मानसून सत्र के 17वें दिन भी संसद में विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के कारण हंगामा जारी रहा। दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है। हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई, जबकि राज्यसभा में विपक्ष के विरोध के बीच विधायी कामकाज जारी रहा।
लोकसभा में नारेबाजी के बीच कार्यवाही स्थगित
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी सांसद दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी और गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब देने की मांग कर रहे थे। पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद ने लगातार हंगामा कर रहे सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन विपक्षी सांसदों की नारेबाजी जारी रही। स्थिति सामान्य नहीं होने पर सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
केरल नाम परिवर्तन विधेयक लोकसभा से पास
हंगामे के बीच लोकसभा में केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 पर चर्चा हुई और इसे पारित कर दिया गया। विधेयक के जरिए राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' किए जाने का प्रस्ताव है। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने विधेयक का विरोध कर रही कांग्रेस पर निशाना साधा। वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उन्हें इस बात पर दुख हुआ कि केरल के वरिष्ठ नेताओं ने इस महत्वपूर्ण मौके पर सदन में अपनी बात नहीं रखी।
राज्यसभा में भी विपक्ष का हंगामा
राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर नारेबाजी की। उपसभापति हरिवंश ने सांसदों से सदन की मर्यादा बनाए रखने और कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की। इसके बावजूद विपक्षी सांसद अपनी मांगों को लेकर नारे लगाते रहे। इसी दौरान भाजपा सांसद सुभाष बराला ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक के समर्थन में सदन में अपनी बात रखी।
कानून मंत्री ने पेश किया न्यायाधिकरण सुधार विधेयक
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा में न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026 पेश किया। उन्होंने विधेयक को विचार और पारित करने के लिए सदन के सामने रखा। विधेयक पर चर्चा के दौरान एआईएडीएमके सांसद आईएस इनबादुरई ने कावेरी नदी से जुड़े मुद्दे को उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से कावेरी नदी विवाद के मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।
गृह मंत्री के जवाब की मांग पर अड़ा विपक्ष
संसद में विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह सदन में बयान दें। विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।सरकार की ओर से पहले ही कहा गया है कि वह छात्र आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि, विपक्ष की मांग और सरकार के रुख के बीच गतिरोध बना हुआ है, जिसका असर लगातार सदन की कार्यवाही पर दिखाई दे रहा है।