मुंबई, 10 अगस्त 2026 | हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने लगभग सपाट शुरुआत की। बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,499.17 के मुकाबले 2.42 अंक बढ़कर 78,501.59 पर खुला। एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,570.65 से 10.60 अंक ऊपर 24,581.25 पर खुला। कारोबार के शुरुआती मिनटों में खरीदारी बढ़ने से सेंसेक्स 177.81 अंक यानी 0.22 प्रतिशत चढ़कर 78,676 तक पहुंचा। निफ्टी भी करीब 50 अंक बढ़कर 24,620 के आसपास पहुंच गया। घरेलू कंपनियों के मजबूत पहली तिमाही नतीजों और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने शुरुआती धारणा को सहारा दिया।
शुरुआती बढ़त गंवाकर लाल निशान में आए सूचकांक
बाजार की शुरुआती बढ़त ज्यादा देर कायम नहीं रह सकी। सुबह 9:46 बजे तक निफ्टी 0.19 प्रतिशत गिरकर 24,523.40 और सेंसेक्स 0.20 प्रतिशत नीचे 78,352.68 पर आ गया। दोनों बेंचमार्क शुरुआती कारोबार में 0.2 प्रतिशत की बढ़त और 0.2 प्रतिशत की गिरावट के बीच झूलते रहे।
शेयर बाजार के स्तर लगातार बदलते रहते हैं। इसलिए 78,676 और 24,620 दिन के शुरुआती उच्च स्तर थे, जबकि बाद के आंकड़े बाजार में आए उलटफेर को दिखाते हैं। अंतिम स्थिति दोपहर 3:30 बजे बाजार बंद होने के बाद स्पष्ट होगी।
बाजार पर किन दो विपरीत संकेतों का असर?
सोमवार के कारोबार में निवेशकों को दो विपरीत वैश्विक संकेत मिले। अमेरिका के उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़ों से सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की आशंका कम हुई। कम अमेरिकी दरों की संभावना भारत जैसे उभरते बाजारों में विदेशी पूंजी प्रवाह के लिए सकारात्मक मानी जाती है।
दूसरी ओर, होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर अनिश्चितता बनी रहने से कच्चे तेल की कीमतें चढ़ गईं। ऊंचा क्रूड भारत के आयात खर्च, महंगाई, रुपये और कंपनियों की लागत को लेकर चिंता बढ़ाता है। इन दोनों संकेतों के बीच बाजार सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव करता रहा।
मजबूत तिमाही नतीजों ने बाजार को दिया सहारा
कंपनियों के जून तिमाही परिणामों ने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाने में मदद की। विश्लेषकों के अनुसार मौजूदा परिणाम सीजन में बड़ी संख्या में कंपनियों की कमाई उम्मीद से बेहतर रही है। बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, फार्मा, मेटल और डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों के प्रदर्शन को लेकर बाजार में सकारात्मकता बनी हुई है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों के जुलाई में खरीदार बनने और अगस्त के अधिकांश कारोबारी दिनों में खरीदारी जारी रखने से भी धारणा को समर्थन मिला। हालांकि तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों को आक्रामक खरीदारी से रोका।
होर्मुज को लेकर क्या है वास्तविक स्थिति?
ईरान ने कहा है कि ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में नए समुद्री मार्ग तय करने वाला समझौता अंतिम चरण में है। लेकिन यह समझौता जलडमरूमध्य को तत्काल खोलने की गारंटी नहीं देता। ईरान ने कहा है कि अमेरिका को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी, जिनमें ईरान पर हमलों का मुआवजा, प्रतिबंध और नाकाबंदी हटाना तथा जमी हुई ईरानी संपत्तियों को मुक्त करना शामिल है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने स्पष्ट किया कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच फिलहाल सीधी बातचीत नहीं हो रही है। दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है। इसलिए इसे अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौता बताना अभी सही नहीं होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि अमेरिका ईरान के साथ केवल सीमित या “सेमी-नेगोशिएशन” कर रहा है और फिलहाल आर्थिक दबाव के असर पर नजर रखी जा रही है। इससे तत्काल समाधान की उम्मीद कमजोर हुई।
पिछले सप्ताह बढ़ी थी समझौते की उम्मीद
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने 4 अगस्त को कहा था कि होर्मुज को खोलने से जुड़ा समझौता जल्द हो सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी ईरान और ओमान से जारी वार्ता में प्रगति की बात कही थी, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया था कि अंतिम समझौता नहीं हुआ है।
इन्हीं उम्मीदों के कारण पिछले सप्ताह कच्चे तेल में सात प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी। ईरान द्वारा नई शर्तें दोहराए जाने के बाद सोमवार को तेल की कीमतों में फिर तेजी लौट आई।
ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर के पार
सोमवार को ब्रेंट क्रूड वायदा 84 सेंट यानी करीब एक प्रतिशत बढ़कर 84.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 60 सेंट या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 78.77 डॉलर प्रति बैरल पर था।
होर्मुज जलडमरूमध्य युद्ध से पहले वैश्विक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की करीब पांचवां हिस्सा आपूर्ति का प्रमुख मार्ग था। इसके दोबारा सामान्य रूप से खुलने में देरी से ऊर्जा आपूर्ति और परिवहन लागत को लेकर जोखिम बना हुआ है।
सेक्टरों में कैसी रही चाल?
शुरुआती तेजी में निफ्टी फार्मा 0.72 प्रतिशत बढ़कर प्रमुख सेक्टरों में सबसे आगे था। हेल्थकेयर, आईटी, प्राइवेट बैंक, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी शेयरों में भी खरीदारी दिखाई दी। वहीं निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.27 प्रतिशत और पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.21 प्रतिशत नीचे था। बाजार का रुख बदलने के साथ सुबह 9:46 बजे तक 16 प्रमुख सेक्टरों में से 11 गिरावट में आ गए। इससे पता चलता है कि शुरुआती खरीदारी व्यापक तेजी में नहीं बदल सकी।
मिडकैप स्थिर, स्मॉलकैप में कमजोरी
सुबह के शुरुआती हिस्से में मिडकैप इंडेक्स हल्की बढ़त में था। हालांकि बाजार कमजोर होने के साथ निफ्टी मिडकैप 100 लगभग सपाट हो गया और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 0.2 प्रतिशत की गिरावट आ गई।
एनएसई पर बाजार का कुल रुझान अपेक्षाकृत संतुलित रहा। लाइव बाजार आंकड़ों में बढ़ने और गिरने वाले शेयरों की संख्या लगभग बराबर दिखाई दी, जो व्यापक स्तर पर निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।
इन शेयरों में दिखा स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन
तेल एवं गैस कंपनी ऑयल इंडिया का शेयर जून तिमाही के मुनाफे में तीन गुना से अधिक वृद्धि के बाद करीब 2.5 प्रतिशत चढ़ा। टाइटन कंपनी मजबूत तिमाही मुनाफे के बाद लगभग 1.3 प्रतिशत और हीरो मोटोकॉर्प करीब 2.8 प्रतिशत बढ़ा।
दूसरी तरफ पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन का शेयर करीब 3.6 प्रतिशत गिरा। कुछ ब्रोकरेज ने कंपनी की ब्याज आय और भविष्य की वृद्धि को लेकर चिंता जताई थी। ओला इलेक्ट्रिक का शेयर कमजोर बिक्री आंकड़ों के कारण लगभग दो प्रतिशत नीचे था।
शुरुआती मिनटों में टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, ट्रेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर और सन फार्मा में खरीदारी रही थी। इंडिगो, एनटीपीसी, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस और पावर ग्रिड शुरुआती दबाव में थे।
आज का बाजार एक नजर में
| सूचकांक/संपत्ति | स्थिति |
|---|---|
| सेंसेक्स का पिछला बंद | 78,499.17 |
| सेंसेक्स का ओपन | 78,501.59 |
| सेंसेक्स का शुरुआती हाई | 78,676 |
| सेंसेक्स सुबह 9:46 बजे | 78,352.68 |
| निफ्टी का पिछला बंद | 24,570.65 |
| निफ्टी का ओपन | 24,581.25 |
| निफ्टी का शुरुआती स्तर | करीब 24,620 |
| निफ्टी सुबह 9:46 बजे | 24,523.40 |
| ब्रेंट क्रूड | 84.39 डॉलर प्रति बैरल |
| बाजार का प्रमुख जोखिम | होर्मुज और महंगा क्रूड |
निवेशकों की नजर अब किन बातों पर?
इस सप्ताह बाजार की दिशा के लिए चार संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे—होर्मुज जलडमरूमध्य पर कूटनीतिक प्रगति, कच्चे तेल की कीमतें, जून तिमाही परिणामों का अंतिम चरण और बुधवार को आने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़े। अमेरिका में महंगाई अपेक्षा से अधिक रही तो ब्याज दर बढ़ोतरी की आशंका दोबारा बढ़ सकती है।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,500 के आसपास का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र है। ऊपर की ओर 24,650 से 24,775 के बीच प्रतिरोध दिखाई दे सकता है। ये बाजार विशेषज्ञों के तकनीकी अनुमान हैं, निश्चित परिणाम नहीं।