लखनऊ। उत्तरप्रदेश में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और कई जिलों में शुक्रवार को हुई तेज बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया। नोएडा से लेकर लखनऊ और वाराणसी तक कई इलाकों में बारिश देखने को मिली। अब मौसम विभाग ने शनिवार, 8 अगस्त को भी प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज उत्तरप्रदेश के 63 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं मीरजापुर और सोनभद्र में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
दक्षिण-पश्चिमी यूपी के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र
मौसम में बदलाव की प्रमुख वजह दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर मध्य क्षोभमंडल तक बने चक्रवाती परिसंचरण से जुड़ा निम्न दबाव क्षेत्र बताया जा रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश में नमी का स्तर बढ़ा हुआ है और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर बारिश के साथ तेज हवाएं भी चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मीरजापुर और सोनभद्र में भारी बारिश का येलो अलर्ट
शनिवार को कुछ जिलों में सामान्य बारिश की तुलना में अधिक पानी गिरने की संभावना जताई गई है। मीरजापुर और सोनभद्र में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।वहीं झांसी, जालौन, हमीरपुर, महोबा और चंदौली में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बादल छाए रहने और बारिश के चलते तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
नोएडा-गाजियाबाद में बादल, बारिश की संभावना कम
पश्चिमी यूपी के नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और बागपत में शनिवार सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी हुई है। हालांकि इन जिलों में व्यापक बारिश का अनुमान नहीं है। स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।बारिश नहीं होने के बावजूद बादल छाए रहने से मौसम में नमी बनी रहेगी और उमस से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। शामली, बुलंदशहर, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा, औरैया, कानपुर, ललितपुर, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी और प्रयागराज में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।इसके अलावा संत रविदास नगर, वाराणसी, महाराजगंज और कुशीनगर में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
इन इलाकों में हल्की बूंदाबांदी का अनुमान
प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों में बारिश का प्रभाव अपेक्षाकृत हल्का रहने का अनुमान है। लखनऊ, बाराबंकी, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, फर्रुखाबाद, कासगंज, बदायूं, संभल, अमरोहा, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।इसके अलावा अमेठी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, अंबेडकरनगर, जौनपुर, गोरखपुर, देवरिया, मऊ, बलिया और आजमगढ़ में भी हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
13 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला फिलहाल थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल और बारिश का प्रभाव बना रह सकता है। 13 अगस्त तक कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना है।
कुछ स्थानों पर इस दौरान भारी बारिश भी हो सकती है, जिसके लिए समय-समय पर येलो अलर्ट जारी किया जा सकता है। ऐसे में नदी और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
तापमान में भी आएगा उतार-चढ़ाव
बारिश और बादलों के बावजूद अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इसके बाद तापमान में फिर गिरावट देखने को मिल सकती है।मौसम विभाग के मुताबिक तापमान में अगले चरण में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है। बारिश और तापमान में बदलाव के कारण प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहेगा।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
तेज बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में आंधी और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर जाने से बचना और तेज हवाओं के दौरान पेड़, बिजली के खंभों तथा कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा।कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है और अगले कई दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। खासकर भारी बारिश वाले जिलों में प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखने की जरूरत है।