रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने 9 अगस्त को भी राज्य के अनेक इलाकों में बारिश होने का अनुमान जताया है। खासतौर पर उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।मौसम विभाग के मुताबिक बारिश के दौरान कई जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
सरगुजा संभाग में भारी बारिश की संभावना
9 अगस्त को उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। सरगुजा क्षेत्र में पहले से ही मानसूनी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं, ऐसे में कुछ इलाकों में कम समय में तेज बारिश हो सकती है।इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। मौसम की गतिविधियों का असर स्थानीय स्तर पर यातायात और सामान्य जनजीवन पर भी पड़ सकता है।
बलरामपुर और बीजापुर में हुई भारी बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। इस दौरान बलरामपुर और बीजापुर जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई।मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, चालू मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक सामान्य औसत की तुलना में करीब 7 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। हालांकि अलग-अलग जिलों में बारिश की स्थिति में अंतर देखने को मिल रहा है।
कुसमी में सबसे ज्यादा 11 सेंटीमीटर बारिश
पिछले 24 घंटे में राज्य के कुछ इलाकों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। कुसमी में सबसे अधिक 11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। इसके बाद डौरा कोचली में 9 सेंटीमीटर, जबकि भोपालपट्टनम और बलरामपुर में 7-7 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।इसके अलावा बारसाकोट में 6 सेंटीमीटर बारिश हुई। रामानुजगंज, कुकदर, लटोरी, जशपुरनगर, नया बाजार, चांपा और सरिया में करीब 5-5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है और अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अलग-अलग बनी हुई है।
दो मौसम प्रणालियों के असर से हो रही बारिश
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में बारिश के पीछे फिलहाल सक्रिय दो प्रमुख मौसम प्रणालियों का प्रभाव माना जा रहा है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल और उससे लगे उत्तरी ओडिशा के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।इस सिस्टम से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है और दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका है। इसके चलते आसपास के क्षेत्रों में नमी और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बनी हुई है।इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। यह ट्रफ दिल्ली, देवमाली, सीधी और दीघा से होते हुए दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है। यह समुद्र तल से लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक मौजूद है।इन दोनों सिस्टम के संयुक्त प्रभाव के कारण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश का दौर बना हुआ है।
रायपुर में बादल छाए रहने के साथ बौछारों के आसार
राजधानी रायपुर में 9 अगस्त को मौसम मुख्य रूप से बादल छाए रहने वाला रह सकता है। दिन में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बारिश होने पर राजधानी के तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।हालांकि लगातार बारिश के बजाय रुक-रुककर बौछारें पड़ने की संभावना अधिक है। शहर के कुछ इलाकों में अचानक तेज बारिश भी हो सकती है।
दुर्ग में सबसे ज्यादा तापमान, पेण्ड्रा रोड सबसे ठंडा
पिछले 24 घंटे के मौसम आंकड़ों में प्रदेश का सबसे अधिक तापमान दुर्ग में दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस रहा।वहीं न्यूनतम तापमान के मामले में पेण्ड्रा रोड सबसे नीचे रहा, जहां रात का तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
अगले दिनों में भी बारिश का दौर रहने के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर पड़ती नहीं दिख रही हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जबकि सरगुजा संभाग के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम खराब होने पर पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखना सुरक्षित रहेगा।कुल मिलाकर 9 अगस्त को छत्तीसगढ़ के लिए मौसम सक्रिय रहने वाला है। उत्तर छत्तीसगढ़ में जहां भारी बारिश पर नजर रहेगी, वहीं रायपुर समेत मध्य हिस्सों में बादल और बौछारों का दौर देखने को मिल सकता है।