भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। रविवार को प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में कई जगहों पर तेज बारिश हुई। रायसेन, नरसिंहपुर, डिंडौरी और अनूपपुर में अति भारी बारिश, जबकि गुना, विदिशा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भारी वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं और कुछ मार्गों पर आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
भोपाल में हल्की बारिश, कई जिलों में झमाझम
घने बादलों और करीब 98 प्रतिशत तक नमी के बावजूद राजधानी भोपाल में रविवार को केवल हल्की फुहारें पड़ीं। शनिवार रात से रविवार शाम 5:30 बजे तक भोपाल में करीब 6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इसके विपरीत प्रदेश के पूर्वी हिस्से और आसपास के जिलों में कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश हुई। डिंडौरी, रायसेन और अन्य जिलों में कई मौसम केंद्रों पर भारी से अति भारी वर्षा दर्ज की गई।
डिंडौरी के बजाग में 150 मिमी बारिश
शनिवार रात से सोमवार सुबह तक सबसे अधिक बारिश डिंडौरी जिले के बजाग में 150 मिलीमीटर दर्ज की गई। डिंडौरी, समनापुर समेत कई इलाकों में अति भारी वर्षा हुई।
रायसेन के उदयपुरा में 143 मिमी और देवरी में 128.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण नर्मदा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।
विदिशा और गुना में नदियां उफान पर
विदिशा के पठारी क्षेत्र में इस सीजन की सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। यहां करीब 98 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके चलते रेहटी और बघर्रू नदियां उफान पर आ गईं।
रेहटी नदी का पानी बढ़ने के कारण पठारी-खुरई मार्ग बंद हो गया। वहीं बघर्रू नदी में पानी बढ़ने से पठारी-त्योंदा मार्ग पर भी आवागमन रोकना पड़ा।
गुना में भी रविवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही और शाम 5:30 बजे तक करीब 55 मिलीमीटर पानी दर्ज किया गया। नर्मदापुरम में 53 मिमी और पचमढ़ी में 63 मिमी बारिश हुई।
10 अगस्त को इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने सोमवार, 10 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
अति भारी बारिश:
रायसेन, नर्मदापुरम, जबलपुर, नरसिंहपुर और सिवनी।
भारी बारिश:
विदिशा, राजगढ़, बैतूल, गुना, कटनी, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, छतरपुर और पांढुर्णा।
इनके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी बारिश के साथ गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है।
कम दबाव के क्षेत्र से बढ़ी बारिश की गतिविधियां
मौसम विज्ञानियों के अनुसार उत्तर ओडिशा और झारखंड से आगे बढ़कर एक कम दबाव का क्षेत्र पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उससे लगे छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय है। इसका चक्रवाती परिसंचरण करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।
इसके अलावा मानसून ट्रफ भी इसी क्षेत्र से गुजर रही है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में नमी बढ़ी है और बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं।
नदियों और निचले इलाकों में बढ़ा खतरा
लगातार भारी बारिश के कारण नदियों और छोटी जलधाराओं का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से जलभराव और नदी-नालों के उफान वाले मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।