भोपाल, 11 अगस्त 2026 | मध्य प्रदेश सरकार 30 जून 2026 को बिना पदोन्नति लाभ के सेवानिवृत्त हुए पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोफार्मा प्रमोशन देने की तैयारी कर रही है। विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया में जिन कर्मचारियों के मामलों पर विचार हुआ, लेकिन अंतिम आदेशों में उनके नाम शामिल नहीं हो पाए, उन्हें आगामी विभागीय पदोन्नति समितियों के माध्यम से राहत दी जा सकती है। रिपोर्टों के अनुसार इससे प्रदेश के करीब 20 हजार से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संभावित लाभ मिल सकता है। हालांकि यह आंकड़ा अभी अंतिम पात्रता सूची नहीं है। प्रत्येक कर्मचारी की पात्रता उसके विभाग, संवर्ग, रिक्त पद, वरिष्ठता, सेवा अभिलेख और संबंधित चयन वर्ष के आधार पर अलग-अलग निर्धारित होगी।
पदोन्नति प्रक्रिया में कहां हुई चूक?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 3 जुलाई को हुई विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में 30 जून को सेवानिवृत्त हुए कई पात्र कर्मचारियों के नाम विचार के दायरे में थे। इसके बाद जारी अंतिम पदोन्नति आदेश में इन कर्मचारियों के नाम शामिल नहीं हुए, जिससे वे पदोन्नति का लाभ लिए बिना ही रिटायर हो गए। मंत्रालय स्तर पर भी ऐसे 14 अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रकरण सामने आने की जानकारी है। उच्चस्तरीय विचार-विमर्श के बाद संबंधित विभागों को आगामी DPC में पात्र मामलों पर नियमानुसार निर्णय लेने की दिशा में काम करने को कहा गया है।
प्रोफार्मा प्रमोशन क्या होता है?
प्रोफार्मा या काल्पनिक पदोन्नति में सेवानिवृत्त कर्मचारी को उच्च पद पर वास्तविक रूप से काम करने का अवसर नहीं मिलता। उसे पदोन्नत पद का प्रशासनिक प्रभार या नया पदनाम भी नहीं दिया जाता। इसके बजाय उस उच्च पद के वेतनमान के आधार पर कर्मचारी का काल्पनिक वेतन निर्धारित किया जाता है। इसी गणना से पेंशन भुगतान आदेश यानी PPO में संशोधन हो सकता है और कर्मचारी की मासिक पेंशन बढ़ सकती है।
| विषय | वास्तविक पदोन्नति | प्रोफार्मा पदोन्नति |
|---|---|---|
| उच्च पद पर कार्यभार | मिलता है | नहीं मिलता |
| नया पदनाम | मिलता है | सामान्यतः नहीं |
| उच्च पद का वेतन | सेवा अवधि में मिलता है | काल्पनिक रूप से निर्धारित |
| पेंशन पर प्रभाव | होता है | पात्रता मिलने पर हो सकता है |
| पिछले वेतन का एरियर | आदेश के अनुसार | सामान्यतः नहीं |
| लाभ का आधार | पद ग्रहण और सेवा | DPC तथा काल्पनिक वेतन निर्धारण |
क्या कर्मचारियों को पिछला एरियर भी मिलेगा?
उपलब्ध सरकारी विभागीय प्रोफार्मा पदोन्नति आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित कर्मचारियों को पिछला वेतन एरियर देय नहीं होगा, लेकिन वे काल्पनिक वेतन निर्धारण के पात्र होंगे। इसी काल्पनिक वेतन के आधार पर पेंशन संबंधी लाभ निर्धारित किया जा सकता है।
इसका अर्थ है कि सेवानिवृत्ति से पहले के महीनों या वर्षों का पूरा बढ़ा हुआ वेतन एकमुश्त नहीं दिया जाएगा। अंतिम लाभ संबंधित विभाग के आदेश, पदोन्नति की प्रभावी तारीख और पेंशन नियमों के अनुसार तय होगा।
पेंशन कैसे बढ़ सकती है?
पात्र कर्मचारी के लिए पहले यह निर्धारित किया जाएगा कि उसे किस चयन वर्ष में और किस पद पर पदोन्नति मिलनी थी। इसके बाद उस पद का वेतन स्तर, संभावित मूल वेतन और लागू वेतनवृद्धि के आधार पर काल्पनिक वेतन तय होगा। इस संशोधित वेतन के आधार पर नया पेंशन भुगतान आदेश जारी किया जा सकता है। पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसकी कोई एक समान राशि नहीं होगी। यह कर्मचारी के पुराने वेतन स्तर, पदोन्नत पद, सेवा अवधि और संबंधित विभागीय गणना पर निर्भर करेगी।
क्या सभी 20 हजार सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लाभ मिलेगा?
नहीं। करीब 20 हजार का आंकड़ा संभावित रूप से प्रभावित कर्मचारियों का अनुमान है। प्रत्येक सेवानिवृत्त कर्मचारी को स्वतः प्रोफार्मा पदोन्नति नहीं मिलेगी।
संभावित पात्रता के लिए सामान्यतः इन बिंदुओं की जांच होगी:
- संबंधित चयन वर्ष में पद रिक्त था या नहीं।
- कर्मचारी पदोन्नति के विचार क्षेत्र में था या नहीं।
- वरिष्ठता सूची में उसकी स्थिति क्या थी।
- आवश्यक सेवा अवधि पूरी थी या नहीं।
- APAR अथवा गोपनीय चरित्रावली निर्धारित स्तर की थी या नहीं।
- कोई विभागीय जांच, दंड या दूसरी अपात्रता लंबित तो नहीं थी।
- कर्मचारी का मामला DPC के सामने रखा गया था या नियमानुसार रखा जाना चाहिए था।
यह पात्रता प्रक्रिया मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 और विभागीय सेवा नियमों के अंतर्गत पूरी होगी। नए पदोन्नति नियम जून 2025 में अधिसूचित हुए थे और विभागों ने 2026 में इनके तहत पदोन्नति आदेश जारी किए हैं।
DPC में किन वर्षों की APAR देखी जाएगी?
सामान्य प्रशासन विभाग के स्पष्टीकरण से संबंधित रिपोर्टों के अनुसार 2026 में होने वाली DPC के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक की पांच वर्षों की गोपनीय चरित्रावली या APAR देखी जानी है। सितंबर से नवंबर के बीच प्रस्तावित कुछ DPC में दिसंबर 2026 तक की रिक्तियों के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक के अभिलेखों पर विचार किए जाने की जानकारी है। किसी पुराने चयन वर्ष की DPC लंबित होने पर पहले उस वर्ष के लिए अलग चयन सूची तैयार की जानी होगी।
35–36 साल सेवा देने वाले कर्मचारियों को राहत
वर्ष 1990 के आसपास सरकारी सेवा में आए बड़ी संख्या में कर्मचारी जून 2026 में 35 से 36 वर्ष की सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त हुए। इनमें कई ऐसे कर्मचारी बताए जा रहे हैं, जो पदोन्नति की पात्रता के दायरे में थे, लेकिन प्रक्रिया या आदेश में हुई देरी के कारण उन्हें उच्च पद का लाभ नहीं मिल सका। प्रोफार्मा पदोन्नति मिलने पर इन्हें पद पर काम करने का अवसर तो नहीं मिलेगा, लेकिन पेंशन में संभावित बढ़ोतरी से दीर्घकालिक आर्थिक राहत मिल सकती है।
कर्मचारियों को क्या करना चाहिए?
30 जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए संबंधित कर्मचारी अपने विभाग से वरिष्ठता सूची, DPC की स्थिति और पदोन्नति आदेश की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सेवा पुस्तिका, अंतिम वेतन प्रमाणपत्र, APAR, सेवानिवृत्ति आदेश और मौजूदा PPO की प्रतियां सुरक्षित रखना उपयोगी होगा। विभागीय आदेश जारी होने के बाद पात्र कर्मचारी को संशोधित वेतन निर्धारण और PPO संशोधन के लिए अलग आवेदन देना पड़ सकता है। वास्तविक प्रक्रिया संबंधित विभाग और पेंशन कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों से स्पष्ट होगी।
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