रांची। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में पिछले 14 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत हुई। सरकार की आपत्ति के बाद छात्रों की ओर से बनाई गई 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल समिति से तीन गैर-छात्र सदस्यों को हटाया गया, जिसके बाद वार्ता का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद करीब शाम 7:30 बजे सरकार और छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत शुरू हुई। करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में छात्रों ने अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं। सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू समेत अन्य मंत्रियों ने छात्रों की बात सुनी।
सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बातचीत
वार्ता के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। छात्रों ने अपनी मांगें सरकार के सामने रखी हैं और सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है। मंत्री ने संकेत दिया कि छात्रों की मांगों को सरकार के स्तर पर आगे रखा जाएगा और समाधान की दिशा में बातचीत जारी रह सकती है।
छात्रों ने सौंपा मांग पत्र
वार्ता में शामिल छात्र प्रतिनिधि रविंद्र पासवान ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को अपना मांग पत्र सौंप दिया है। उनके मुताबिक, मंत्रियों ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अवगत कराया जाएगा। छात्र प्रतिनिधि ने कहा कि सरकार ने माना है कि यह मुद्दा केवल मौजूदा अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।
ठोस फैसला नहीं हुआ तो 10 अगस्त को विधानसभा घेराव
छात्रों ने साफ किया है कि बातचीत के बावजूद आंदोलन फिलहाल खत्म नहीं किया गया है। छात्र प्रतिनिधि के मुताबिक, यदि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम जारी रहेगा। यानी सरकार और छात्रों के बीच बातचीत शुरू होने के बावजूद आंदोलन का अगला रुख सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।
बातचीत के बाद मुख्यमंत्री आवास पहुंचे मंत्री
स्टेट गेस्ट हाउस में छात्रों के साथ बातचीत के बाद सरकार के मंत्री सीधे कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि वार्ता में हुई चर्चा की पूरी जानकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है। छात्रों ने JPSC से जुड़े कुछ तकनीकी मुद्दे भी उठाए हैं। इन मुद्दों को लिखित रूप में देने के लिए छात्रों से कहा गया है। मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि छात्रों के साथ दूसरे दौर की वार्ता की संभावना बनी हुई है।
सीएम हेमंत सोरेन बोले- सरकार का दरवाजा खुला है
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को विधानसभा में छात्रों के आंदोलन को लेकर कहा कि छात्र सरकार को अपने सुझाव दें। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों को अपनी बात रखने के लिए सभी जरूरी मंच उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य सरकार छात्रों की समस्याओं को समझना चाहती है और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सभी जिलों के छात्रों से लिए जाएंगे सुझाव
हेमंत सोरेन ने कहा कि केवल रांची के छात्रों की ही नहीं, बल्कि राज्य के अलग-अलग जिलों में रहने वाले युवाओं और छात्रों की राय भी महत्वपूर्ण है। सरकार सभी जिलों के छात्र-छात्राओं से सुझाव लेने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य और देशभर के छात्रों, शिक्षाविदों तथा नीति-निर्माताओं से सुझाव लेकर आवश्यक सुधार और सकारात्मक बदलाव किए जाएंगे। सरकार इन सुझावों के आधार पर समयबद्ध तरीके से आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।
फिलहाल जारी है छात्र आंदोलन
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र पिछले 14 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की मांगों और सरकार के बीच अब बातचीत शुरू हो गई है, लेकिन अभी किसी अंतिम समाधान की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदम और छात्रों के साथ होने वाली संभावित दूसरे दौर की बातचीत पर सभी की नजर रहेगी।