छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के प्रमोशन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि TET पास किए बिना शिक्षकों को पदोन्नति नहीं दी जाएगी। इस फैसले के बाद करीब 28 हजार शिक्षकों के प्रमोशन पर फिलहाल संकट खड़ा हो गया है। छह महीने पहले आयोजित TET परीक्षा में 32 हजार से अधिक शिक्षकों ने हिस्सा लिया था, लेकिन करीब 4,500 शिक्षक ही परीक्षा पास कर सके। विभागीय स्तर पर 10 अगस्त को हुई बैठक के बाद प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर स्थिति और स्पष्ट हुई है। वहीं, शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार नहीं होने और दावा-आपत्ति के लिए कम समय मिलने के कारण प्रमोशन की अंतिम तारीख भी 15 अगस्त से बढ़ाकर 30 अगस्त 2026 कर दी गई है।
TET पास नहीं करने वाले शिक्षकों को प्रमोशन नहीं
स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक में फैसला लिया गया कि TET उत्तीर्ण किए बिना किसी शिक्षक को प्रमोशन नहीं दिया जाएगा। इसका सबसे ज्यादा असर उन शिक्षकों पर पड़ रहा है, जो लंबे समय से स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, हाल ही में हुई TET परीक्षा में 32 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने हिस्सा लिया था। इनमें करीब 4,500 शिक्षक ही सफल हुए। ऐसे में लगभग 28 हजार से अधिक शिक्षक TET पास नहीं कर पाए और अब उनकी पदोन्नति की पात्रता प्रभावित हो रही है।
20-25 साल से सेवा दे रहे शिक्षक भी प्रभावित
इस मामले में सबसे ज्यादा चिंता उन शिक्षकों की है, जो करीब 20 से 25 वर्षों से सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। कई वरिष्ठ शिक्षक भी हालिया TET परीक्षा में सफल नहीं हो सके। शिक्षक संगठनों का तर्क है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए प्रतियोगी परीक्षा को प्रमोशन की अनिवार्य शर्त बनाना उचित नहीं है। संगठनों की मांग है कि ऐसे शिक्षकों के लिए अलग से विभागीय परीक्षा आयोजित की जाए।
शिक्षक संगठनों ने जताई नाराजगी
TET की अनिवार्यता को लेकर कई शिक्षक संगठन विरोध में सामने आए हैं। छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे का कहना है कि वर्षों से अध्यापन कर रहे शिक्षकों को दोबारा प्रतियोगी परीक्षा की शर्त में बांधना उचित नहीं है। उनका कहना है कि वरिष्ठ शिक्षकों के लिए विभागीय स्तर पर परीक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए। वहीं छग विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय तिवारी ने कहा कि TET की अनिवार्यता केवल प्राथमिक और मिडिल स्कूल के शिक्षकों के प्रमोशन में लागू करना उचित नहीं है और इसे लेकर विभाग को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने भी इसे शिक्षकों के प्रमोशन में बाधा बताया है। संगठन विभागीय परीक्षा के विकल्प की मांग कर रहा है।
वरिष्ठता सूची तैयार नहीं, इसलिए बढ़ी प्रमोशन की तारीख
शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया में एक और बड़ी समस्या सामने आई है। 10 अगस्त को स्कूल शिक्षा विभाग की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी संभागीय संयुक्त संचालकों (JD) और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) से प्रमोशन प्रक्रिया की स्थिति की जानकारी ली गई। बैठक में कई अधिकारियों ने बताया कि अभी तक वरिष्ठता सूची पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है। इसके अलावा शिक्षकों को दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए भी पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। इसी वजह से प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय देने का फैसला लिया गया। अब 15 अगस्त की जगह 30 अगस्त तक प्रमोशन प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
30 जून की बैठक में तय हुई थी 15 अगस्त की डेडलाइन
इससे पहले विभागीय स्तर पर 30 जून को हुई बैठक में शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी करने का शेड्यूल तय किया गया था। लेकिन वरिष्ठता सूची और दावा-आपत्ति से जुड़ी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण अब इसमें 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत दी गई है। इससे शिक्षकों को अपनी वरिष्ठता और पात्रता से जुड़े रिकॉर्ड की जांच तथा आपत्तियों के निराकरण के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है।
अब 28 हजार शिक्षकों के सामने क्या स्थिति है?
मौजूदा व्यवस्था के अनुसार TET पास करना प्रमोशन के लिए अनिवार्य किए जाने से परीक्षा में असफल रहे करीब 28 हजार शिक्षकों को फिलहाल पदोन्नति नहीं मिल पाएगी। हालांकि, शिक्षक संगठन लगातार विभागीय परीक्षा या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। इसलिए आने वाले दिनों में सरकार या स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में कोई नया निर्णय आता है या नहीं, इस पर शिक्षकों की नजर बनी हुई है।
शिक्षकों के लिए आगे क्या होगा?
अब प्रमोशन प्रक्रिया की नई डेडलाइन 30 अगस्त 2026 है। इस दौरान वरिष्ठता सूची तैयार करने, दावा-आपत्तियों का निराकरण करने और पात्र शिक्षकों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। वहीं TET को लेकर शिक्षक संगठनों और विभाग के बीच मतभेद बना हुआ है। यदि सरकार TET की अनिवार्यता में कोई बदलाव नहीं करती है, तो TET पास नहीं करने वाले शिक्षकों की पदोन्नति फिलहाल रुक सकती है।