भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार हो रही तेज बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला लिया है। सोमवार 10 अगस्त 2026 को भोपाल जिले के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के छात्रों पर लागू होगा।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक भारी बारिश और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि लगातार बारिश के बीच बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी और जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।
नर्सरी से 12वीं तक के छात्रों को छुट्टी
भोपाल जिले में जारी आदेश के अनुसार सोमवार को नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं नहीं लगेंगी। यानी प्री-प्राइमरी से लेकर हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर तक के छात्र-छात्राओं को स्कूल नहीं जाना होगा।यह फैसला बारिश की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
सरकारी से लेकर निजी स्कूलों तक आदेश लागू
स्कूलों की छुट्टी का यह आदेश केवल सरकारी विद्यालयों तक सीमित नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अनुसार भोपाल जिले के शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए यह अवकाश लागू रहेगा।इसके दायरे में अलग-अलग शिक्षा बोर्ड से संबद्ध विद्यालय भी शामिल हैं। इनमें मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE), CBSE और ICSE समेत अन्य बोर्ड के स्कूल शामिल हैं।इसका मतलब है कि भोपाल जिले में संचालित सभी संबंधित विद्यालयों को सोमवार को विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रखने होंगे।
छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला
भोपाल में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। ऐसे में स्कूल जाने और वापस घर लौटने के दौरान विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है।खासकर निचले इलाकों में पानी भरने और कई सड़कों पर जलजमाव होने से यातायात प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने इसी स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों को घर पर सुरक्षित रखने का फैसला लिया है।बारिश के दौरान सड़क पर पानी का बहाव बढ़ने, यातायात बाधित होने और अचानक जलभराव की स्थिति बनने की आशंका रहती है। बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से स्कूल बंद रखने का निर्णय इसी सावधानी का हिस्सा है।
शिक्षकों और कर्मचारियों को नहीं मिली छुट्टी
विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रखने के बावजूद शिक्षकों और विद्यालयीन कर्मचारियों का अवकाश नहीं रहेगा।जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी शिक्षक और स्कूल कर्मचारी अपने निर्धारित विद्यालयीन समय के अनुसार स्कूल में उपस्थित रहेंगे। यानी स्कूल परिसर विद्यार्थियों के लिए बंद रहेगा, लेकिन शिक्षक और अन्य कर्मचारी अपने प्रशासनिक एवं आवश्यक कार्यों के लिए विद्यालय में मौजूद रहेंगे।
निचले इलाकों में जलभराव से बढ़ी परेशानी
भोपाल में लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले हिस्सों में पानी जमा होने की स्थिति बनी है। कुछ मार्गों पर जलभराव के कारण वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों के सामने दोहरी परेशानी पैदा हो सकती थी। एक ओर बारिश के बीच यात्रा करना और दूसरी ओर जलभराव वाले रास्तों से गुजरना जोखिमपूर्ण हो सकता है।प्रशासन ने इसी संभावित खतरे को देखते हुए विद्यार्थियों को स्कूल नहीं बुलाने का फैसला किया है।
स्कूल प्रबंधन को आदेश का पालन करने के निर्देश
जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधनों को निर्देश दिया है कि विद्यार्थियों के लिए घोषित अवकाश का पूरी तरह पालन किया जाए।स्कूलों से यह भी अपेक्षा की गई है कि वे अभिभावकों और विद्यार्थियों तक छुट्टी की जानकारी समय पर पहुंचाएं, ताकि खराब मौसम के बीच किसी छात्र को स्कूल आने की जरूरत न पड़े।
मौसम की स्थिति पर प्रशासन की नजर
भोपाल में बारिश का दौर जारी रहने के कारण जिला प्रशासन मौसम और जलभराव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बारिश की तीव्रता बढ़ने की स्थिति में संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।फिलहाल सोमवार के लिए विद्यार्थियों को स्कूल से राहत दी गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भारी बारिश के दौरान बच्चों को अनावश्यक आवागमन से बचाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।लगातार बारिश के बीच भोपाल जिला प्रशासन का यह फैसला विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। नर्सरी से 12वीं तक के छात्रों को सोमवार को स्कूल नहीं जाना होगा, जबकि शिक्षक और विद्यालयीन कर्मचारी अपने निर्धारित समय पर स्कूल में उपस्थित रहेंगे।