रांची, 11 अगस्त 2026 | झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन विधानसभा मार्च के बाद भी समाप्त नहीं हुआ है। सोमवार देर शाम प्रदर्शनकारी विद्यार्थी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरना एवं अनशन स्थल पर लौटे और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
राहुल गांधी के झारखंड आने तक आंदोलन का ऐलान
अनशन स्थल पर मौजूद विद्यार्थियों ने घोषणा की कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के झारखंड आने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्हें राज्य बुलाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभियान चलाने की भी तैयारी है।
राहुल गांधी पहले फोन के माध्यम से आंदोलनकारी छात्रों से संवाद कर चुके हैं। विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद उन्होंने एक्स पर कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग गलत है और राज्य सरकार को बातचीत के जरिए उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए। छात्रों की नई मांग राहुल गांधी की प्रत्यक्ष झारखंड यात्रा से जुड़ी है।
छात्राओं को घसीटने और पीटने का आरोप
आंदोलनकारी विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि विधानसभा के पास पुलिस कार्रवाई के दौरान छात्राओं पर भी लाठियां चलाई गईं। उनका दावा है कि कुछ पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों को घसीटा और उनके साथ मारपीट की। इन आरोपों की स्वतंत्र या न्यायिक जांच से पुष्टि अभी नहीं हुई है। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध पुलिस बयान में महिला प्रदर्शनकारियों से जुड़े इन विशिष्ट आरोपों पर अलग स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। इसलिए इसे विद्यार्थियों का आरोप बताते हुए ही प्रकाशित किया जाना चाहिए।
पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठीचार्ज
सोमवार को हजारों अभ्यर्थी पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा की ओर बढ़े थे। प्रदर्शनकारियों ने कई पुलिस बैरिकेड पार किए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया। टीवी और समाचार एजेंसियों की तस्वीरों में पुलिस एवं प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी दिखाई दी।
देर शाम प्रदर्शनकारी विधानसभा के पास डटे रहे। इसके बाद पुलिस ने दोबारा कार्रवाई कर उन्हें वहां से हटाया। आंदोलनकारी पक्ष ने इसे शांतिपूर्ण छात्रों पर लाठीचार्ज बताया, जबकि पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों के उग्र होने के बाद स्थिति नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया गया।
पुलिस का पक्ष—14 जवान घायल, CCTV की होगी जांच
रांची पुलिस ने कहा कि मार्च के दौरान 14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। रांची एसएसपी राकेश रंजन के मुताबिक कुछ लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बाधित किया और उनकी पहचान के लिए CCTV फुटेज की जांच की जाएगी। पुलिस ने कार्रवाई को “हल्का लाठीचार्ज” बताया है।
सिटी एसपी पारस राणा ने दावा किया कि भीड़ के एक हिस्से ने सुरक्षा घेरा तोड़ा और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। उनके अनुसार इसके बाद सीमित समय के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने यह भी कहा कि कार्रवाई के बाद किसी प्रदर्शनकारी को हिरासत में नहीं लिया गया। छात्रों ने पथराव और हिंसा से जुड़े आरोपों पर कहा है कि आंदोलन शांतिपूर्ण था और पुलिस कार्रवाई अनुचित थी। दोनों पक्षों के दावों की अंतिम स्थिति CCTV, मेडिकल रिपोर्ट और किसी संभावित जांच से स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया संवाद का न्योता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ मंत्री आंदोलनकारी प्रतिनिधियों से लगातार बातचीत कर रहे हैं और परीक्षा व्यवस्था में दोषी पाए जाने वाले किसी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने छात्रों से संवाद और विश्वास के जरिए समाधान निकालने की अपील की। हालांकि प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों का कहना है कि अब मंत्रियों के बजाय उनकी सीधी बातचीत मुख्यमंत्री से होनी चाहिए।
जयराम महतो को मंच से बोलने नहीं दिया
JLKM विधायक जयराम महतो भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए। हालांकि विद्यार्थियों ने उन्हें मंच से भाषण देने की अनुमति नहीं दी। इसके पीछे छात्रों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया। इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक अटकलों से बचना चाहिए। उपलब्ध जानकारी केवल इतनी है कि जयराम महतो प्रदर्शन में शामिल हुए, लेकिन मंच से संबोधन नहीं कर सके।
भूखे-प्यासे लौटे छात्रों के लिए खिचड़ी की व्यवस्था
विधानसभा क्षेत्र से लौटे विद्यार्थियों के लिए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भोजन की व्यवस्था की गई। स्थानीय चैती दुर्गापूजा मंदिर के पदाधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के बीच खिचड़ी वितरित की। आंदोलन स्थल पर इससे पहले भी स्थानीय लोगों और सामाजिक समूहों द्वारा भोजन, पानी और दूसरी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराए जाने की जानकारी सामने आई थी।
देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल में भर्ती
नौ दिनों से अनशन कर रहे आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र नाथ महतो ने कमजोर स्वास्थ्य के बावजूद विधानसभा मार्च में भाग लिया था। देर रात तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनके रक्त शर्करा स्तर में तेज गिरावट के कारण स्थिति गंभीर बताई।
महतो के एक सहयोगी ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उन्हें चोट लगी। यह दावा आंदोलनकारी पक्ष की ओर से किया गया है। अस्पताल या पुलिस की ओर से चोट के कारण पर कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारी JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच चाहते हैं। उनकी प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा की CBI जांच, विवादित परीक्षाओं पर निर्णय, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, OMR एवं उत्तर पत्रक उपलब्ध कराना और भर्ती संस्थाओं में तकनीकी-संस्थागत सुधार शामिल हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि छात्रों की अधिकांश मांगों पर कार्रवाई शुरू की गई है और वह आगे की बातचीत के लिए भी तैयार है। मुख्य गतिरोध JSSC-CGL परीक्षा की CBI जांच और परिणाम रद्द करने की मांग पर बना हुआ है।
राहुल गांधी पर क्यों बढ़ा दबाव?
कांग्रेस झारखंड की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार का हिस्सा है। ऐसे में छात्रों की ओर से राहुल गांधी को प्रत्यक्ष रूप से झारखंड बुलाने की मांग राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गई है। राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की है, लेकिन आंदोलनकारी अब चाहते हैं कि वह रांची पहुंचकर उनकी मांगों को सुनें और गठबंधन सरकार के सामने समाधान के लिए हस्तक्षेप करें। उनकी यात्रा की कोई औपचारिक तारीख खबर तैयार होने तक घोषित नहीं हुई है।
आगे क्या हो सकता है?
आंदोलन समाप्त होने के फिलहाल संकेत नहीं हैं। छात्र सोशल मीडिया अभियान, धरना और सरकार से सीधी बातचीत के जरिए दबाव बनाए रखने की तैयारी में हैं। राज्य सरकार ने संवाद का प्रस्ताव दिया है, जबकि पुलिस विधानसभा मार्च के CCTV फुटेज की जांच करेगी।
अगला महत्वपूर्ण घटनाक्रम मुख्यमंत्री और छात्र प्रतिनिधियों के बीच संभावित बैठक, देवेंद्र नाथ महतो की स्वास्थ्य स्थिति तथा राहुल गांधी की प्रस्तावित यात्रा पर निर्भर करेगा।