भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के रौद्र रूप और लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए नगरीय विकास एवं आवास विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। अतिवृष्टि, जलभराव और बाढ़ जैसी संभावित आपदाओं से निपटने के लिए प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में राज्य, संभाग और जिला स्तर पर त्रिस्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिकूल मौसम के दौरान जन-धन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में देरी न हो।
24 घंटे एक्टिव रहेंगे कंट्रोल रूम
आपदा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नियंत्रण कक्षों को लगातार सक्रिय रखा जाएगा। जिलों में कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी परियोजना अधिकारियों को सौंपी गई है। ये अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में बारिश, जलभराव और बाढ़ से जुड़ी स्थिति की लगातार निगरानी करेंगे। किसी भी गंभीर परिस्थिति में स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मौसम विभाग के साथ रहेगा सीधा संपर्क
नियंत्रण कक्ष मौसम विभाग के साथ लगातार समन्वय बनाए रखेंगे। बारिश, वज्रपात या बाढ़ का अलर्ट मिलते ही संबंधित क्षेत्रों में राहत और बचाव की तैयारियां तेज की जाएंगी। इसका उद्देश्य मौसम संबंधी चेतावनी और जमीनी स्तर पर कार्रवाई के बीच लगने वाले समय को कम करना है, ताकि संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित किया जा सके।
जलभराव वाले इलाकों में पंपिंग सेट तैयार
बारिश के कारण निचले इलाकों और शहरी क्षेत्रों में जलभराव होने की स्थिति में पंपिंग सेट और आपातकालीन मशीनरी तैनात रहेगी। जहां भी सड़क, कॉलोनी या बस्ती में पानी जमा होगा, वहां तत्काल जल निकासी की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन का फोकस ऐसे क्षेत्रों पर विशेष रूप से रहेगा, जहां लगातार बारिश के कारण जलभराव की आशंका अधिक है।
जर्जर मकानों और निचले इलाकों पर खास नजर
भारी बारिश के दौरान जर्जर भवनों के गिरने और निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे स्थानों को चिन्हित कर जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। प्रभावित नागरिकों के लिए सुरक्षित आश्रय के साथ भोजन, साफ पेयजल और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जन-धन की सुरक्षा
आयुक्त संकेत भोंडवे ने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम और संभावित प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्रिस्तरीय कंट्रोल रूम व्यवस्था के जरिए राज्य से लेकर जिला स्तर तक निगरानी और राहत कार्यों को आपस में जोड़ा गया है। इससे किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन को तेजी से संसाधन उपलब्ध कराने और राहत कार्य शुरू करने में मदद मिलेगी।
MP में भारी बारिश के बीच प्रशासन सतर्क
मध्य प्रदेश के कई जिलों में इस समय भारी बारिश का दौर जारी है। नदियों और नालों के जलस्तर बढ़ने के साथ कई शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी सामने आ रही है। ऐसे में सरकार की यह तैयारी बारिश के दौरान संभावित बाढ़, जलभराव और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।