Rajasthan Weather Update: राजस्थान में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को हुई भारी बारिश के बाद अब मंगलवार को भी मौसम विभाग ने कई जिलों में तेज से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राज्य के 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण हाड़ौती क्षेत्र के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में हालात बिगड़ गए हैं। झालावाड़ में भारी बारिश के बाद कालीसिंध और आहू नदियां उफान पर हैं। डैम के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है, जिसके कारण निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जिले के करीब 10 गांवों का संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। वहीं कोटा के नोनेरा-एबरा डैम के 27 में से 19 गेट खोल दिए गए हैं। यहां से बड़ी मात्रा में पानी कालीसिंध नदी में छोड़ा जा रहा है। दूसरी ओर डीडवाना-कुचामन जिले के नावां में बाइक सवार युवकों पर बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई।
6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 17 में यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार को राजस्थान के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 17 जिलों में यलो अलर्ट है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून ट्रफ और लो-प्रेशर सिस्टम के प्रभाव से खासतौर पर कोटा और उदयपुर संभाग में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की भी संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले करीब 3 दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में नदी, नाले और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
झालावाड़ में 12 इंच तक बारिश, 10 गांवों का संपर्क टूटा
सोमवार को झालावाड़ जिले में मानसून ने जोरदार असर दिखाया। जिले के सुनेल क्षेत्र में 300 मिलीमीटर यानी करीब 12 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बाकनी में 270 मिमी, पिरावा में 262 मिमी, रायपुर में 220 मिमी, मनोहरथाना में 101 मिमी, झालावाड़ शहर में 88 मिमी, अकलेरा में 78 मिमी और गंगधार में 71 मिमी बारिश दर्ज हुई। लगातार हुई बारिश के कारण जिले की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कालीसिंध और आहू नदी उफान पर हैं। कई जगह पानी रास्तों पर आने के कारण करीब 10 गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है। गागरोन क्षेत्र में आए जायरीन भी नदी के बढ़े जलस्तर के कारण फंस गए। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है।
कालीसिंध और छापी डैम के गेट खोले गए
झालावाड़ में भारी बारिश के बाद डैमों में पानी की आवक बढ़ गई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कालीसिंध और छापी डैम के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है। नदी क्षेत्रों में आवाजाही से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
कोटा के नोनेरा डैम के 19 गेट खुले
कोटा जिले के इटावा क्षेत्र के पास स्थित नोनेरा-एबरा डैम से मंगलवार को 19 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। डैम के कुल 27 गेट हैं। जानकारी के अनुसार डैम से करीब 4 लाख 15 हजार क्यूसेक पानी कालीसिंध नदी में छोड़ा जा रहा है। बांध का जलस्तर करीब 214.50 मीटर पर बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से कालीसिंध नदी और आसपास के नदी क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ सकता है।
डीडवाना-कुचामन में बिजली गिरने से युवक की मौत
भारी बारिश के बीच डीडवाना-कुचामन जिले के नावां क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां बाइक सवार युवकों पर बिजली गिर गई। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। लगातार बदल रहे मौसम के बीच बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों से खुले इलाकों में अनावश्यक रूप से नहीं निकलने की अपील की जा रही है।
हाड़ौती में 12 इंच तक बरसा पानी
सोमवार को हाड़ौती क्षेत्र के कई जिलों में भारी बारिश दर्ज हुई। कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के अलावा कई इलाकों में तेज बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में कुछ क्षेत्रों में करीब 6 इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं डूंगरपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, जयपुर और टोंक समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
राणा प्रताप सागर बांध 67 फीसदी से ज्यादा भरा
चित्तौड़गढ़ के राणा प्रताप सागर बांध में भी पानी की आवक लगातार जारी है। बांध का जलस्तर 1139.74 फीट दर्ज किया गया है और जलभराव करीब 67.34 प्रतिशत बताया गया है। बांध में करीब 1956.24 एमसीएम पानी मौजूद है। फिलहाल करीब 2451 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है और बिजली उत्पादन की मशीनों के जरिए लगभग इतनी ही मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। बांध के कैचमेंट क्षेत्र में मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 303.60 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
जवाहर सागर बांध में भी बढ़ रही पानी की आवक
कोटा के जवाहर सागर बांध का जलस्तर करीब 972.30 फीट दर्ज किया गया है। बांध में लगभग 47.40 एमसीएम जलभराव है। यहां करीब 3587 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है और बिजली उत्पादन की मशीनों से लगभग इतनी ही मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। बांध के कैचमेंट एरिया में भी बारिश दर्ज की गई है।
दौसा में मोरेल डैम पर बनी पानी की चादर
दौसा जिले के लालसोट स्थित मोरेल बांध पर करीब एक इंच पानी की चादर चल रही है। हालांकि क्षेत्र में बारिश की रफ्तार कम होने के कारण बांध में पानी की आवक फिलहाल सीमित है। बताया गया है कि बांध में जयपुर की ओर से पानी पहुंच रहा है। जलस्तर और पानी की आवक पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
भरतपुर के नदबई में भी बारिश
भरतपुर जिले के नदबई क्षेत्र में तीन दिन के अंतराल के बाद सोमवार रात अच्छी बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में यहां करीब 22 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस सीजन में नदबई क्षेत्र में अब तक करीब 311 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। मंगलवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और बारिश की संभावना बनी हुई है। बारिश के कारण शहर के कुछ हिस्सों में जलभराव भी देखने को मिला।
अगले तीन दिन कैसा रहेगा राजस्थान का मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में अगले तीन दिनों तक मानसून सक्रिय रह सकता है। खासतौर पर कोटा और उदयपुर संभाग में भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। लो-प्रेशर सिस्टम और मानसून ट्रफ की स्थिति के कारण कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। ऐसे में नदी-नालों, बांधों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
प्रशासन की लोगों से अपील
भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के बीच प्रशासन की ओर से लोगों को नदी, नाले और बांध के निचले हिस्सों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए। विशेषकर उन इलाकों में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है, जहां नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है या बांधों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।