शिमला/देहरादून, 11 अगस्त 2026 | हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में मानसूनी बारिश का सक्रिय दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, मलबा खिसकने, अचानक बाढ़, नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने और पहाड़ी सड़कों के बाधित होने का खतरा बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के जिलेवार पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को चंबा, मंडी और सिरमौर में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है। कुल्लू में भारी वर्षा की संभावना को भी ऑरेंज चेतावनी में रखा गया है।
हिमाचल के इन जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट
मौसम विभाग की ताजा जिलेवार चेतावनी इस प्रकार है:
| चेतावनी | जिले | अनुमान |
|---|---|---|
| ऑरेंज अलर्ट | चंबा, मंडी और सिरमौर | कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश |
| ऑरेंज अलर्ट | कुल्लू | कहीं-कहीं भारी बारिश |
| यलो अलर्ट | ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, शिमला और सोलन | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| यलो अलर्ट | किन्नौर | कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश |
नवीनतम आधिकारिक बुलेटिन में कांगड़ा को ऑरेंज नहीं, यलो अलर्ट में रखा गया है। इससे पहले जारी कुछ रिपोर्टों और पुराने पूर्वानुमानों में कांगड़ा को ऑरेंज श्रेणी में बताया गया था, लेकिन मंगलवार की जिलेवार सूची में चंबा, मंडी और सिरमौर में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी है।
भूस्खलन और अचानक बाढ़ का बढ़ा खतरा
IMD ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में स्थानीय भूस्खलन या मडस्लाइड हो सकती है। नदी, नाले और दूसरे जलस्रोतों का प्रवाह अचानक बढ़ सकता है। निचले क्षेत्रों में जलभराव, कमजोर ढांचों को नुकसान और पहाड़ी सड़कों पर दृश्यता घटने की आशंका भी है।
फिसलन और कम दृश्यता के कारण वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने तथा प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने नदी-नालों, भूस्खलन संभावित ढलानों और बार-बार जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र से जुड़े 10 अगस्त के आंकड़ों के अनुसार हिमाचल में बारिश और भूस्खलन के कारण 124 सड़कें बंद थीं और 255 वितरण ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए थे। मरम्मत और मार्ग खोलने का काम जारी है।
हिमाचल में 17 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना
हिमाचल प्रदेश में 11 अगस्त को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। इसके बाद 12 से 17 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इसका अर्थ है कि मंगलवार के बाद वर्षा की तीव्रता कुछ घट सकती है, लेकिन भूस्खलन और जलस्तर बढ़ने का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं होगा।
विशेष रूप से पहले से भीगी पहाड़ियों और क्षतिग्रस्त सड़कों पर कम बारिश भी नए भूस्खलन को जन्म दे सकती है। यात्रियों को निकलने से पहले स्थानीय पुलिस, लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन की सड़क संबंधी सूचना जांचनी चाहिए।
उत्तराखंड के 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने मंगलवार को उत्तरकाशी, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी है।
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों और हरिद्वार में गरज-चमक के साथ वर्षा के तीव्र से बहुत तीव्र दौर आ सकते हैं। ऊधमसिंह नगर में भी कहीं-कहीं आकाशीय बिजली की आशंका है। राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
उत्तराखंड में कब और तेज होगी बारिश?
उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक मौसम संवेदनशील रहेगा:
- 12 अगस्त: टिहरी और बागेश्वर में भारी बारिश।
- 13 अगस्त: देहरादून, टिहरी, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत में भारी बारिश।
- 14 अगस्त: देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश; कई अन्य जिलों में भारी वर्षा।
- 15 अगस्त: देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना।
IMD ने कहा है कि लगातार भारी बारिश से सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने, बिजली-पानी जैसी सेवाओं पर असर पड़ने और प्रमुख नदियों तथा सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा है। चारधाम और अन्य पर्वतीय यात्राओं पर जाने वाले लोगों से केवल आवश्यक होने पर यात्रा करने को कहा गया है।
तमक नाले में बहा वैली ब्रिज, कई गांवों का संपर्क प्रभावित
चमोली जिले में ज्योतिर्मठ-मलारी मार्ग पर तमक नाले में अचानक तेज जलप्रवाह आने से सीमा सड़क संगठन का वैली ब्रिज बह गया। प्रशासन के अनुसार पुल के दूसरी ओर करीब 15 से 16 गांव हैं और उनका सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
घटना के दौरान एक बीआरओ वाहन और उसके चालक के लापता होने की सूचना सामने आई है। खोज अभियान के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भेजी गई हैं। मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है। किसी मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि खबर तैयार होने तक नहीं हुई थी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित गांवों में राशन, दवाइयां और दूसरी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति वैकल्पिक मार्गों से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से क्षेत्र की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
देहरादून में मकान और दो दुकानें ढहीं
देहरादून के कर्गी चौक क्षेत्र में रातभर की बारिश के बाद सोमवार सुबह एक मकान और दो दुकानें ढह गईं। इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं मिली। नगर निगम और प्रशासन की टीमों ने मौके पर मशीनें लगाकर मलबा हटाया। इसलिए प्रारंभिक सूचना में लिखे “नदी से सटे दो भवन धराशायी” के स्थान पर अधिक सटीक तथ्य यह है कि कर्गी चौक के पास एक मकान और दो दुकानें बारिश के बाद ढहीं।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 17 अगस्त तक चेतावनी
मौसम केंद्र श्रीनगर के नवीनतम पूर्वानुमान में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 11 से 17 अगस्त तक प्रतिदिन कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ गरज-चमक तथा तेज हवा की चेतावनी दी गई है इसलिए बारिश का अलर्ट केवल 13 अगस्त तक सीमित नहीं है। अगले पूरे सप्ताह पहाड़ी मार्गों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी रखने की जरूरत होगी।
यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए जरूरी सलाह
- भारी बारिश के बीच पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोग जलमग्न या मलबे से ढके रास्तों को पार न करें। नदी और नालों का पानी सामान्य दिखाई देने पर भी उसका बहाव अचानक तेज हो सकता है।
- वाहन चालकों को गति कम रखनी चाहिए और भूस्खलन संभावित ढलानों के नीचे वाहन खड़ा नहीं करना चाहिए। रात के समय गैर-जरूरी पहाड़ी यात्रा टालें और जिला प्रशासन की अनुमति या सड़क खुलने की पुष्टि के बाद ही आगे बढ़ें।
- आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और धातु की रेलिंग सुरक्षित स्थान नहीं हैं। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोग जरूरी दस्तावेज, दवाइयां और मोबाइल फोन तैयार रखें।
1. हिमाचल के किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट है?
चंबा, मंडी और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। कुल्लू में भारी बारिश की चेतावनी भी ऑरेंज श्रेणी में रखी गई है।
2. क्या कांगड़ा में ऑरेंज अलर्ट है?
नवीनतम जिलेवार IMD बुलेटिन में कांगड़ा के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट है। ऑरेंज श्रेणी में चंबा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू हैं।
3. उत्तराखंड के किन जिलों में आज भारी बारिश होगी?
उत्तरकाशी, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश संभव है।
4. तमक नाले का पुल बहने से क्या असर पड़ा?
वैली ब्रिज बहने से मलारी की ओर सड़क यातायात बंद हुआ और करीब 15 से 16 गांवों की आवाजाही प्रभावित हुई। एक बीआरओ वाहन और चालक की तलाश की जा रही है।
5. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अलर्ट कब तक है?
IMD ने 11 से 17 अगस्त तक प्रतिदिन कहीं-कहीं भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है।