भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बीते 24 घंटे के दौरान बारिश का दौर जारी रहा। ग्वालियर-चंबल से लेकर रीवा, जबलपुर और शहडोल संभाग तक कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते कई इलाकों में अधिकतम तापमान में गिरावट आई है, जबकि कुछ स्थानों पर बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना हुआ है।छिंदवाड़ा में तापमान सबसे कम रहा और यहां पारा 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। वहीं कई जिलों में तेज बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है।
खनियाधाना में 160 मिमी बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। खनियाधाना में सबसे ज्यादा 160 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा पिपलोदा में 80 मिमी, कोटवार में 78 मिमी और नरसिंहपुर में 75 मिमी बारिश दर्ज हुई।डबरा में 71 मिमी और शिवपुरी में 53.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इन इलाकों में बारिश के कारण जनजीवन पर भी असर देखने को मिला।
नरसिंहपुर में करीब 3 इंच बारिश
पिछले एक दिन में मध्यप्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई। नरसिंहपुर में करीब 3 इंच पानी गिरा, जबकि श्योपुर में 2.8 इंच और रीवा में 2.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।डिंडौरी में भी तेज बारिश हुई। वहीं शिवपुरी में रातभर हुई बारिश के बाद कई नदी-नाले उफान पर आ गए। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में पानी भरने की स्थिति भी बनी। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर हालात पर नजर रखी जा रही है।इसके अलावा सीधी, नर्मदापुरम, बालाघाट, छतरपुर, सागर, गुना, रायसेन, मंडला, ग्वालियर, दतिया, टीकमगढ़, उमरिया, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सतना और शाजापुर समेत कई जिलों में बारिश का असर दिखाई दिया।
कई जिलों में गिरा तापमान
बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान में कमी आई है। भोपाल और सागर संभाग के जिलों में भी पारे में गिरावट दर्ज की गई। छिंदवाड़ा में तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचने से मौसम काफी ठंडा महसूस किया गया।लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में दिन के तापमान में और गिरावट आने की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस समय मध्यप्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाले कई सिस्टम सक्रिय हैं। राजस्थान और आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन उसका प्रभाव अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।इसके अलावा उत्तर-पूर्वी राजस्थान के आसपास चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में भी एक मौसम प्रणाली सक्रिय है, जिसके प्रभाव से 8 अगस्त के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है।
मानसून ट्रफ भी सक्रिय है और यह मध्यप्रदेश के सीधी तथा आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजर रही है। इन सभी मौसमी परिस्थितियों के चलते प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला आगे भी जारी रहने का अनुमान है।
इन जिलों में बारिश का अलर्ट
अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर और नीमच में बारिश हो सकती है।इसके अलावा नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर समेत कई जिलों में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
रीवा-सतना समेत इन जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट
रीवा, सतना, अनूपपुर, शहडोल और पन्ना में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।गरज-चमक के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की जरूरत है।
सामान्य से 20 प्रतिशत कम बारिश
बारिश के दौर के बावजूद मध्यप्रदेश में अब तक मानसूनी बारिश सामान्य से कम है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब तक औसतन 16.8 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक करीब 21 इंच बारिश होनी चाहिए थी।इस हिसाब से प्रदेश में करीब 4.2 इंच यानी 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मध्यप्रदेश में पूरे मानसून सीजन के दौरान सामान्य बारिश का आंकड़ा लगभग 37.3 इंच माना जाता है।