नई दिल्ली - अमेरिका के यूजीन में आयोजित विश्व एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप में भारत के 19 वर्षीय शाहनवाज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में 7.84 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ शाहनवाज विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप के पुरुष लंबी कूद वर्ग में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। उनकी सफलता से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के साथ-साथ उनके परिवार और गांव में खुशी का माहौल है।

नहर की पटरी से विश्व मंच तक का सफर
शाहनवाज की सफलता की कहानी बेहद संघर्षपूर्ण रही है। प्रतापगढ़ के संग्रामपुर मधई का पुरवा गांव के पास नहर की पटरी पर उन्होंने स्थानीय बच्चों और दोस्तों के साथ लंबी कूद का अभ्यास शुरू किया था। उस समय उनके पास बेहतर खेल सुविधाएं और संसाधन नहीं थे, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों को अपनी राह में बाधा नहीं बनने दिया।
परिवार ने भी झेला संघर्ष
शाहनवाज के पिता स्वर्गीय मोहम्मद नफीस और दादा जमीलुद्दीन मुंबई में टैक्सी चलाते थे। परिवार की सीमित आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद शाहनवाज ने खेल के प्रति अपना जुनून कायम रखा। उनके दादा के मुताबिक, वरिष्ठ एथलीट मोहम्मद हदीस खान के मार्गदर्शन में उन्होंने लंबी कूद की तकनीक सीखी और धीरे-धीरे अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाया।
मुंबई में जारी रखा प्रशिक्षण
शाहनवाज ने आगे बढ़ने के लिए मुंबई का रुख किया। कोविड काल के दौरान उन्होंने पनवेल स्थित पिल्लई कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में दाखिला लिया। पढ़ाई के साथ उन्होंने अपना प्रशिक्षण भी जारी रखा। यहां उन्हें कोच इंजामामुल हक का मार्गदर्शन मिला। करीब दो साल तक प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने अपनी तकनीक, फिटनेस और प्रदर्शन में लगातार सुधार किया।
SAI से जुड़कर मिली नई दिशा
वर्ष 2024 में शाहनवाज स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के तिरुवनंतपुरम केंद्र से जुड़ गए। यहां उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं का अवसर मिला। लगातार मेहनत का नतीजा अब विश्व मंच पर उनके ऐतिहासिक कांस्य पदक के रूप में सामने आया है।
भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में नया अध्याय
शाहनवाज की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में भारत की शाइली सिंह ने 2021 में महिला लंबी कूद में रजत पदक जीता था। अब पुरुष वर्ग में शाहनवाज ने कांस्य पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में नया इतिहास रचा है। नहर की पटरी से शुरू हुआ उनका सफर अब विश्व एथलेटिक्स के बड़े मंच तक पहुंच चुका है। शाहनवाज की कहानी सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के दम पर सफलता हासिल करने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
ऐप डाउनलोड करें