भोपाल। देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ चुका है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगह जलभराव के साथ संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं।राजधानी भोपाल में बारिश ने सबसे ज्यादा असर दिखाया है। यहां बीते 24 घंटे के दौरान करीब 7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। भारी बारिश के बाद शहर की 50 से अधिक कॉलोनियों में पानी भर गया। कई निचले इलाकों में घरों और सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
भोपाल में 50 से ज्यादा कॉलोनियां प्रभावित
राजधानी में लगातार बारिश के चलते जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। शहर के कई निचले इलाकों में पानी भरने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर जलभराव के कारण वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल हुई।कई कॉलोनियों में पानी घरों के आसपास तक पहुंच गया। लोगों को बारिश के बीच जरूरी कामों के लिए बाहर निकलने में परेशानी हुई। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर जल निकासी के प्रयास किए जा रहे हैं।लगातार बारिश को देखते हुए लोगों को निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
राजस्थान में डैम ओवरफ्लो, स्कूल में फंसे 30 बच्चों को बचाया
राजस्थान में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला। झालावाड़ जिले में स्थित कालीखाड़ डैम लगातार बारिश के बाद ओवरफ्लो हो गया। डैम से पानी बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई।इसी दौरान झीकनी गांव के एक स्कूल में भी पानी भर गया। स्कूल परिसर में पानी बढ़ने के बाद वहां मौजूद करीब 30 बच्चे फंस गए। हालात बिगड़ने पर ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया।ग्रामीणों की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
चमोली में उफनती नदी में बहा पुल
उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। नीती वैली में तमक के पास बना पुल तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया।बताया जा रहा है कि नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पुल पर पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा था। आखिरकार तेज बहाव पुल को अपने साथ बहा ले गया।पुल के क्षतिग्रस्त होने से नीती वैली के करीब 17 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों के सामने आवाजाही की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति का जायजा लिया जा रहा है और प्रभावित इलाकों में वैकल्पिक व्यवस्था की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
दिल्ली में भी भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने राजधानी दिल्ली के लिए भी मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। अगले कुछ घंटों के दौरान दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।ऐसे में खुले क्षेत्रों, कमजोर निर्माण, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं के कारण पेड़ या होर्डिंग गिरने और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
मध्यप्रदेश और राजस्थान के अलावा उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।वहीं मैदानी इलाकों में जलभराव और सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। लगातार बारिश के कारण प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ानी पड़ रही है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
बारिश के दौरान सबसे ज्यादा खतरा नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों में होता है। ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि वे उफनती नदियों, नालों और पुल-पुलियाओं को पार करने की कोशिश न करें।मौसम के लगातार बदलते मिजाज को देखते हुए जरूरी है कि लोग स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी जा रही है।
एक नजर में बारिश से जुड़े प्रमुख हालात
भोपाल: 24 घंटे में करीब 7 इंच बारिश, 50 से ज्यादा कॉलोनियों में जलभराव।
झालावाड़: कालीखाड़ डैम ओवरफ्लो, स्कूल में फंसे 30 बच्चों का रेस्क्यू।
चमोली: तमक के पास पुल तेज बहाव में बहा, करीब 17 गांवों का संपर्क प्रभावित।
दिल्ली: भारी बारिश के साथ करीब 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं का अनुमान।
अन्य राज्य: राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का असर।