सीहोर। सीहोर जिले में मानसून की तेज बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। रविवार सुबह शुरू हुई हल्की बारिश ने सोमवार की रात अचानक जोर पकड़ लिया। इसके बाद कई घंटों तक हुई तेज बारिश से जिले के नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए।जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 3.96 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस सीजन में पहली बार नदी-नालों में इतना तेज बहाव देखने को मिला। कई गांवों में पानी भरने की खबर है, जबकि कुछ स्थानों पर सड़कें और संपर्क मार्ग जलमग्न होने से ग्रामीण इलाकों का मुख्य मार्गों से संपर्क प्रभावित हुआ है।
श्यामपुर क्षेत्र में बिगड़े हालात
सबसे ज्यादा असर श्यामपुर क्षेत्र में देखने को मिला, जहां रविवार और सोमवार की दरमियानी रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ गया।पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। ग्राम बमुलिया में उद्गम स्थल से ही कुलांसी नदी उफान पर आ गई। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई।जानकारी के मुताबिक करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई रास्तों पर पानी भरने के कारण सामान्य आवाजाही बाधित हुई है।
बैरागढ़ खुमान और मुंगावली में जलभराव
तेज बारिश का असर बैरागढ़ खुमान में भी दिखाई दिया। यहां कई रास्तों पर इतना पानी जमा हो गया कि सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं।वहीं मुंगावली गांव में भी पानी भर गया। दूसरी ओर चरनाल गांव की स्थिति भी चिंताजनक रही, जहां चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया।ग्रामीण क्षेत्रों में अचानक बढ़े जलस्तर के कारण लोगों को अपने घरों और आसपास के इलाकों में पानी घुसने की चिंता सताती रही।
चरनाल में घरों और दुकानों में घुसा पानी
चरनाल गांव में ग्रामीणों ने बारिश के बाद बने हालात को अब तक की सबसे गंभीर बाढ़ जैसी स्थिति बताया है। गांव के कई घरों में बारिश और बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया।पानी दुकानों तक पहुंचने से स्थानीय व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ा। दुकानों में रखा सामान पानी की चपेट में आने से खराब होने की आशंका है। इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान होने की बात कही जा रही है।ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत, बचाव और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
सीहोर शहर में भी कई इलाकों में जलभराव
ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ सीहोर शहर में भी तेज बारिश का असर दिखाई दिया। कई इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी हुई।हालांकि शहर में सीटू नाले का जलस्तर बढ़ने के बावजूद रिटर्निंग वाल ने स्थिति को गंभीर होने से रोकने में मदद की। स्थानीय लोगों के मुताबिक तेज बहाव के दौरान दीवार ने पानी को रिहायशी क्षेत्रों की ओर जाने से रोकने में अहम भूमिका निभाई।स्थानीय नागरिक ने बताया कि समय रहते कराया गया यह निर्माण कार्य बारिश के दौरान शहर के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ।
रिटर्निंग वाल ने टाला बड़ा खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सीटू नाले के पास रिटर्निंग वाल नहीं होती तो तेज बारिश के दौरान नाले का पानी आसपास के घरों और गलियों में पहुंच सकता था।बारिश के दौरान नाले का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के बावजूद दीवार ने पानी को नियंत्रित करने में मदद की। इससे शहर के कुछ इलाकों में बड़े जलभराव की स्थिति बनने से बच गई।
उफनते नदी-नालों के बीच जान जोखिम में डाल रहे लोग
बारिश के कारण कई नदी-नाले उफान पर हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने की कोशिश करते नजर आए। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।स्थानीय प्रशासन और लोगों ने अपील की है कि उफनती नदी, नाले या पानी से भरी पुलिया को पार करने का जोखिम न उठाएं। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।विशेषज्ञों की सलाह है कि जलस्तर कम होने और रास्ता सुरक्षित होने के बाद ही ऐसे स्थानों से आवागमन किया जाए।
बारिश से राहत की उम्मीद, लेकिन सतर्कता जरूरी
सीहोर में हुई अच्छी बारिश से जहां खेतों और जलस्रोतों को पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद बढ़ी है, वहीं नदी-नालों में अचानक बढ़े जलस्तर ने प्रशासन के सामने चुनौती भी खड़ी कर दी है।सावन के दूसरे सोमवार पर हुई इस बारिश को ग्रामीण इलाकों में लोग खेती और जलस्रोतों के लिहाज से राहत के रूप में देख रहे हैं। लेकिन जिन गांवों में पानी घरों और दुकानों तक पहुंच गया है, वहां तत्काल राहत और जल निकासी की जरूरत है।फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा, संपर्क मार्गों की निगरानी और उफनते नदी-नालों के आसपास लोगों को जाने से रोकना है।
लगातार बारिश के बीच सीहोर जिले में हालात पर नजर बनाए रखना जरूरी है। खासकर नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम में सुधार होने तक अतिरिक्त सतर्कता बरतने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।