प्रयागराज में अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत के बाद शुक्रवार को उसके अंतिम संस्कार को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। आबान का शव हटवा गांव पहुंचने के बाद यह चर्चा तेजी से फैल गई कि उसकी मां और फरार चल रही शाइस्ता परवीन बेटे का आखिरी बार चेहरा देखने के लिए गुपचुप तरीके से वहां पहुंची थीं। हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने शाइस्ता के पहुंचने की खबर को अफवाह बताया है और इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शव गांव पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए जुटे। महिलाओं की भी काफी भीड़ मौजूद थी। इसी दौरान बुर्का पहने महिलाओं की मौजूदगी को लेकर शाइस्ता के वहां आने की अटकलें लगाई जाने लगीं। पुलिस ने ऐसी किसी भी सूचना की पुष्टि नहीं की है।
शाइस्ता के पहुंचने की अफवाह के बीच पुलिस अलर्ट
आबान के जनाजे में शाइस्ता परवीन के आने की आशंका को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियां पहले से सतर्क थीं। हटवा गांव के साथ-साथ आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई। एसीपी धूमनगंज अजयेंद्र यादव के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। अधिकारियों ने साफ किया कि शाइस्ता के वहां पहुंचने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। ऐसे में फिलहाल उसके बेटे के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने की खबर को केवल अफवाह माना जा रहा है।
आबान के अंतिम संस्कार के लिए भाइयों का इंतजार
आबान का शव उसकी बुआ के हटवा स्थित घर पर रखा गया है। परिवार और करीबी रिश्तेदार वहां मौजूद हैं। बताया गया है कि परिवार जेल में बंद आबान के बड़े भाइयों उमर और अली के आने का इंतजार कर रहा है। उनके पहुंचने के बाद आबान का जनाजा निकाले जाने की बात कही गई है। इसके बाद उसे कसारी-मसारी कब्रिस्तान में उसके पिता अतीक अहमद और चाचा अशरफ की कब्रों के पास सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की तैयारी है।
आबान के दोस्त रफीक को किया गया सुपुर्द-ए-खाक
सड़क हादसे में आबान के साथ उसके दोस्त रफीक उर्फ सोनू की भी मौत हुई थी। रफीक का अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर जुमे की नमाज के बाद किया गया। वहीं आबान के अंतिम संस्कार को लेकर परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
हटवा से कसारी-मसारी तक कड़ा सुरक्षा घेरा
हादसे की खबर के बाद से ही हटवा गांव, चकिया और कसारी-मसारी कब्रिस्तान के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस की कई टीमें इलाके में तैनात हैं। अधिकारियों को आशंका है कि आबान के जनाजे में बड़ी संख्या में लोग जुट सकते हैं। इसके अलावा फरार चल रही शाइस्ता परवीन, अतीक की बहन आयशा नूरी और अशरफ की पत्नी जैनब के संभावित पहुंचने की अटकलों के चलते भी निगरानी बढ़ाई गई है। खुफिया एजेंसियां इलाके में आने-जाने वाले लोगों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
मां शाइस्ता के बेहद करीब था आबान
परिवार के करीबियों के मुताबिक आबान अपनी मां शाइस्ता का बेहद करीबी था। वर्ष 2023 में अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के समय आबान नाबालिग था। अतीक और अशरफ की हत्या के बाद शाइस्ता के फरार होने की बात सामने आई थी। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही है। आबान की मौत के बाद एक बार फिर शाइस्ता के संभावित ठिकाने और उसके बेटे के अंतिम संस्कार में पहुंचने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, शाइस्ता के अंतिम संस्कार स्थल पर मौजूद होने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या शाइस्ता आबान के जनाजे में पहुंची थी?
फिलहाल इसका कोई पुष्ट जवाब नहीं है। शव हटवा पहुंचने के बाद बुर्का पहने महिलाओं की भीड़ के बीच शाइस्ता के पहुंचने की चर्चा जरूर हुई, लेकिन पुलिस के मुताबिक उसके वहां आने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। इसलिए शाइस्ता के पहुंचने की खबर को अभी अफवाह के तौर पर ही देखा जा रहा है।