देशभर में मानसूनी प्रणाली दोबारा सक्रिय होने से उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के अनेक हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान तथा आसपास के राज्यों में रुक-रुक कर वर्षा का सिलसिला जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 11 अगस्त को मानसून की सक्रियता और बढ़ सकती है, जिससे कई राज्यों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सक्रिय निम्न दबाव प्रणाली और अनुकूल मानसूनी हवाओं के कारण आगामी दिनों में भी अनेक क्षेत्रों में बादल छाए रहने तथा वर्षा का क्रम जारी रहने के संकेत हैं। इससे तापमान में गिरावट तो आएगी, लेकिन जलभराव और यातायात संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में येलो अलर्ट, दिनभर रुक-रुक कर बारिश के आसार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हाल के दिनों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इसी क्रम में मौसम विभाग ने 11 अगस्त के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के अनुसार सुबह से लेकर दोपहर तक हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है, जबकि शाम और रात के समय भी बूंदाबांदी अथवा हल्की वर्षा का क्रम बना रह सकता है। अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आर्द्रता का स्तर भी काफी अधिक रहने की संभावना है, जिससे उमस बनी रह सकती है। लगातार हो रही वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
मध्य प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका
मध्य प्रदेश में सक्रिय वर्षा प्रणाली के प्रभाव से अनेक जिलों में तेज वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, रतलाम, मंदसौर और आगर-मालवा सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवा, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी व्यक्त की गई है। लगातार हो रही वर्षा से नदियों, तालाबों और बांधों का जलस्तर बढ़ रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में भी बारिश का दौर रहेगा जारी
उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में भी मानसून की सक्रियता बनी रहने का अनुमान है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों तथा हरियाणा के कई जिलों में भी गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह वर्षा खरीफ फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है, हालांकि अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव और फसलों को नुकसान की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को मौसम की ताजा जानकारी के आधार पर कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।
तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी
मौसम विभाग ने केवल वर्षा ही नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों के अनुसार गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जलाशयों के आसपास रुकना जोखिम भरा हो सकता है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना, सुरक्षित भवनों में शरण लेना तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम कर रहे किसानों और खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है मानसून का प्रभाव
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 12 से 15 अगस्त के बीच भी देश के अनेक हिस्सों में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। यदि वर्तमान मानसूनी प्रणाली सक्रिय रहती है तो मध्य भारत, गंगा के मैदानी क्षेत्रों और उत्तर भारत के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इससे जलाशयों में जलस्तर बढ़ने, भूजल पुनर्भरण और खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को जलभराव, सड़क यातायात और आपदा प्रबंधन को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।