भोपाल: मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने कृषि अनुसंधान, सड़क कनेक्टिविटी, महिला सम्मान और औद्योगिक हादसों की जांच से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने दी। बैठक में इछावर के भावखेड़ी में सोयाबीन रिसर्च यूनिट स्थापित करने और भोपाल-विदिशा मार्ग को सिक्स लेन में अपग्रेड करने जैसे फैसले प्रमुख रहे।
इछावर में बनेगा सोयाबीन रिसर्च सेंटर
कैबिनेट ने नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए इछावर के भावखेड़ी में रिसर्च यूनिट स्थापित करने का रास्ता साफ कर दिया है। इसके लिए सरकार की ओर से 20 हेक्टेयर जमीन निशुल्क और स्थायी पट्टे पर आवंटित की जाएगी।रिसर्च सेंटर में सोयाबीन की फसल को प्रभावित करने वाली बीमारियों और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं पर अध्ययन किया जाएगा। वैज्ञानिक शोध के जरिए इन समस्याओं के समाधान और किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
किसानों को मिलेगा रिसर्च का फायदा
सोयाबीन मध्यप्रदेश की प्रमुख खरीफ फसलों में शामिल है। फसल में होने वाली बीमारियों और उत्पादन से जुड़ी चुनौतियों का वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन होने से किसानों को भविष्य में बेहतर तकनीक और समाधान मिल सकेंगे।रिसर्च यूनिट स्थापित होने से क्षेत्र में कृषि क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
भोपाल-विदिशा टू लेन अब बनेगा सिक्स लेन
कैबिनेट ने भोपाल-विदिशा मार्ग के उन्नयन को भी मंजूरी दी है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी के तहत मौजूदा टू लेन सड़क को विस्तार देकर सिक्स लेन किया जाएगा।सरकार के अनुसार इस परियोजना की कुल स्वीकृत लागत करीब 1,757 करोड़ रुपए है। परियोजना को निर्धारित अवधि में पूरा करने की योजना है। सड़क के चौड़ीकरण से भोपाल और विदिशा के बीच यातायात व्यवस्था बेहतर होने और कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
परियोजना के लिए राशि में किया गया प्रावधान
बताया गया कि इस परियोजना के लिए पहले 1,467.42 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे, जबकि 1,617.70 करोड़ रुपए की राशि जारी की जा चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि से संबंधित मद के लिए 140 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों को मिलाकर परियोजना की कुल स्वीकृत लागत करीब 1,757 करोड़ रुपए बताई गई है।
महिलाओं के वीरता पुरस्कार की राशि बढ़ी
कैबिनेट ने विपरीत परिस्थितियों में साहस और संघर्ष के साथ काम करने वाली महिलाओं को दिए जाने वाले वीरता पुरस्कार से जुड़ा अहम फैसला लिया है। संघर्षशील महिलाओं को 2 लाख रुपए का पुरस्कार देने का प्रावधान किया गया है।इसके साथ ही रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि भी बढ़ा दी गई है। पहले यह पुरस्कार 1 लाख रुपए का था, जिसे बढ़ाकर अब 2 लाख रुपए कर दिया गया है।
वन प्रबंधन समितियों के लाभांश पर भी चर्चा
कैबिनेट बैठक में वन प्रबंधन समितियों के तहत काम करने वाले श्रमिकों को मिलने वाले लाभांश के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। प्रस्ताव है कि लाभांश का लाभ केवल मध्यप्रदेश के मूल निवासी श्रमिकों को दिया जाए।हालांकि, इस विषय पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। सरकार की ओर से इस संबंध में आगे की प्रक्रिया और नियमों के आधार पर फैसला लिया जाएगा।
रोजगार और विकास पर सरकार का फोकस
कैबिनेट के इन फैसलों से एक तरफ कृषि अनुसंधान को बढ़ावा देने की कोशिश है, तो दूसरी ओर सड़क कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इछावर में रिसर्च सेंटर और भोपाल-विदिशा सिक्स लेन परियोजना से क्षेत्रीय विकास के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।