छत्तीसगढ़ में सरकारी राशन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब राशन लेने के लिए हितग्राहियों को दुकानों पर लंबी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश के रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में जल्द ग्रेन एटीएम (Grain ATM) की सुविधा शुरू की जा रही है। इस व्यवस्था के जरिए पात्र हितग्राही मशीन से अपनी पहचान सत्यापित कर 24 घंटे राशन प्राप्त कर सकेंगे। अनुपूर्ति ग्रेन एटीएम की शुरुआत खाद्य मंत्री दयालदास बघेल द्वारा की जानी है। सरकार का उद्देश्य राशन वितरण की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ इसमें पारदर्शिता और तकनीकी निगरानी को बढ़ावा देना है। मशीन के जरिए राशन वितरण होने से हितग्राही को मिलने वाले अनाज की मात्रा भी डिजिटल तरीके से दर्ज होगी।
क्या है ग्रेन एटीएम और कैसे करेगा काम?
ग्रेन एटीएम को कुछ हद तक बैंक के एटीएम की तर्ज पर समझा जा सकता है। जिस तरह बैंक एटीएम में पहचान सत्यापित करने के बाद पैसे निकाले जाते हैं, उसी तरह ग्रेन एटीएम में हितग्राही की पहचान की पुष्टि होने के बाद निर्धारित मात्रा में राशन मशीन से बाहर आएगा। राशन लेने के लिए हितग्राही को सबसे पहले राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर के जरिए अपनी पहचान दर्ज करनी होगी। इसके बाद बायोमेट्रिक प्रक्रिया के तहत अंगूठे से पहचान सत्यापित की जाएगी। सत्यापन सफल होने पर मशीन पात्रता के अनुसार अनाज उपलब्ध कराएगी। इससे राशन वितरण में मानवीय हस्तक्षेप कम करने और प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है।
राशन कार्ड या आधार से होगी पहचान
ग्रेन एटीएम का इस्तेमाल करने के लिए हितग्राही की पहचान को डिजिटल तरीके से सत्यापित किया जाएगा। इसके लिए राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर का इस्तेमाल किया जा सकेगा। पहचान के बाद बायोमेट्रिक यानी अंगूठे के जरिए सत्यापन होगा। सिस्टम में दर्ज जानकारी और बायोमेट्रिक का मिलान सही पाए जाने पर ही राशन जारी किया जाएगा। इस व्यवस्था का एक फायदा यह भी माना जा रहा है कि पात्र हितग्राही की पहचान को लेकर होने वाली गड़बड़ियों को कम किया जा सकेगा।
मशीन बताएगी कितना राशन मिला
ग्रेन एटीएम में राशन वितरण की जानकारी भी स्क्रीन पर दिखाई जाएगी। मशीन से अनाज निकलने के बाद हितग्राही यह देख सकेगा कि उसे कितनी मात्रा में राशन दिया गया है और वितरण की प्रक्रिया पूरी हुई है या नहीं। इस तरह राशन की मात्रा को लेकर किसी तरह की अस्पष्टता कम करने की कोशिश होगी। साथ ही वितरण का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा।
24 घंटे राशन लेने की सुविधा
ग्रेन एटीएम की सबसे बड़ी खासियत इसकी 24×7 उपलब्धता होगी। मौजूदा व्यवस्था में राशन लेने के लिए हितग्राहियों को उचित मूल्य की दुकान के निर्धारित समय पर पहुंचना पड़ता है। कई बार नौकरी, मजदूरी या दूसरे जरूरी कामों के कारण लोग तय समय पर राशन दुकान नहीं पहुंच पाते। नई व्यवस्था में ऐसे लोगों को काफी सुविधा मिल सकती है। अगर ग्रेन एटीएम निर्धारित तरीके से संचालित होते हैं, तो हितग्राही अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय मशीन से राशन प्राप्त कर सकेंगे।
राशन की मात्रा में गड़बड़ी रोकने की कोशिश
सरकार की इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना भी है। मशीन से अनाज की मात्रा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निकलेगी, जिससे कम या ज्यादा राशन दिए जाने जैसी शिकायतों की संभावना कम करने की कोशिश की जाएगी। विभाग की ओर से मशीन के जरिए अनाज वितरण में 99.99 प्रतिशत तक सटीकता का दावा किया गया है। इसके अलावा मशीन में अनाज भरने की प्रक्रिया भी स्वचालित रखने की बात कही गई है। हालांकि, इस व्यवस्था की वास्तविक प्रभावशीलता इसका इस्तेमाल शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पहले रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में प्रयोग
फिलहाल छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रेन एटीएम की शुरुआत के लिए तीन शहरों का चयन किया है। इनमें रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर शामिल हैं। पहले चरण में इन शहरों में व्यवस्था लागू करके इसके संचालन और हितग्राहियों की सुविधा का आकलन किया जाएगा। अगर यह मॉडल सफल रहता है तो भविष्य में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी ग्रेन एटीएम का विस्तार किया जा सकता है।
सरकार का फोकस डिजिटल और पारदर्शी राशन व्यवस्था पर
ग्रेन एटीएम की शुरुआत को सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि हितग्राहियों को राशन लेने के लिए कम समय खर्च करना पड़े और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़े। मशीन आधारित वितरण से राशन की मात्रा, हितग्राही की पहचान और वितरण का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से दर्ज किए जाने की संभावना है। इससे भविष्य में व्यवस्था की निगरानी और शिकायतों के निपटारे में भी मदद मिल सकती है।
किन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?
ग्रेन एटीएम की सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें राशन दुकान के निर्धारित समय में पहुंचने में परेशानी होती है। मजदूर, नौकरीपेशा लोग और ऐसे परिवार जिनके सदस्यों को दिन में दूसरे जरूरी कामों के लिए बाहर रहना पड़ता है, अपनी सुविधा के अनुसार राशन लेने का विकल्प पा सकेंगे। इसके अलावा लंबी कतार से राहत मिलने की उम्मीद है। मशीन के जरिए वितरण होने पर एक व्यक्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले हितग्राही को राशन लेने का मौका मिल सकेगा।
क्या पूरे छत्तीसगढ़ में अभी शुरू होगी सुविधा?
नहीं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार ग्रेन एटीएम की शुरुआत रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर से की जा रही है। पहले चरण के अनुभव के आधार पर आगे दूसरे शहरों और क्षेत्रों में इसके विस्तार पर फैसला लिया जा सकता है।