नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक राहुल नवीन के कार्यकाल को एक और साल के लिए बढ़ा दिया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) की ओर से जारी आदेश के अनुसार राहुल नवीन अब 13 अगस्त 2027 तक प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक पद पर बने रहेंगे। उनका मौजूदा कार्यकाल 13 अगस्त 2026 को समाप्त होना था।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब ED देश में मनी लॉन्ड्रिंग, विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन और आर्थिक अपराधों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच कर रही है। राहुल नवीन के नेतृत्व में एजेंसी ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों में जांच और कार्रवाई को आगे बढ़ाया है।
13 अगस्त 2027 तक जारी रहेगी जिम्मेदारी
कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा शनिवार को जारी आदेश में कहा गया है कि राहुल नवीन का ED निदेशक के तौर पर कार्यकाल 13 अगस्त 2026 से आगे एक साल के लिए बढ़ाया गया है।इस विस्तार के बाद उनका कार्यकाल 13 अगस्त 2027 तक रहेगा। हालांकि आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उनका कार्यकाल 13 अगस्त 2027 या अगले आदेश तक, इनमें से जो पहले हो, तब तक प्रभावी रहेगा।
राहुल नवीन की नियमित सेवानिवृत्ति की तारीख 31 जुलाई 2027 है। ऐसे में नया कार्यकाल उनकी सामान्य सेवानिवृत्ति की तारीख के बाद भी ED निदेशक के रूप में उनकी सेवा जारी रखने की अनुमति देता है।
14 अगस्त 2024 से स्थायी ED निदेशक हैं राहुल नवीन
राहुल नवीन को सितंबर 2023 में प्रवर्तन निदेशालय का कार्यवाहक निदेशक नियुक्त किया गया था। इसके बाद 14 अगस्त 2024 से उन्होंने ED के स्थायी निदेशक के तौर पर जिम्मेदारी संभाली।वह 1993 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी हैं और आयकर कैडर से आते हैं। उनके कार्यकाल में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अपराधों से संबंधित कई मामलों की जांच को आगे बढ़ाया है।
ED ने कई बड़े मामलों में की जांच
राहुल नवीन के नेतृत्व में प्रवर्तन निदेशालय ने कई चर्चित मामलों में कार्रवाई की है। इनमें राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC, रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप और ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों से जुड़े मामले शामिल हैं।इसके अलावा एजेंसी ने रियल एस्टेट सेक्टर में घर खरीदारों के साथ कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामलों पर भी ध्यान केंद्रित किया। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत उपलब्ध कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कुछ मामलों में जब्त या अटैच की गई संपत्तियों को पीड़ितों तक वापस पहुंचाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य केवल आरोपियों के खिलाफ जांच करना ही नहीं, बल्कि आर्थिक अपराधों से प्रभावित लोगों को राहत दिलाने की दिशा में भी कदम उठाना रहा है।
पुराने मामलों के निपटारे पर भी फोकस
राहुल नवीन के कार्यकाल में ED ने लंबे समय से लंबित मामलों को कम करने की दिशा में भी काम शुरू किया। एजेंसी ने पुराने और लंबित मामलों के निस्तारण के लिए प्रक्रिया को व्यवस्थित करने पर जोर दिया।इसके तहत ऐसे मामलों को निपटाने की दिशा में कदम उठाए गए, जो अब निरस्त हो चुके विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (FERA) के तहत दर्ज किए गए थे। इसके साथ ही विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत कंपाउंडिंग की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया।इसका उद्देश्य पुराने मामलों के बोझ को कम करना और एजेंसी के संसाधनों को मौजूदा और महत्वपूर्ण मामलों की जांच पर अधिक प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करना है।
कौन हैं राहुल नवीन?
राहुल नवीन भारतीय राजस्व सेवा के अनुभवी अधिकारी हैं। उन्होंने तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ प्रबंधन और कराधान के क्षेत्र में भी उच्च शिक्षा हासिल की है।उन्होंने IIT कानपुर से B.Tech और M.Tech की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की Swinburne University of Technology, Melbourne से MBA किया।उनकी विशेषज्ञता प्रत्यक्ष कराधान, अंतरराष्ट्रीय टैक्स और ट्रांसफर प्राइसिंग जैसे विषयों में रही है। उन्होंने इन विषयों पर किताबों, जर्नल और विभिन्न लेखों के माध्यम से भी योगदान दिया है।
ED निदेशक का कार्यकाल कैसे बढ़ाया जाता है?
मौजूदा नियमों के तहत प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक की नियुक्ति शुरुआती तौर पर दो साल के लिए की जा सकती है। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार एक-एक साल के अधिकतम तीन विस्तार दिए जा सकते हैं।इसी व्यवस्था के तहत राहुल नवीन के कार्यकाल को भी अब एक साल के लिए आगे बढ़ाया गया है। इस विस्तार के साथ वह अगस्त 2027 तक ED की कमान संभालते रहेंगे, बशर्ते इससे पहले कोई नया आदेश जारी न हो।
ED के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह विस्तार?
प्रवर्तन निदेशालय वर्तमान में मनी लॉन्ड्रिंग, FEMA उल्लंघन और अन्य आर्थिक अपराधों से जुड़े कई मामलों की जांच कर रहा है। ऐसे में निदेशक स्तर पर निरंतरता से एजेंसी की चल रही जांच और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।राहुल नवीन के कार्यकाल में एजेंसी ने हाई-प्रोफाइल मामलों के अलावा पुराने मामलों के निस्तारण और पीड़ितों को संपत्ति लौटाने जैसी प्रक्रियाओं पर भी काम किया है।उनका कार्यकाल बढ़ने से इन प्रक्रियाओं को आगे जारी रखने का अवसर मिलेगा।
रिटायरमेंट के बाद भी जारी रहेगी सेवा
राहुल नवीन की सामान्य सेवानिवृत्ति 31 जुलाई 2027 को होनी है, जबकि नए आदेश के अनुसार वह 13 अगस्त 2027 तक ED निदेशक के पद पर रह सकते हैं। यानी आदेश उन्हें उनकी निर्धारित सेवानिवृत्ति की तारीख के बाद भी कुछ समय तक सेवा जारी रखने की अनुमति देता है।हालांकि, सरकारी आदेश के अनुसार यह विस्तार 13 अगस्त 2027 या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा।