जम्मू-कश्मीर। इस साल 3 जुलाई से शुरू हुई 57 दिवसीय पवित्र अमरनाथ यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। प्रशासन ने यात्रा मार्ग की स्थिति, हाल में हुई बारिश और ट्रैक के संवेदनशील हिस्सों में जरूरी मरम्मत को देखते हुए 9 अगस्त 2026 से श्रद्धालुओं की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया है। चंदनवाड़ी और बालटाल, दोनों मार्गों से अब नई यात्रा स्थगित रहेगी। अमरनाथ यात्रा के दोनों मार्गों पर ट्रैक की मरम्मत और आवश्यक रखरखाव का काम किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा मार्ग को सुरक्षित एवं सुगम बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।
3 जुलाई से शुरू हुई थी अमरनाथ यात्रा
इस वर्ष बाबा अमरनाथ की वार्षिक यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू हुई थी। यात्रा के लिए दो प्रमुख मार्ग निर्धारित किए गए थे। अनंतनाग जिले का चंदनवाड़ी-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले का बालटाल मार्ग। दोनों रास्तों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र गुफा पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन कर रहे थे। अब तक 4.8 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा में दर्शन कर चुके हैं। समुद्र तल से करीब 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को चुनौतीपूर्ण पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है।
बारिश के बाद ट्रैक के संवेदनशील हिस्सों पर बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश हुई है। बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और रास्तों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। अमरनाथ यात्रा के ट्रैक के कुछ हिस्सों में भी मरम्मत और रखरखाव की जरूरत महसूस की गई। यात्रा मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए संबंधित एजेंसियों की ओर से आवश्यक काम किया जा रहा है। इसी वजह से दोनों प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकने का निर्णय लिया गया है।
9 अगस्त से चंदनवाड़ी और बालटाल दोनों मार्ग बंद
प्रशासन के फैसले के अनुसार 9 अगस्त 2026 से चंदनवाड़ी और बालटाल दोनों मार्गों से अमरनाथ यात्रा स्थगित रहेगी। यानी अब इन दोनों रास्तों से नए श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा की यात्रा के लिए आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। यह फैसला यात्रा के निर्धारित समापन से करीब 20 दिन पहले लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि ट्रैक की सुरक्षा और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकना जरूरी है।
28 अगस्त को छड़ी मुबारक के साथ होगा धार्मिक समापन
हालांकि श्रद्धालुओं के लिए नियमित यात्रा 9 अगस्त से स्थगित रहेगी, लेकिन अमरनाथ यात्रा का धार्मिक समापन अपनी परंपरा के अनुसार 28 अगस्त 2026 को होगा। पवित्र छड़ी मुबारक के पूजन और उसके पवित्र गुफा तक पहुंचने के साथ इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा का औपचारिक समापन माना जाएगा। यह अमरनाथ यात्रा की सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
छड़ी मुबारक के साथ निभाई जाएगी परंपरा
छड़ी मुबारक को भगवान शिव की पवित्र छड़ी के रूप में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। पारंपरिक रूप से साधु-संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में छड़ी मुबारक को पवित्र गुफा तक ले जाया जाता है। 28 अगस्त को इसके पूजन और पवित्र गुफा में पहुंचने के साथ इस साल की यात्रा की धार्मिक प्रक्रिया पूरी होगी।
मौसम और यात्रा मार्ग पर प्रशासन की नजर
प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षा से जुड़े निर्देशों को प्राथमिकता दें। अमरनाथ यात्रा का मार्ग ऊंचाई वाले और कठिन पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है। ऐसे में बारिश, भूस्खलन और ट्रैक की खराब स्थिति श्रद्धालुओं के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यात्रा को निर्धारित तारीख से पहले रोकने का फैसला किया गया है।
अब अगले साल बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इंतजार
9 अगस्त से दोनों प्रमुख मार्गों पर यात्रा स्थगित होने के बाद इस साल नियमित रूप से अमरनाथ गुफा की यात्रा का सिलसिला थम जाएगा। हालांकि, 28 अगस्त को छड़ी मुबारक के साथ धार्मिक रूप से यात्रा का समापन होगा। यात्रा स्थगित होने के बाद अब बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अगले अमरनाथ यात्रा सीजन का इंतजार रहेगा। प्रशासन की ओर से भी यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा मार्ग के रखरखाव को प्राथमिकता दी जा रही है।