नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अगस्त को IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया और मेधावी छात्रों को मेडल देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने परम प्रज्ञा सुपरकंप्यूटर का उद्घाटन भी किया। दीक्षांत समारोह में 3,000 से अधिक छात्र शामिल हुए, जिनमें 587 पीएचडी छात्र भी हैं।
Gen-Z को दिया विकसित भारत का मंत्र
छात्रों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हर पीढ़ी की अपनी चुनौतियां और जिम्मेदारियां होती हैं। आज के युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि अगले 30 साल में युवाओं का काम विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेगा।
‘जो सीखेगा, वो जीतेगा’
पीएम मोदी ने छात्रों को लगातार सीखते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दुनिया, तकनीक और इंडस्ट्री तेजी से बदल रही हैं और अगले 20-30 साल कैसे होंगे, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। ऐसे दौर में वही आगे बढ़ेगा जो लगातार नई चीजें सीखता रहेगा और बदलती परिस्थितियों के मुताबिक खुद को तैयार करेगा।
जिंदगी की परीक्षा में सबकुछ आउट ऑफ सिलेबस
प्रधानमंत्री ने छात्रों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि IIT की परीक्षा में सिलेबस तय होता है, लेकिन जिंदगी की परीक्षा में सबकुछ आउट ऑफ सिलेबस होता है। उन्होंने छात्रों से सिर्फ सवाल पूछने के बजाय उनके समाधान खोजने पर ध्यान देने को कहा।
उन्होंने कहा कि IIT में छात्रों ने केवल परीक्षा पास करके डिग्री हासिल नहीं की है, बल्कि कठिन समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने की क्षमता भी विकसित की है।
‘समस्याओं को पहचानें और समाधान खोजें’
पीएम मोदी ने IIT के पूर्व छात्रों की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि कई पूर्व छात्रों ने ऐसी समस्याओं को पहचाना, जिन पर पहले किसी का ध्यान नहीं गया था। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे हमेशा सीखते रहें, नए सवाल पूछें और उनके समाधान तलाशें।
‘डिग्री छोटे-छोटे कदमों से मिली’
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह डिग्री एक दिन में नहीं मिली है। मिड-सेमेस्टर परीक्षाओं, प्रोजेक्ट्स और लगातार मेहनत जैसे छोटे-छोटे कदमों ने छात्रों को इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि यही प्रक्रिया जीवन में भी सफलता का आधार बनेगी।
परम प्रज्ञा सुपरकंप्यूटर का उद्घाटन
दीक्षांत समारोह के दौरान पीएम मोदी ने परम प्रज्ञा सुपरकंप्यूटर का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम IIT दिल्ली में शिक्षा, अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा गया। प्रधानमंत्री ने छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बदलती दुनिया में सीखने की क्षमता और समस्याओं का समाधान खोजने का नजरिया ही उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।