राजगढ़। राजगढ़ जिले में सोमवार सुबह तेज बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। पचोर-सारंगपुर मार्ग पर पड़ाना कस्बे के पास पानी के तेज बहाव में एक ईको वैन नाले में बह गई। हादसे में तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत कुल 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि वैन में सवार दो युवकों ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई।हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। एसडीईआरएफ की टीम ने क्रेन की मदद से नाले में बही कार को बाहर निकाला।
तेज बारिश के बीच हुआ हादसा
यह दुर्घटना सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे पड़ाना कस्बे के पास हुई। बताया गया कि पचोर-सारंगपुर रोड पर झिरी नाले के ऊपर करीब 30 फीट लंबे पुल का निर्माण कार्य चल रहा है।लगातार बारिश के कारण नाले का पानी बढ़ गया था और पानी निर्माणाधीन पुल के ऊपर से बह रहा था। इसी दौरान ईको वैन वहां पहुंची। पानी के तेज बहाव और अधूरे पुल की स्थिति का अंदाजा ड्राइवर नहीं लगा सका और वाहन आगे बढ़ गया।जैसे ही वैन पुल के हिस्से से आगे गई, वह पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई और देखते ही देखते नाले में बह गई।
3 बच्चों और 2 महिलाओं समेत 9 की मौत
पुलिस के मुताबिक, ईको वैन में सवार सभी लोग देवास जिले के सतवास क्षेत्र के धांसड़ गांव के रहने वाले थे। वे किसी काम से कड़लावद गांव की ओर जा रहे थे।हादसे में तीन बच्चों, दो महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में मदद करने की कोशिश की।हादसे में दो युवक किसी तरह वाहन से बाहर निकलने में सफल रहे और तैरकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचे। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ड्राइवर को नहीं दिखा अधूरा पुल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार झिरी नाले पर करीब 30 फीट लंबा पुल निर्माणाधीन है। भारी बारिश के कारण पानी पुल के ऊपर से बह रहा था।बताया जा रहा है कि पानी और बारिश के बीच ड्राइवर को पुल का अधूरा हिस्सा दिखाई नहीं दिया। उसने वाहन आगे बढ़ा दिया। इसके बाद ईको वैन तेज बहाव में फंस गई और नाले में जा गिरी।
रेस्क्यू टीम ने क्रेन की मदद से निकाली कार
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।एसडीएम और एसडीओपी भी घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद एसडीईआरएफ की टीम को रेस्क्यू अभियान में लगाया गया।तेज बहाव और पानी की स्थिति को देखते हुए बचाव दल को काफी सावधानी के साथ काम करना पड़ा। अंततः क्रेन की मदद से नाले में बही ईको वैन को बाहर निकाला गया।
कार के अंदर नहीं मिला कोई व्यक्ति
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कार को बाहर निकालने के बाद उसकी तलाशी ली गई। टीआई ने बताया कि वाहन के अंदर कोई व्यक्ति नहीं मिला।इससे पहले दो युवकों के तैरकर बाहर आने की जानकारी सामने आई थी, जबकि अन्य लोगों की तलाश और रेस्क्यू प्रक्रिया के बाद हादसे में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई।
अस्पताल में भर्ती हैं दो युवक
हादसे में अपनी जान बचाने वाले दो युवकों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। उनकी स्थिति और हादसे से जुड़ी अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाने में लगी हैं। हादसे के कारणों और निर्माणाधीन पुल की स्थिति को लेकर भी जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।सरकार की ओर से हादसे में प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है। घटना के बाद प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के दौरान सावधानी बेहद जरूरी
राजगढ़ में हुई यह घटना बारिश के मौसम में नदी-नालों और पुल-पुलियों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत को सामने लाती है। तेज बारिश के दौरान कई बार पानी अचानक बढ़ जाता है और सामान्य दिखने वाला रास्ता भी कुछ ही समय में खतरनाक हो सकता है।ऐसे में लोगों को जलभराव वाले रास्तों, निर्माणाधीन पुलों और तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार करने से बचना चाहिए। प्रशासन के लिए भी ऐसे संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और यातायात रोकने जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण हो जाता है।