जयपुर।राजस्थान में लगातार दूसरे दिन तेज गर्मी का असर देखने को मिला। गुरुवार को बाड़मेर में अधिकतम तापमान 43.6°C और जैसलमेर में 43.2°C दर्ज किया गया। यह सितंबर महीने में पिछले 15 साल के दौरान दर्ज सबसे अधिक तापमान बताया जा रहा है।पश्चिमी राजस्थान के इन जिलों में दिन के समय गर्म हवाएं भी चलीं, जिससे लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ा।
जोधपुर में 10 साल की सबसे ज्यादा गर्मी
जोधपुर में भी सितंबर की गर्मी ने रिकॉर्ड बनाया। गुरुवार को यहां अधिकतम तापमान 41.7°C दर्ज किया गया। इससे पहले 2016 में सितंबर में जोधपुर का अधिकतम तापमान 40.6°C दर्ज हुआ था।वहीं बाड़मेर में भी पिछले 11 साल में सितंबर के दौरान तापमान 43°C तक नहीं पहुंचा था।
इन शहरों में भी 40°C के करीब या ऊपर रहा पारा
राजस्थान के कई अन्य शहरों में भी गुरुवार को तेज गर्मी रही।
बीकानेर – 41.6°C
चूरू – 40.5°C
नागौर – 40.3°C
फतेहपुर – 39.5°C
जालोर – 39.4°C
पिलानी – 39.2°C
दिन के साथ कई इलाकों में रात के तापमान में भी गर्मी का असर बना हुआ है।
मानसून की विदाई के बाद क्यों बढ़ी गर्मी?
मानसून की विदाई के बाद वातावरण में हवाओं की दिशा बदलती है और एंटी-साइक्लोन सिस्टम बनता है।इस सिस्टम के कारण पश्चिमी दिशा से आने वाली गर्म हवाएं राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में घूमती रहती हैं। इसी वजह से मानसून की विदाई के तुरंत बाद कई इलाकों में तापमान बढ़ गया है।
2-3 दिन और गर्मी रहने का अनुमान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान में अगले 2-3 दिन तक इसी तरह की गर्मी रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोन सिस्टम के प्रभाव से अगले सप्ताह पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधी और बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं।
27 सितंबर से इन जिलों में बारिश के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 27 सितंबर को सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में आंधी-बारिश की संभावना है।वहीं 28 सितंबर को अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में मौसम बदल सकता है।
जयपुर समेत 4 संभागों से मानसून विदा
गुरुवार को राजस्थान के जयपुर, अजमेर, भरतपुर और जोधपुर संभाग के सभी हिस्सों से मानसून विदा हो गया। हालांकि कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में अभी मानसून सक्रिय है।मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2-3 दिनों में इन क्षेत्रों से भी मानसून की विदाई होने की संभावना है।