्रा के आधार पर उच्च सोडियम वाले खाद्य पदार्थों की पहचान करने के लिए सीमा प्रस्तावित की है।
- ठोस खाद्य पदार्थ: 100 ग्राम में 0.625 ग्राम से अधिक नमक
- तरल खाद्य पदार्थ: 100 मिलीलीटर में 0.175 ग्राम से अधिक नमक
इससे स्कूलों में मिलने वाले अत्यधिक नमकीन खाद्य पदार्थों की पहचान और निगरानी आसान हो सकती है।
क्यों जरूरी है FSSAI का यह प्रस्ताव?
बच्चों के खान-पान में अत्यधिक चीनी, नमक और फैट लंबे समय में स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले खाद्य विकल्पों को बेहतर और संतुलित बनाने के उद्देश्य से FSSAI यह व्यवस्था प्रस्तावित कर रहा है। नए नियमों का उद्देश्य केवल खाद्य पदार्थों पर रोक लगाना नहीं, बल्कि स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित और संतुलित डाइट को बढ़ावा देना है।
2020 के नियमों में किया जाएगा संशोधन
FSSAI ने Safe Food and Balanced Diets for Children in School Regulations, 2020 में बदलाव का मसौदा तैयार किया है। प्रस्तावित नया प्रावधान मौजूदा स्कूल निगरानी और सर्वेक्षण संबंधी नियमों के बाद जोड़ा जाएगा। यह मसौदा Food Safety and Standards Act, 2006 के प्रावधानों के तहत केंद्र सरकार की पूर्व मंजूरी के साथ तैयार किया गया है।
जनता और हितधारकों से मांगे सुझाव
FSSAI ने प्रस्तावित संशोधन को लेकर हितधारकों और आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। गैजेट अधिसूचना सार्वजनिक होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। प्राधिकरण ने कहा है कि निर्धारित समय के दौरान प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद अंतिम नियम तैयार किए जाएंगे।
अभी प्रस्ताव है, अंतिम नियम नहीं
महत्वपूर्ण बात यह है कि ये सीमाएं फिलहाल प्रस्तावित मसौदे का हिस्सा हैं। अंतिम नियम बनने से पहले सुझाव और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद ही तय होगा कि प्रस्तावित प्रावधान किस अंतिम रूप में लागू किए जाएंगे। यानी फिलहाल स्कूलों में फैट, चीनी और सोडियम वाले खाद्य पदार्थों पर कोई नया प्रतिबंध लागू नहीं हुआ है। FSSAI की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम नियमों की तस्वीर साफ होगी।
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