नई दिल्ली। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को लगभग सपाट कारोबार के साथ खुला। आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में खरीदारी ने बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में कमजोरी की भरपाई की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 32.67 अंक यानी 0.04% गिरकर 78,509.77 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 8.70 अंक यानी 0.04% की मामूली गिरावट के साथ 24,575.10 पर शुरू हुआ।
IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में तेजी
सेक्टर के लिहाज से शुरुआती कारोबार में IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में मजबूती देखने को मिली।
- Nifty MidSmall IT & Telecom: +0.73%
- Nifty Consumer Durables: +0.66%
- Nifty IT: +0.63%
इसके अलावा रियल्टी, ऑटो और फार्मा सेक्टर के शेयरों में भी सकारात्मक कारोबार देखने को मिला।
बैंकिंग शेयरों पर दबाव
दूसरी ओर बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में कमजोरी रही। शुरुआती कारोबार में Nifty Private Bank 0.64% और Nifty PSU Bank 0.62% नीचे रहा।
बैंकिंग शेयरों में गिरावट ने बाजार की शुरुआती बढ़त पर दबाव बनाया।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बनी चिंता
बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता इस समय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.41% बढ़कर 88.08 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड 0.47% चढ़कर 82.52 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी रहने से भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है, जिससे शेयर बाजार के लिए दबाव बढ़ सकता है।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से मिल सकता है सहारा
हालांकि बाजार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी से समर्थन मिलने की उम्मीद है। बेहतर पहली तिमाही के नतीजों और रुपये की स्थिरता से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ने की बात कही जा रही है। ऐसे में बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक संकेतों के साथ-साथ विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी नजर रहेगी।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
एशियाई बाजारों में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का Nikkei करीब 2% और दक्षिण कोरिया का KOSPI 1% से ज्यादा चढ़ा।
वहीं हांगकांग का Hang Seng करीब 0.6% नीचे कारोबार करता नजर आया।
अमेरिकी बाजार भी मामूली गिरावट के साथ बंद
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी हल्की कमजोरी रही। S&P 500 में 0.06% और Nasdaq में 0.32% की गिरावट दर्ज की गई। इसका असर भारतीय बाजार की शुरुआती धारणा पर भी देखने को मिला। अब निवेशकों की नजर दिनभर कच्चे तेल की कीमतों, बैंकिंग शेयरों, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक बाजारों के संकेतों पर रहेगी।