भोपाल | मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को विस्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रिमोट का बटन दबाकर प्रदेशवासियों के लिए “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” और “पीएम ई-बस सेवा” का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के संचालन के लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के प्रबंध संचालक मनीष सिंह और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल के निदेशक प्रोफेसर डॉ. कैलाश राव एम के बीच एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पर लघु फिल्म का प्रदर्शन और पुस्तिका का विमोचन किया गया।
1,500 बसों की मिलेगी सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के लिए विशेष है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत फिलहाल 351 बसें उपलब्ध हैं, जबकि कुल 1,500 बसों की सौगात प्रदेशवासियों को दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह बस सेवा केवल मौजूदा नगरीय बस सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत जहां नगरीय बस सेवा संचालित है, वहां इसका विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा बड़े शहरों और आउटर क्षेत्रों को भी इस सेवा से जोड़ा जाएगा।
2029 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के 55 जिलों में वैज्ञानिक अध्ययन कराने के बाद परिवहन सेवा के विस्तार की योजना तैयार की गई है। इसके तहत 3,000 से अधिक रूटों का सर्वे किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2029 तक करीब 15,000 बसों को प्रदेश के अलग-अलग मार्गों पर संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का विस्तार मध्य प्रदेश की सीमा से बाहर दूसरे राज्यों तक भी किया जाएगा।
गांव-कस्बों से शहरों तक आसान होगा आवागमन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हो चुका है। इससे छोटे गांवों और कस्बों तक आवागमन की सुविधा पहुंची है। हालांकि, गांव से शहर आने, स्कूल जाने, रोजगार या अन्य जरूरी कामों के लिए बस परिवहन की जरूरत बनी रहती है। उन्होंने कहा कि सड़कें होने के साथ-साथ उन पर सुगम सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था भी जरूरी है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर शुरू की गई है।
हर बस की कंट्रोल रूम से होगी मॉनिटरिंग
डॉ. मोहन यादव ने बताया कि नई तकनीक का इस्तेमाल करते हुए कंट्रोल रूम से बसों की मॉनिटरिंग की जाएगी। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए बसों में सीसीटीवी कैमरे और इमरजेंसी पैनिक बटन समेत कई सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि जनता को सुविधाजनक और सुरक्षित यात्री परिवहन उपलब्ध कराना है।
दूसरे राज्यों तक भी बढ़ाई जाएगी बस सेवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआत में प्रदेश के भीतर बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर है। आवश्यकता के अनुसार भविष्य में बस सेवा को दूसरे राज्यों तक भी विस्तारित किया जाएगा। इससे प्रदेश के शहरों और आसपास के क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
नितिन गडकरी के योगदान का किया उल्लेख
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार से प्रदेश में कनेक्टिविटी को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने सड़क परिवहन के क्षेत्र में हुए कार्यों के लिए गडकरी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम में कांग्रेस पर भी राजनीतिक टिप्पणी की और कहा कि उनकी सरकार जनता की जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसले ले रही है।
2023 के संकल्प पत्र का भी किया जिक्र
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2023 के संकल्प पत्र में सड़क परिवहन की बस सेवा को पुनर्स्थापित करने का उल्लेख किया गया था। मुख्यमंत्री के मुताबिक मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत इसी दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य जनता की आशा और आकांक्षाओं के अनुरूप परिवहन समेत अन्य सुविधाओं का विस्तार करना है।
85 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान सरकार की अन्य उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 85 हजार से अधिक युवाओं को भर्ती के नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की सेवा सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य के साथ प्रदेश में परिवहन, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का काम जारी है।