Rajasthan Weather Update: राजस्थान में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी है। कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कों और बाजारों में पानी भर गया है, जबकि कुछ जगहों पर घरों तक पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को राज्य के 30 जिलों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। इनमें सीकर और झुंझुनूं के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि अन्य जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश का असर जनजीवन के साथ-साथ यातायात और स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर भी दिखाई दे रहा है। कोटपूतली-बहरोड़ में जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे के कुछ हिस्सों में पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं, शहरी क्षेत्रों के बाजारों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। भरतपुर में बारिश को देखते हुए शनिवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। दूसरी ओर धौलपुर में पार्वती नदी और पार्वती डैम के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
राजस्थान में अगले 3-4 दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक राजस्थान में मानसून की सक्रियता अभी बनी रहने की संभावना है। आने वाले 3 से 4 दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने के साथ जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। खासतौर पर पूर्वी राजस्थान के जिलों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा देखने को मिल रही हैं। कई इलाकों में लगातार बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को पिछले दिनों की गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है।
सीकर और झुंझुनूं में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
शनिवार को मौसम विभाग ने सीकर और झुंझुनूं के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा प्रदेश के करीब 30 जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों पर जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है।
जयपुर में लगातार दूसरे दिन बारिश, तापमान में गिरावट
राजधानी जयपुर में शुक्रवार के बाद शनिवार को भी सुबह से बारिश का दौर जारी है। कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश होने से शहर का मौसम सुहावना हो गया है। लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति सामने आई है। शुक्रवार को जयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। चौमूं में 41 मिलीमीटर, शाहपुरा में 36 मिलीमीटर और पावटा में 26 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। विराटनगर और जमवारामगढ़ में 20-20 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा आमेर में 12 मिलीमीटर, कोटपूतली में 10 मिलीमीटर, जयपुर कलेक्ट्रेट क्षेत्र में 4 मिलीमीटर तथा किशनगढ़-रेनवाल और कोटखावदा में 3-3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। चाकसू, कालवाड़ और आंधी में 2-2 मिलीमीटर बारिश हुई। बारिश के चलते जयपुर का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कोटपूतली-बहरोड़ में सड़कों और बाजारों में पानी
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में मानसून की सक्रियता के कारण लगातार बारिश हो रही है। शनिवार सुबह भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। लगातार बरसात के चलते निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। पिछले करीब 30 घंटों में कोटपूतली क्षेत्र में 29 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। अगस्त महीने में अब तक यहां कुल 116 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है। बारिश का असर जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर भी दिखाई दिया। हाईवे के कुछ हिस्सों में पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बहरोड़ में 24 घंटे में 45 मिलीमीटर बारिश
बहरोड़ क्षेत्र में भी पिछले कई दिनों से बारिश का सिलसिला चल रहा है। पिछले 24 घंटे में यहां करीब 45 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं अगस्त के शुरुआती सात दिनों में क्षेत्र में कुल 107 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। लगातार बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में जलभराव हो गया है। शनिवार को यहां तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बानसूर में बारिश से फसलों को नुकसान
कोटपूतली-बहरोड़ के बानसूर इलाके में शुक्रवार सुबह से शुरू हुई बारिश शनिवार सुबह तक जारी रही। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। क्षेत्र में गुरुवार और शुक्रवार को मिलाकर करीब 30 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। बारिश और तेज हवा के कारण कई खेतों में खड़ी बाजरे की फसल को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बारिश के कारण इलाके के प्राकृतिक जलस्रोतों में भी पानी की आवक बढ़ी है और कई स्थानों पर झरने बहते हुए दिखाई दिए।
धौलपुर में पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट
धौलपुर में लगातार बारिश के कारण पार्वती नदी का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है। जिले में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिसके चलते नदी और डैम में पानी की आवक बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, पार्वती डैम का जलस्तर 217.60 आरएल मीटर से बढ़कर 218.90 आरएल मीटर तक पहुंच गया है। वहीं पार्वती नदी का जलस्तर फिलहाल 475.48 मीटर बताया गया है, जबकि इसका खतरनाक जलस्तर 481.8 मीटर है। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए नदी के आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी और जलभराव वाले इलाकों के नजदीक जाने से बचें। अगर पानी की आवक इसी तरह बढ़ती रही तो सैपऊ, धौलपुर और राजाखेड़ा उपखंड क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क प्रभावित होने की आशंका है।
भरतपुर में स्कूल बंद, बांध का जलस्तर भी बढ़ा
लगातार बारिश के कारण भरतपुर में शनिवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई। जिले के कई हिस्सों में बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही बंध बारेठा बांध में भी पानी का स्तर बढ़ रहा है। प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि जलस्तर में और वृद्धि होने पर बांध के गेट खोले जा सकते हैं। ऐसे में बांध के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
चूरू और सादुलपुर में घरों में घुसा पानी
चूरू जिले में भी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। सादुलपुर क्षेत्र में लगातार बरसात के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया है। शहर के कुछ हिस्सों में बारिश का पानी घरों तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण सड़कें भी पानी से भर गई हैं। चूरू के अलावा भरतपुर, अलवर, तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और सीकर समेत कई जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान करीब तीन इंच तक बारिश दर्ज की गई।
किन जिलों में हुई अच्छी बारिश?
पिछले 24 घंटे के दौरान राजस्थान के कई जिलों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। अलवर, तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, भरतपुर और चूरू में करीब तीन इंच तक बरसात हुई। इसके अलावा बारां, दौसा, धौलपुर, हनुमानगढ़, कोटा, सवाई माधोपुर और टोंक समेत कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण धौलपुर के राजाखेड़ा और चूरू के सादुलपुर समेत कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी।
बारिश से तापमान में भी आई गिरावट
प्रदेश में मानसून की सक्रियता का असर तापमान पर भी देखने को मिल रहा है। लगातार बारिश और बादल छाए रहने के कारण कई शहरों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। शुक्रवार को राजस्थान में सबसे अधिक तापमान बीकानेर में 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके मुकाबले अधिकांश शहरों में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा। बारिश के कारण लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। कई इलाकों में दिन के समय भी मौसम ठंडा और सुहावना बना हुआ है।
दौसा में रात से बारिश, मौसम हुआ सुहावना
दौसा जिले में भी रात से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। कहीं हल्की तो कहीं रिमझिम बारिश के कारण मौसम में ठंडक घुल गई है। मानसून सीजन के दौरान सिकराय, महवा और बसवा तहसील क्षेत्रों में अब तक करीब 400 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। वहीं लवाण क्षेत्र में तुलनात्मक रूप से सबसे कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
कोटा में 3 डिग्री तक गिरा तापमान
कोटा में शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहे और कई क्षेत्रों में बारिश का असर देखने को मिला। मौसम में बदलाव के कारण अधिकतम तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, कोटा में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बारिश और बादलों के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।
राजस्थान में क्यों बढ़ी बारिश की गतिविधियां?
मानसून के सक्रिय रहने के कारण राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में लगातार बादल बन रहे हैं और इनके प्रभाव से रुक-रुककर बारिश हो रही है। जहां एक ओर बारिश से तापमान में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर लगातार बरसात के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को विशेष रूप से नदी, नाले, बांध और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
लगातार बारिश के दौरान लोगों को अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में उनके आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है। वाहन चालकों को भी पानी से भरी सड़कों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की जरूरत है। जहां पानी का बहाव तेज हो, वहां से वाहन निकालने से बचना चाहिए। किसानों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए खेतों में काम करने से पहले स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। तेज बारिश के दौरान बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी जरूरी है।