भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप दिखाया है। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 60 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। भोपाल और उज्जैन संभाग में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। कई जिलों में अति भारी और भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, छोटे पुल डूब गए हैं और डैम-तालाबों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सबसे ज्यादा असर राजगढ़ जिले में देखने को मिला, जहां ब्यावरा में 24 घंटे के दौरान करीब 9 इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं भोपाल में पिछले दो दिनों में करीब 8 इंच पानी बरस चुका है।
राजगढ़ में 24 घंटे में 9 इंच बारिश
पिछले 24 घंटे में राजगढ़ जिले में अति भारी बारिश दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक—
- ब्यावरा: 9 इंच
- खिलचीपुर: 8 इंच
- जीरापुर: 7.7 इंच
- राजगढ़ शहर: 4.4 इंच
- नरसिंहगढ़: 3.7 इंच
- पचोर: 3.7 इंच
- सारंगपुर: 3.6 इंच
भारी बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने की स्थिति बनी हुई है।
आगर-मालवा और शाजापुर में भी मूसलाधार बारिश
आगर-मालवा जिले के सोयतकलां में 7.7 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि आगर शहर में 3.6 इंच पानी बरसा। शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच, शाजापुर शहर में 3.4 इंच और मोमन बड़ोदिया में करीब ढाई इंच बारिश हुई। इसके अलावा गुना के कुंभराज में 3.7 इंच, मंदसौर के गरोठ में 2.7 इंच और उज्जैन के महिदपुर व माकड़ोन में करीब ढाई इंच बारिश दर्ज की गई।
भोपाल में 2 दिन में 8 इंच बारिश
भोपाल में भी लगातार बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। राजधानी में पिछले दो दिनों में करीब 8 इंच पानी गिर चुका है। लगातार बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। वहीं भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर एक दिन में करीब पौन फीट बढ़कर 1663 फीट पहुंच गया है।
रायसेन में छोटे पुल डूबे, स्कूलों में छुट्टी
रायसेन जिले में भारी बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। सांची रोड स्थित पगनेश्वर और भोपाल रोड की जाखा बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने से छोटे पुल पानी में डूब गए। स्थिति को देखते हुए रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।
नर्मदापुरम में 48 घंटे में 10 फीट बढ़ी नर्मदा
लगातार बारिश का बड़ा असर नर्मदापुरम में भी दिखाई दे रहा है। पिछले 48 घंटे में नर्मदा नदी का जलस्तर करीब 10 फीट बढ़ गया है। सेठानी घाट पर नर्मदा का जलस्तर 946.40 फीट तक पहुंच गया है। बारिश जारी रहने से नदी के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
डैम और तालाब भी लबालब
लगातार बारिश के कारण मध्य प्रदेश के कई जलाशयों में तेजी से पानी बढ़ रहा है। नर्मदा के बढ़ते जलस्तर का असर इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर डैम पर भी पड़ा है। वहीं उमरिया के जोहिला और आगर-मालवा के कुंडालिया डैम से पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मंदसौर में भी जारी है बारिश
मंदसौर जिले में मंगलवार को भी आसमान में बादल छाए हुए हैं और कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटे में जिले में 1.56 इंच बारिश दर्ज की गई। मंदसौर शहर के अलावा दलौदा, अफजलपुर, सीतामऊ, नाहरगढ़, भानपुरा, गरोठ, सुवासरा, शामगढ़, मल्हारगढ़, पिपलियामंडी, नारायणगढ़, डिगांव और बरखेड़ा समेत कई क्षेत्रों में बारिश हुई। जिले में अब तक 17.36 इंच बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। हालांकि यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में करीब 2 इंच कम है। पिछले साल इस अवधि तक 19.76 इंच बारिश दर्ज हो चुकी थी।
MP में बारिश से बढ़ी मुश्किलें
लगातार बारिश के कारण कई जिलों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने और पुलों के डूबने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हो सकती है। वहीं डैम और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में भी सावधानी बरतने की जरूरत है। फिलहाल भोपाल, उज्जैन, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, आगर-मालवा, शाजापुर और मंदसौर समेत कई जिलों में बारिश का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है।