नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून इस समय पूरी तरह सक्रिय है। राजस्थान से लेकर मध्यप्रदेश और दिल्ली तक लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कई शहरों में सड़कें और कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं, जबकि नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार सुबह कुछ घंटों तक हुई तेज बारिश के बाद निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई। मध्यप्रदेश के डिंडौरी में भारी बारिश के बाद नर्मदा का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा है। वहीं राजधानी दिल्ली में अगस्त के शुरुआती आठ दिनों में ही पूरे महीने के औसत से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है।
जयपुर में तीन घंटे की बारिश से बिगड़े हालात
राजस्थान के जयपुर में रविवार सुबह करीब 6 बजे से 9 बजे तक लगातार तेज बारिश हुई। कम समय में हुई भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। कुछ स्थानों पर सड़कों पर करीब 3 से 4 फीट तक पानी जमा हो गया।जलभराव इतना अधिक रहा कि कई इलाकों में सड़क और नाले का अंतर ही दिखाई नहीं दिया। पानी घरों के अंदर तक पहुंचने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई परिवारों ने घरेलू सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखने की कोशिश की।बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। जलभराव वाले मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई और कुछ जगहों पर वाहन पानी के बीच फंसते नजर आए।
चूरू में भी कॉलोनियां जलमग्न
जयपुर के अलावा राजस्थान के चूरू में भी तेज बारिश का असर देखने को मिला। शहर की कई कॉलोनियों में पानी भरने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।बारिश के बाद निचले इलाकों में जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठे। लगातार बारिश होने की स्थिति में पहले से जमा पानी की निकासी में समय लग सकता है, जिससे लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मध्यप्रदेश में नर्मदा उफान पर, पुल के ऊपर से बह रहा पानी
मध्यप्रदेश में भी बारिश ने कई इलाकों में स्थिति बदल दी है। डिंडौरी जिले में शनिवार रात 9 बजे से रविवार सुबह 6 बजे तक करीब 6 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।भारी बारिश के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने की स्थिति में पहुंच गया है। पुल के ऊपर से पानी का बहाव होने के कारण यहां आवागमन को लेकर खतरा बढ़ गया है।ऐसे हालात में पुल पार करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा सड़क की सतह देखकर नहीं लगाया जा सकता। अचानक जलस्तर बढ़ने पर वाहन और लोग तेज बहाव की चपेट में आ सकते हैं।
डिंडौरी में रिकॉर्ड बारिश का असर
डिंडौरी में कुछ ही घंटों के भीतर हुई करीब 6 इंच बारिश ने नदी-नालों के जलस्तर को तेजी से बढ़ा दिया। ग्रामीण और नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने और संपर्क मार्ग प्रभावित होने की संभावना भी बनी हुई है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखना जरूरी हो गया है।
दिल्ली में 8 दिन में ही महीनेभर से ज्यादा बारिश
राजधानी दिल्ली में अगस्त के शुरुआती आठ दिन बारिश के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक 1 से 8 अगस्त के बीच दिल्ली में 230.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।यह आंकड़ा अगस्त महीने की सामान्य औसत बारिश 226.8 मिलीमीटर से भी अधिक है। यानी दिल्ली में सिर्फ आठ दिनों के भीतर ही पूरे अगस्त में होने वाली औसत बारिश का आंकड़ा पार हो गया।यह अगस्त 2024 के बाद इस अवधि में सबसे ज्यादा बारिश वाला अगस्त भी बताया जा रहा है। बारिश की अधिकता ने राजधानी की सड़कों, यातायात और निचले इलाकों पर दबाव बढ़ा दिया है।
दिल्ली में कई प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक जाम
बारिश के बाद दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। शनिवार को कालिंदी कुंज बॉर्डर, ITO और प्रेस एन्क्लेव मार्ग समेत कई सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।जलभराव और धीमी रफ्तार से चल रहे यातायात के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से अधिक समय लगा। कुछ स्थानों पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़े।बारिश के दौरान दिल्ली में सड़कों पर जलभराव की समस्या कई इलाकों में सामने आती है। ऐसे में लगातार बारिश होने पर ट्रैफिक व्यवस्था पर इसका असर और बढ़ सकता है।
तीन राज्यों में अलग-अलग रूप में बारिश बनी चुनौती
देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रही बारिश का असर भले ही अलग-अलग नजर आ रहा हो, लेकिन कई जगहों पर स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
राजस्थान: जयपुर में 3 से 4 फीट तक जलभराव और चूरू की कॉलोनियों में पानी भरने से परेशानी।
मध्य प्रदेश: डिंडौरी में करीब 6 इंच बारिश और नर्मदा का पानी पुल के ऊपर से बहने की स्थिति।
दिल्ली: अगस्त के पहले आठ दिनों में ही सामान्य मासिक औसत से अधिक बारिश।
इन परिस्थितियों से साफ है कि मानसून की सक्रियता का असर सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी जलभराव, यातायात और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर के रूप में भी सामने आ रहा है।
मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखना जरूरी
मानसून के इस दौर में मौसम तेजी से बदल सकता है। कई इलाकों में कुछ ही घंटों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखने और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।नदी, नाले या पुल के ऊपर पानी बहने की स्थिति में उसे पार करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। वहीं शहरी इलाकों में जलभराव वाले रास्तों से वाहन निकालने के बजाय सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना बेहतर है।
फिलहाल राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। कहीं सड़कें जलमग्न हैं तो कहीं नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है।