भोपाल, 11 अगस्त 2026 | मध्य प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, लीलाओं और सांस्कृतिक विरासत पर केंद्रित ‘श्रीकृष्ण पर्व’ का प्रदेशव्यापी आयोजन किया जाएगा। संस्कृति विभाग 29 अगस्त से 6 सितंबर तक राज्य के अलग-अलग जिलों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगामी पर्वों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए श्रीकृष्ण पर्व में संस्कृति विभाग के साथ स्कूल शिक्षा, जनजातीय कार्य विभाग और नगरीय निकायों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
भोपाल में सात दिनों तक होगा श्री रासलीला समारोह
श्रीकृष्ण पर्व का प्रमुख आयोजन भोपाल के रवीन्द्र भवन में होगा। यहां 29 अगस्त से 4 सितंबर तक सात दिवसीय श्री रासलीला समारोह आयोजित किया जाएगा।
समारोह में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, बाल लीलाओं, ब्रज प्रसंगों और जीवन से जुड़े अन्य आख्यानों को मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया जाएगा। कलाकार नृत्य, अभिनय, संगीत और पारंपरिक नाट्य शैली के जरिए श्रीकृष्ण की अलग-अलग लीलाओं को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेंगे।
प्रदेश के 101 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम
राज्य सरकार की योजना के अनुसार श्रीकृष्ण पर्व के दौरान मध्य प्रदेश के 101 स्थानों पर सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों का विषय भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनकी शिक्षाओं और अलग-अलग लीलाओं पर आधारित होगा।
प्रस्तावित कार्यक्रमों में श्रीकृष्ण लीला, नृत्य-नाट्य, भक्ति गायन, पारंपरिक नृत्य, संगीत और कथा-आधारित मंचन शामिल रहेंगे। उपलब्ध घोषणा में सभी 101 स्थानों, कलाकारों और कार्यक्रमों की दिनवार समय-सारिणी जारी नहीं की गई है। जिला स्तर पर विस्तृत कार्यक्रम संबंधित प्रशासन और संस्कृति विभाग की अगली सूचनाओं से स्पष्ट होंगे।
श्रीकृष्ण से जुड़े 25 स्थलों पर विशेष प्रस्तुतियां
प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और विभिन्न प्रसंगों से जुड़े 25 स्थानों पर स्थल-विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन स्थानों पर संबंधित स्थानीय आख्यान और धार्मिक मान्यता के अनुसार कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।
इन कार्यक्रमों में लीला-केंद्रित गतिविधियां, भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों पर नृत्य-नाट्य और बलराम-श्रीकृष्ण पर आधारित भक्ति गायन शामिल होगा। सरकार का उद्देश्य स्थानीय धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक परंपराओं को मंचीय कला से जोड़ना है।
स्कूल और जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचेगा आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग को भी श्रीकृष्ण पर्व की गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इससे विद्यालय स्तर पर श्रीकृष्ण के जीवन, चरित्र और शिक्षाओं पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रतियोगिताएं या अन्य गतिविधियां आयोजित की जा सकती हैं। इनके वास्तविक स्वरूप की जानकारी विभागीय आदेश के बाद सामने आएगी।
जनजातीय कार्य विभाग की भागीदारी से जनजातीय क्षेत्रों में प्रचलित लोककला, लोकसंगीत और पारंपरिक नृत्य शैलियों के माध्यम से श्रीकृष्ण प्रसंगों की प्रस्तुतियां आयोजित करने का रास्ता खुलेगा। नगरीय निकाय आयोजन स्थलों की व्यवस्था, स्वच्छता और स्थानीय समन्वय में सहयोग करेंगे।
जन्माष्टमी पर सजेंगे मंदिर, चलेगा स्वच्छता अभियान
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जिला प्रशासन के अंतर्गत आने वाले कृष्ण मंदिरों, मठों और देवालयों का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। धार्मिक स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाने की भी योजना है।
सभी जिलों के महत्वपूर्ण स्थलों पर संस्कृति विभाग के माध्यम से अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टरों को आयोजन संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं, जबकि मंदिरों में होने वाली गतिविधियों के लिए तीर्थ स्थान एवं मेला प्राधिकरण का सहयोग भी लिया जाएगा।
2 सितंबर को मनाई जाएगी बलराम जयंती
श्रीकृष्ण पर्व की अवधि के बीच 2 सितंबर को प्रदेश में बलराम जयंती भी मनाई जाएगी। इस अवसर पर कृषि से जुड़े पारंपरिक कला रूपों की प्रस्तुतियां, ग्रामीण खेल-कूद प्रतियोगिताएं और आधुनिक कृषि उपकरण, खाद, बीज तथा कृषि औषधियों पर केंद्रित प्रदर्शनियां आयोजित करने की योजना है। बलराम जयंती के कार्यक्रमों में संस्कृति विभाग के साथ खेल एवं युवा कल्याण तथा किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की भागीदारी रहेगी।
FAQ: मध्य प्रदेश श्रीकृष्ण पर्व 2026
1. मध्य प्रदेश में श्रीकृष्ण पर्व कब मनाया जाएगा?
प्रदेश में श्रीकृष्ण पर्व 29 अगस्त से 6 सितंबर 2026 तक मनाया जाएगा।
2. भोपाल में रासलीला समारोह कहां होगा?
सात दिवसीय श्री रासलीला समारोह भोपाल के रवीन्द्र भवन में 29 अगस्त से 4 सितंबर तक आयोजित होगा।
3. प्रदेश में कितने स्थानों पर कार्यक्रम होंगे?
भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक गतिविधियां प्रदेश के 101 स्थानों पर आयोजित की जाएंगी।
4. श्रीकृष्ण पर्व में कौन-कौन से विभाग शामिल होंगे?
संस्कृति विभाग के साथ स्कूल शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग और नगरीय निकायों को आयोजन में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
5. जन्माष्टमी पर मंदिरों में क्या कार्यक्रम होंगे?
कृष्ण मंदिरों, मठों और देवालयों का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान और स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।