भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है और आंधी के साथ बारिश का दौर जारी है। लो प्रेशर सिस्टम के प्रभाव से कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई है। सीहोर जिले के श्यामपुर में बीते 24 घंटे के दौरान 210 मिलीमीटर यानी 8 इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई, जिसके बाद नदी-नालों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है।मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। भोपाल, उज्जैन, सागर, सीहोर, रतलाम, राजगढ़ समेत कई जिलों में तेज बारिश और 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
छह जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा
लगातार बारिश के बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के छह जिलों के लिए अचानक बाढ़ और जलभराव को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है।आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में निचले इलाकों में अचानक पानी भरने या फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।यह चेतावनी 11 अगस्त की सुबह 11:30 बजे तक प्रभावी रहने की संभावना है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को नदी-नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
श्यामपुर में 8 इंच से ज्यादा बारिश
प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान सीहोर जिले के श्यामपुर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। यहां 210 मिलीमीटर यानी 8 इंच से अधिक बारिश हुई।कम समय में इतनी ज्यादा बारिश होने से कई इलाकों में पानी तेजी से जमा हो सकता है। नदी-नालों के जलस्तर में भी अचानक बढ़ोतरी की संभावना रहती है। ऐसे में निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अब भी औसत से 15 फीसदी कम बारिश
हालांकि हाल के दिनों में बारिश ने जोर पकड़ा है, लेकिन पूरे मानसूनी सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्यप्रदेश में अब भी औसत से कम बारिश दर्ज हुई है।मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में इस सीजन अब तक औसत से करीब 15 फीसदी कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में यह कमी लगभग 18 फीसदी और पश्चिमी हिस्से में करीब 13 फीसदी बताई गई है।आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से इस अंतर के कुछ कम होने की उम्मीद है।
बंगाल की खाड़ी में फिर बनेगा सिस्टम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में मौजूदा बारिश की गतिविधियों के पीछे उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के आसपास बना लो प्रेशर सिस्टम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह सिस्टम सोमवार सुबह उत्तर मध्यप्रदेश की ओर बढ़ा, जिसके कारण पूर्वी और मध्य हिस्सों में आंधी-बारिश का असर देखने को मिला। बंगाल की खाड़ी में एक नया लो प्रेशर सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 13 अगस्त के बाद मध्यप्रदेश में भारी बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं।
10 से 11 अगस्त: इन जिलों में भारी बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 10 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 11 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक रतलाम, सीहोर, राजगढ़, उज्जैन और आगर-मालवा में कहीं-कहीं अति भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।इन क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, झाबुआ, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सागर और पांढुर्णा में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
11 से 12 अगस्त: पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में असर
11 अगस्त सुबह से 12 अगस्त सुबह तक राजगढ़, अलीराजपुर, रतलाम, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी, मुरैना और श्योपुर में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है।इन जिलों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।वहीं भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर समेत प्रदेश के बड़े हिस्से में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
12 से 13 अगस्त: इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
12 अगस्त सुबह से 13 अगस्त सुबह तक रतलाम, मंदसौर, नीमच और श्योपुर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।इनके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
13 से 14 अगस्त: पूर्वी MP में बढ़ सकता है बारिश का जोर
13 अगस्त सुबह से 14 अगस्त सुबह तक सीधी, अनूपपुर और डिंडोरी में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज हवाएं चलने की संभावना है।पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, कटनी और पांढुर्णा जैसे जिलों में भी मौसम सक्रिय रह सकता है।
भोपाल और उज्जैन समेत कई शहरों पर नजर
लगातार बदलते मौसम के बीच राजधानी भोपाल और उज्जैन समेत प्रदेश के कई बड़े शहरों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती उन क्षेत्रों में होगी, जहां कम समय में ज्यादा बारिश होने पर पानी तेजी से भरता है।