नई दिल्ली, 11 अगस्त 2026 | देश के कई हिस्सों में मंगलवार को मानसून सक्रिय रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के सुबह 8:27 बजे जारी अखिल भारतीय मौसम बुलेटिन के अनुसार पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, गुजरात क्षेत्र, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, पूर्वोत्तर के चार राज्य, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। यह चेतावनी 11 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 12 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक प्रभावी है।
आज कहां भारी से बहुत भारी बारिश होगी?
IMD ने मंगलवार के लिए सबसे ज्यादा वर्षा की चेतावनी दो मौसम उपखंडों में दी है:
| चेतावनी की श्रेणी | क्षेत्र |
|---|---|
| भारी से बहुत भारी बारिश | पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश |
| भारी बारिश | अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, गुजरात क्षेत्र, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान |
यह पूर्वानुमान पूरे राज्य में एक जैसी बारिश की गारंटी नहीं देता। चेतावनी संबंधित मौसम उपखंड में अलग-अलग स्थानों के लिए है।
बारिश के पीछे कौन-से सिस्टम सक्रिय?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र पर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है।
मानसूनी द्रोणिका बीकानेर, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के कम दबाव क्षेत्र, डाल्टनगंज और दीघा से होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पूर्वी हिमाचल प्रदेश के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के आसपास 12 अगस्त को एक नया कम दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश, नौ जिलों में फ्लैश-फ्लड का जोखिम
हिमाचल प्रदेश में आज कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बारिश का दौर अगले कई दिनों तक बना रहने का अनुमान है, हालांकि 12 अगस्त से चेतावनी भारी बारिश की श्रेणी में आ जाएगी।
IMD के ताजा फ्लैश-फ्लड आउटलुक में इन जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास कम से मध्यम जोखिम बताया गया है:
- कांगड़ा
- चंबा
- मंडी
- कुल्लू
- शिमला
- सोलन
- सिरमौर
- किन्नौर
- लाहौल-स्पीति
पूरी तरह भीगी मिट्टी और निचले क्षेत्रों में सतही बहाव या अचानक जलभराव हो सकता है। पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने की आशंका को देखते हुए गैर-जरूरी यात्रा से बचना बेहतर रहेगा।
उत्तराखंड में भारी बारिश, इन जिलों पर विशेष नजर
उत्तराखंड में मंगलवार से 17 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है। गरज-चमक और आकाशीय बिजली भी परेशानी बढ़ा सकती है।
अगले 24 घंटे में इन जिलों के कुछ इलाकों में कम से मध्यम फ्लैश-फ्लड जोखिम है:
- बागेश्वर
- चमोली
- चंपावत
- देहरादून
- पौड़ी गढ़वाल
- टिहरी गढ़वाल
- नैनीताल
- पिथौरागढ़
- रुद्रप्रयाग
- उत्तरकाशी
स्थानीय नालों में अचानक तेज बहाव, सड़कों पर मलबा और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी बारिश
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख मौसम उपखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवा का अनुमान है।
फ्लैश-फ्लड आउटलुक में डोडा, कठुआ और उधमपुर के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में कम से मध्यम जोखिम बताया गया है। यात्रियों को पहाड़ी सड़कों, नदियों और बरसाती नालों के पास अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?
हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली मौसम उपखंड में मंगलवार को कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी है। हालांकि दिल्ली के विस्तृत शहर पूर्वानुमान में अधिकांश स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश और सुबह से दोपहर के बीच कुछ जगह मध्यम वर्षा के दौर बताए गए हैं।
दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री और न्यूनतम 23 से 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। शाम या रात में भी हल्की बारिश का एक और दौर संभव है। स्थानीय जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका को देखते हुए निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जांचने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में आज भारी बारिश का अलर्ट नहीं
IMD के 11 अगस्त के उपखंड-स्तरीय अपडेट में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश की अलग चेतावनी नहीं है। पूर्वी यूपी में कुछ सीमित स्थानों और पश्चिमी यूपी में छिटपुट इलाकों में बारिश हो सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना 13 से 15 अगस्त और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 तथा 15 अगस्त को बढ़ सकती है। इसलिए मंगलवार के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का व्यापक अलर्ट बताना नवीनतम बुलेटिन से मेल नहीं खाता।
पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश
पूर्वी राजस्थान में मंगलवार को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवा चल सकती है।
इन पूर्वी राजस्थान जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान कम फ्लैश-फ्लड जोखिम बताया गया है:
- झालावाड़
- बारां
- बूंदी
- कोटा
- भीलवाड़ा
- प्रतापगढ़
बांसवाड़ा का नाम रात के पहले बुलेटिन में था, लेकिन सुबह जारी नवीनतम सूची में शामिल नहीं है। बारिश के दौरान स्थानीय प्रशासन के अपडेट को प्राथमिकता दें।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश
पश्चिमी मध्य प्रदेश में मंगलवार और बुधवार को कहीं-कहीं भारी बारिश, आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवा की चेतावनी है। पूर्वी मध्य प्रदेश को मंगलवार की भारी बारिश वाली राष्ट्रीय सूची में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन वहां गरज-चमक और स्थानीय बारिश हो सकती है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के इन जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में कम फ्लैश-फ्लड जोखिम है:
- आगर-मालवा
- रतलाम
- शाजापुर
- राजगढ़
- नीमच
- मंदसौर
- उज्जैन
पुराने बुलेटिन में अशोकनगर, गुना, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा भी सूची में थे, लेकिन ताजा सुबह के आउटलुक में ये नाम नहीं हैं।
छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल का मौसम
छत्तीसगढ़ और गंगीय पश्चिम बंगाल में मंगलवार को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में गरज-चमक की चेतावनी भी है।
ओडिशा में भारी बारिश के साथ 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका है। 12 से 15 अगस्त के बीच ओडिशा में बारिश की तीव्रता बढ़कर भारी से बहुत भारी हो सकती है।
झारखंड में तेज हवा और बिजली का खतरा
झारखंड को मंगलवार की भारी बारिश वाली राष्ट्रीय सूची में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि राज्य में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा चल सकती है और झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग ने झारखंड में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गतिविधि की आशंका भी जताई है। भारी बारिश का अगला उपखंड-स्तरीय दौर 13 और 14 अगस्त को संभव है।
बिहार में 30–40 किमी प्रति घंटे की हवा
बिहार में मंगलवार को व्यापक भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा चल सकती है, जबकि झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
राज्य में मध्यम से तीव्र बिजली गतिविधि का अनुमान है। बिहार में भारी बारिश की संभावना 13 से 16 अगस्त के बीच बढ़ सकती है।
पूर्वोत्तर में भारी बारिश का दौर
अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा में मंगलवार को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक का दौर भी जारी रहेगा।
12 अगस्त से अरुणाचल और असम-मेघालय में बारिश का विस्तार बढ़ने का अनुमान है। 15 और 16 अगस्त को इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
गुजरात और महाराष्ट्र में कहां होगी भारी बारिश?
गुजरात क्षेत्र में मंगलवार को कहीं-कहीं भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। यह चेतावनी पूरे गुजरात राज्य पर समान रूप से लागू नहीं है; सौराष्ट्र और कच्छ में मुख्य रूप से छिटपुट बारिश तथा बिजली का अनुमान है।
कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा और विदर्भ में व्यापक भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में बारिश जारी रह सकती है।
दक्षिण भारत में बारिश के साथ तेज हवा
तटीय कर्नाटक, केरल-माहे और लक्षद्वीप में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना और तमिलनाडु-पुदुचेरी में छिटपुट वर्षा का अनुमान है।
आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु-पुदुचेरी में गरज-चमक के साथ 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा चल सकती है और झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तेलंगाना में 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा का अनुमान है।
समुद्र में जाने वालों के लिए चेतावनी
- मछुआरों और छोटी नौकाओं के लिए समुद्र के कुछ हिस्सों में खतरनाक परिस्थितियां बन सकती हैं।
- अरब सागर: सोमालिया और ओमान तट के पास, पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों तथा दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ क्षेत्रों में 45–55 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा चल सकती है। झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
- बंगाल की खाड़ी: दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में भी 45–55 किलोमीटर प्रति घंटे, झोंकों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक हवा संभव है।
- पश्चिम बंगाल और ओडिशा तट तथा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा चल सकती है, जो झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। संबंधित समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को नहीं जाने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश में इन बातों का रखें ध्यान
- उफनते नाले, छोटी पुलिया या पानी से ढकी सड़क पार न करें।
- पहाड़ी राज्यों में रात की गैर-जरूरी यात्रा टालें।
- आकाशीय बिजली के समय खुले मैदान और ऊंचे पेड़ों से दूर रहें।
- जलभराव वाले अंडरपास में वाहन न उतारें।
- किसान बारिश और बिजली के दौरान कीटनाशक या खाद का छिड़काव न करें।
- खेतों और निचली बस्तियों में जल निकासी के रास्ते साफ रखें।
- मछुआरे समुद्री चेतावनी वाले क्षेत्रों में न जाएं।
- IMD के रंगीन नक्शे में लाल रंग को अपने आप औपचारिक ‘रेड अलर्ट’ न मानें; चेतावनी का लिखित विवरण और वैधता जरूर देखें।