कांचरापाड़ा: पश्चिम बंगाल के कांचरापाड़ा में रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर हमला और भारी विरोध प्रदर्शन की घटना सामने आई। पुलिस हिरासत में मृत तृणमूल कार्यकर्ता बिरजू केओट के परिवार से मिलने पहुंचीं ममता बनर्जी की गाड़ी को घेरकर 'चोर-चोर' के नारे लगाए गए, साथ ही कीचड़, फटी चप्पलें और पत्थर फेंके गए।
ममता बनर्जी का आरोप: "पुलिस और बीजेपी दे रही अपराधियों को संरक्षण"
घटना के बाद ममता बनर्जी ने राज्य सरकार और पुलिस मंत्री शुभेंदु अधिकारी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के गुंडों ने उनकी गाड़ी पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके, जिससे उनका सिर फूट सकता था। ममता ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था खत्म हो चुकी है और पुलिस अपराधियों को सुरक्षा दे रही है। इस यात्रा में उनके साथ सांसद कल्याण बनर्जी और डोला सेन भी मौजूद थे।
लॉकअप में मौत को लेकर भड़का विवाद
मामला कांचरापाड़ा नगरपालिका के 23 नंबर वार्ड की पूर्व तृणमूल पार्षद जेनी शर्मा केओट के पति बिरजू केओट की मौत से जुड़ा है। वसूली के आरोप में हलिसहर थाना पुलिस ने बिरजू को गिरफ्तार किया था, जहां शनिवार को पुलिस हिरासत में उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से बिरजू की मौत हुई है।
बीजेपी का पलटवार: "शवों पर राजनीति कर रही हैं ममता"
बीजपुर से बीजेपी विधायक सुदीप्त दास ने ममता बनर्जी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे अप्रासंगिक हो चुकी हैं और मौतों पर राजनीति ढूंढ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोग और मृतक का परिवार बीजेपी के संपर्क में है और पार्टी उन्हें कानूनी मदद दे रही है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने की घटना की निंदा
वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने पूर्व मुख्यमंत्री की गाड़ी पर हमले की घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस विरोध में बीजेपी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं था। शमीक ने कहा कि राज्य की पूर्व महिला मुख्यमंत्री के साथ ऐसा व्यवहार गलत है और पुलिस को दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।