नई दिल्ली, 10 अगस्त 2026 | देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का सक्रिय दौर जारी है। IMD के नवीनतम राष्ट्रीय पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। दिल्ली-हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब, ओडिशा, असम-मेघालय, पूर्वोत्तर राज्यों और विदर्भ में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। IMD की चेतावनी 10 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 11 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक प्रभावी मानी जाएगी। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय चेतावनी मानचित्र में लाल रंग हमेशा औपचारिक “रेड अलर्ट” नहीं होता; कई उत्पादों में इसका अर्थ “Take Action” यानी आवश्यक सावधानी बरतना होता है।
आज कहां भारी से बहुत भारी बारिश होगी?
| चेतावनी | क्षेत्र |
|---|---|
| भारी से बहुत भारी बारिश | पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश |
| भारी बारिश | असम-मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पूर्वोत्तर राज्य, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और विदर्भ |
| 40–50 किमी/घंटा, झोंके 60 तक | अंडमान-निकोबार, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा, तमिलनाडु-पुडुचेरी और तेलंगाना |
| 30–40 किमी/घंटा, झोंके 50 तक | बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान और पश्चिम बंगाल-सिक्किम |
दिल्ली-NCR में आज कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली में सोमवार को सामान्यतः बादल छाए रहेंगे। सुबह से पूर्वाह्न तक कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। दोपहर से शाम के बीच कई इलाकों में हल्की बारिश और कहीं-कहीं मध्यम वर्षा का अनुमान है। अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री और न्यूनतम 24 से 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। राष्ट्रीय उपखंड चेतावनी में हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली क्षेत्र के लिए कहीं-कहीं भारी बारिश का संकेत है। हालांकि दिल्ली के विस्तृत शहर पूर्वानुमान में मुख्य रूप से हल्की से मध्यम बारिश बताई गई है। इसका अर्थ है कि किसी सीमित इलाके में तेज बौछार पड़ सकती है, लेकिन पूरे शहर में एक साथ भारी बारिश की गारंटी नहीं है।
दिल्ली-NCR में पिछले सप्ताह की बारिश से कई सड़कों पर जलभराव और लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया था। छतरपुर, महिपालपुर, वसंत कुंज, मालवीय नगर, ओखला और प्रमुख संपर्क मार्गों के कई हिस्से प्रभावित हुए थे। इसलिए नई बारिश के दौरान पहले से संवेदनशील अंडरपास और निचले मार्गों पर फिर पानी जमा हो सकता है।
11 अगस्त को दिल्ली में बारिश और बढ़ सकती है
मंगलवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री और न्यूनतम 23 से 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। सुबह से दोपहर तक अधिकांश स्थानों पर एक या दो दौर हल्की बारिश और कुछ क्षेत्रों में मध्यम वर्षा की संभावना है। शाम या रात में फिर हल्की बारिश हो सकती है। 12 से 15 अगस्त के बीच भी पूरी तरह शुष्क मौसम का अनुमान नहीं है। इस अवधि में बादलों के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश के सीमित दौर हो सकते हैं, लेकिन हर दिन व्यापक भारी बारिश की चेतावनी नहीं है।
उत्तर प्रदेश के दोनों हिस्सों में भारी बारिश
IMD ने सोमवार के लिए पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश—दोनों उपखंडों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी है। मंगलवार, 11 अगस्त को दोनों हिस्सों के लिए भारी वर्षा की उपखंड-स्तरीय चेतावनी नहीं है, लेकिन इसका अर्थ बारिश पूरी तरह बंद होना नहीं है; कुछ स्थानों पर हल्की या मध्यम बारिश जारी रह सकती है। जिलेवार अलर्ट और नाउकास्ट दिनभर बदल सकते हैं। इसलिए गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर या दूसरे जिलों की सूची प्रकाशित करते समय IMD के नवीनतम जिलेवार मानचित्र की वैधता अवधि जरूर जांचें।
बिहार में भारी बारिश और तेज हवा
बिहार में सोमवार को कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ गरज-चमक और झोंकेदार हवा की चेतावनी है। हवा की रफ्तार कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मंगलवार को भारी बारिश की चेतावनी हट सकती है, लेकिन बिजली और तेज हवा का खतरा बना रहेगा। बिजली चमकने के दौरान खेतों, खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना जरूरी है। किसानों को बारिश और तेज हवा के समय कीटनाशक या उर्वरक का छिड़काव टालना चाहिए।
झारखंड में आज मुख्य खतरा गरज-चमक का
झारखंड के लिए सोमवार को उपखंड स्तर पर भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। IMD ने गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवा का अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश की अगली उपखंड-स्तरीय चेतावनी 13 अगस्त के लिए दिखाई गई है। इसलिए “झारखंड के कई जिलों में आज भारी बारिश का राज्यव्यापी अलर्ट” लिखने के बजाय यह कहना अधिक सटीक होगा कि स्थानीय बारिश के साथ बिजली और तेज हवा का खतरा है। किसी जिले के लिए अल्पकालिक भारी बारिश का नाउकास्ट अलग से जारी हो सकता है।
मध्य प्रदेश में पश्चिमी हिस्सा सबसे ज्यादा प्रभावित
पश्चिमी मध्य प्रदेश में सोमवार को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान है। मंगलवार को दोनों उपखंडों में भारी बारिश और बिजली का खतरा बना रहेगा। हाल की बारिश से मंडला और डिंडोरी के कुछ हिस्सों में पुल और सड़कें जलमग्न हुईं तथा कुछ मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई। बारिश कम होने के बाद स्थिति में आंशिक सुधार की खबर है, लेकिन नए दौर के कारण नदियों और नालों के पास फिर खतरा बढ़ सकता है।
पूर्वी राजस्थान में दो दिन बहुत भारी बारिश
पूर्वी राजस्थान में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी है। 12 और 13 अगस्त को कहीं-कहीं भारी वर्षा जारी रह सकती है। पश्चिमी राजस्थान में सोमवार को मुख्य रूप से आंधी और बिजली का खतरा है, जबकि 11 और 12 अगस्त को भारी बारिश की संभावना बढ़ेगी। निचले इलाकों, अंडरपास, छोटी नदियों और बरसाती नालों के पास अचानक जलभराव हो सकता है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और वज्रपात
छत्तीसगढ़ में सोमवार को कहीं-कहीं भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवा का अनुमान है। 11 और 12 अगस्त को मुख्य खतरा गरज-चमक का रहेगा, जबकि 13 से 16 अगस्त के बीच भारी बारिश का दौर फिर मजबूत हो सकता है। 9 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश दर्ज हुई थी। पथरिया में 16 सेंटीमीटर, रायपुर शहर में 12 सेंटीमीटर और कई दूसरे स्थानों पर सात से 10 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा
हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इसके बाद भी 16 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है।
उत्तराखंड में सोमवार को बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक का अलर्ट है। 11 से 16 अगस्त तक भी कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी है। बागेश्वर जिले में खराब मौसम के पूर्वानुमान के कारण स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सोमवार को भारी बारिश तथा बिजली का खतरा है। मंगलवार को चेतावनी बढ़कर बहुत भारी बारिश तक पहुंच सकती है, जबकि 12 से 16 अगस्त के बीच भी कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है।
लगातार बारिश वाले पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, पत्थर गिरने, अचानक बाढ़, सड़क धंसने और नदियों के तेज बहाव का जोखिम रहता है। यात्रियों को स्थानीय प्रशासन तथा सड़क एजेंसियों के अपडेट जांचकर ही यात्रा करनी चाहिए।
असम और पूर्वोत्तर में बारिश का सिलसिला जारी
असम और मेघालय में 10 से 13 अगस्त तक कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी है। 14 से 16 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का खतरा बढ़ सकता है। पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में नई बारिश नदी जलस्तर और राहत कार्यों पर दबाव बढ़ा सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में सोमवार को भारी बारिश का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में बारिश जारी रहेगी और 11 अगस्त से भारी वर्षा की संभावना बढ़ सकती है।
केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप में व्यापक वर्षा
केरल, तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में 9 से 15 अगस्त के बीच व्यापक बारिश की संभावना है। सोमवार को दक्षिण भारत के कई हिस्सों में तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। कर्नाटक और केरल तट तथा लक्षद्वीप के आसपास समुद्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवा संभव है। मछुआरों और छोटी नावों को समुद्री चेतावनी का पालन करना चाहिए। पूरे प्रायद्वीपीय भारत में 70–75 किलोमीटर प्रति घंटे की एकसमान चेतावनी नहीं है; हवा की गति स्थान और चेतावनी श्रेणी के अनुसार अलग है।
गुजरात में आज व्यापक भारी बारिश का अलर्ट नहीं
गुजरात क्षेत्र में सोमवार को गरज-चमक की चेतावनी है, लेकिन उपखंड स्तर पर भारी बारिश का अलर्ट नहीं दिया गया है। 11 अगस्त को गुजरात क्षेत्र में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ के लिए अगले सात दिनों में कोई प्रमुख उपखंड-स्तरीय चेतावनी नहीं दिखाई गई है। इसलिए पूरे गुजरात को सोमवार के भारी बारिश या बाढ़ अलर्ट में शामिल करना मौजूदा IMD चेतावनी से मेल नहीं खाता। स्थानीय नदी या जिला स्तर की स्थिति अलग हो सकती है और उसके लिए राज्य प्रशासन का अपडेट देखना जरूरी है।
बारिश के पीछे कौन-से मौसम सिस्टम सक्रिय?
9 अगस्त शाम के राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे छत्तीसगढ़ पर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय था। मानसूनी द्रोणिका बीकानेर, ग्वालियर, कम दबाव क्षेत्र और पुरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई थी। पश्चिमी हिमालय के पास एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय था।
IMD ने उत्तर बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के आसपास 11 अगस्त के करीब नया चक्रवाती परिसंचरण बनने का अनुमान जताया है। इसके प्रभाव से लगभग 13 अगस्त को उसी क्षेत्र में कम दबाव का नया क्षेत्र बन सकता है। इसलिए इसे 10 अगस्त को पहले से बन चुका कम दबाव क्षेत्र लिखना सही नहीं होगा।
किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में किसान खेतों की जल निकासी साफ रखें और बिजली-गरज के समय खुले खेत में काम न करें। तेज हवा से केले, मक्का और लंबी फसलों को नुकसान हो सकता है, जबकि लगातार पानी जमा रहने से सोयाबीन, दलहन और सब्जियों की जड़ें प्रभावित हो सकती हैं। शहरी इलाकों में जलभराव वाले अंडरपास, बहती सड़क और नाले को पार न करें। पहाड़ी क्षेत्रों में रात की यात्रा और भूस्खलन संभावित रास्तों से बचें। आकाशीय बिजली के दौरान पेड़, मोबाइल टावर, धातु की संरचना और खुले मैदान सुरक्षित आश्रय नहीं हैं।
FAQ: आज के मौसम से जुड़े प्रमुख सवाल
1. आज सबसे ज्यादा बारिश किन क्षेत्रों में हो सकती है?
पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
2. दिल्ली में आज कितनी बारिश होगी?
दिल्ली में सुबह कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और दोपहर से शाम के बीच कई जगह हल्की तथा कहीं-कहीं मध्यम बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 33–35°C रह सकता है।
3. क्या उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी बारिश का अलर्ट है?
हां। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा बिहार में सोमवार को कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी है। बिहार में बिजली और झोंकेदार हवा का भी खतरा है।
4. क्या झारखंड और गुजरात में भी भारी बारिश होगी?
झारखंड में आज मुख्य चेतावनी गरज-चमक और तेज हवा की है; भारी बारिश का अगला उपखंड अलर्ट 13 अगस्त के लिए है। गुजरात क्षेत्र में आज बिजली की चेतावनी और 11 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है।
5. पहाड़ी राज्यों में बारिश कब तक चलेगी?
हिमाचल में 16 अगस्त तक, उत्तराखंड में 16 अगस्त तक और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में भी अगले कई दिनों तक कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है।