उज्जैन, 12 अगस्त 2026 | श्रावण मास में उज्जैन एक बार फिर आस्था के बड़े आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। सोमवार, 17 अगस्त को नागपंचमी के अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर की सबसे ऊपरी मंजिल पर स्थित भगवान श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खोले जाएंगे। मंदिर की विशेषता यह है कि इसे श्रद्धालुओं के लिए साल में केवल एक बार, नागपंचमी पर खोला जाता है। इस वर्ष उसी दिन सावन का तीसरा सोमवार भी है। ऐसे में श्रद्धालु भगवान नागचंद्रेश्वर के वार्षिक दर्शन के साथ बाबा महाकाल की तीसरी सवारी में भी शामिल हो सकेंगे।
कब खुलेंगे नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट?
भगवान नागचंद्रेश्वर के पट 16 और 17 अगस्त की दरमियानी रात 12 बजे खुलेंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं को लगातार 24 घंटे दर्शन कराए जाएंगे। पट 17 और 18 अगस्त की दरमियानी रात 12 बजे बंद किए जाने का कार्यक्रम है।
साल में केवल एक बार क्यों खुलता है मंदिर?
श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल ज्योतिर्लिंग सबसे निचले तल पर विराजित हैं। उनके ऊपर ओंकारेश्वर मंदिर और सबसे ऊपरी तल पर नागचंद्रेश्वर मंदिर स्थित है। मंदिर समिति की आधिकारिक जानकारी के अनुसार नागचंद्रेश्वर मंदिर केवल नागपंचमी के दिन सार्वजनिक दर्शन के लिए खुलता है। इस कारण नागपंचमी पर देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। धार्मिक परंपरा में इस दिन नाग देवता और भगवान शिव की संयुक्त आराधना का विशेष महत्व माना गया है।
17 अगस्त को निकलेगी बाबा महाकाल की तीसरी सवारी
नागपंचमी के दिन ही सावन का तीसरा सोमवार होने से बाबा महाकाल की तीसरी सवारी भी निकाली जाएगी। मंदिर समिति के घोषित कार्यक्रम में वर्ष 2026 की तीसरी सवारी 17 अगस्त के लिए निर्धारित है। इससे पहले पहली सवारी 3 अगस्त और दूसरी 10 अगस्त को निकाली गई थी।
घोषित कार्यक्रम के अनुसार सभा मंडप में पूजन के बाद सवारी मंदिर से निकलकर महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। यहां क्षिप्रा जल से भगवान का पूजन-अभिषेक होगा और इसके बाद सवारी परंपरागत मार्ग से मंदिर लौटेगी। भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सवारी के समय या मार्ग में स्थानीय प्रशासन बदलाव कर सकता है। श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले उज्जैन प्रशासन और मंदिर समिति की उसी दिन जारी सूचना देखनी चाहिए।
प्रसाद काउंटर और जूता स्टैंड की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीन प्रमुख स्थानों पर अस्थायी लड्डू प्रसाद काउंटर और जूता स्टैंड बनाए जाएंगे:
- हरसिद्धि पाल
- भील समाज धर्मशाला
- कर्कराज पार्किंग
प्रशासन का उद्देश्य दर्शन मार्ग पर अनियंत्रित भीड़ रोकना और श्रद्धालुओं को मंदिर क्षेत्र से दूर निर्धारित स्थानों पर ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
24 घंटे उपलब्ध रहेगी एंबुलेंस
मंदिर परिसर और प्रमुख दर्शन मार्गों पर डॉक्टरों तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। कर्कराज पार्किंग, बड़ा गणेश मंदिर के आसपास और त्रिवेणी सरफेस पार्किंग जैसे स्थानों पर 24 घंटे एंबुलेंस उपलब्ध रखने की योजना है।
भीड़ में तबीयत बिगड़ने, चक्कर आने, चोट लगने या दूसरी आकस्मिक स्थिति में श्रद्धालु नजदीकी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र या तैनात कर्मचारियों से संपर्क कर सकेंगे।
बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर
बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए जूता स्टैंड तथा प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों के पास व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाएंगी। जरूरत पड़ने पर उनकी सहायता के लिए कोटवार और दूसरे सहायक कर्मचारी तैनात रहेंगे।
व्हीलचेयर की संख्या सीमित हो सकती है। परिवार के साथ आने वाले अत्यधिक वृद्ध या चलने में असमर्थ श्रद्धालुओं को भीड़ के सबसे अधिक दबाव वाले समय से बचने की सलाह दी जा सकती है।
बिछड़ने पर खोया-पाया केंद्र से मिलेगी मदद
स्काउट एंड गाइड की टीमें खोया-पाया, पूछताछ और सहायता केंद्रों का संचालन करेंगी। भीड़ में परिवार से बिछड़ने वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को इन केंद्रों के माध्यम से सहायता दी जाएगी।
परिवार के सदस्यों को मंदिर पहुंचने से पहले एक निश्चित मिलन स्थान तय कर लेना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों की जेब में नाम तथा मोबाइल नंबर वाली पर्ची रखना भी उपयोगी होगा।
- दर्शन के लिए निकलने से पहले रखें ये सावधानियां
- मंदिर पहुंचने से पहले पार्किंग और प्रवेश मार्ग की ताजा जानकारी लें।
- निजी वाहन मंदिर क्षेत्र तक ले जाने का प्रयास न करें।
- बच्चों और बुजुर्गों को भीड़ में अकेला न छोड़ें।
- केवल निर्धारित जूता स्टैंड और प्रसाद काउंटर का उपयोग करें।
- हल्का सामान रखें और अनावश्यक कीमती वस्तुएं साथ न लाएं।
- बारिश की संभावना हो तो छाता या हल्का रेनकोट रखें।
- पुलिस बैरिकेडिंग और कतार व्यवस्था का पालन करें।
- स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी मेडिकल टीम से संपर्क करें।
- अफवाहों के बजाय मंदिर समिति और प्रशासन की आधिकारिक सूचना देखें।
मंदिर समिति की वेबसाइट पर उपलब्ध हेल्पडेस्क नंबर 1800-233-1008 से भी दर्शन और मंदिर सेवाओं से संबंधित जानकारी ली जा सकती है।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
- दर्शनार्थियों के लिए: नागचंद्रेश्वर दर्शन और महाकाल सवारी के कारण सामान्य दिनों की तुलना में प्रतीक्षा समय अधिक हो सकता है।
- वाहन चालकों के लिए: महाकाल मंदिर, हरसिद्धि, रामघाट और सवारी मार्ग के आसपास यातायात डायवर्जन लागू हो सकता है।
- स्थानीय निवासियों के लिए: पुराने शहर और मंदिर क्षेत्र में पैदल तथा वाहन यातायात का दबाव बढ़ेगा।
- बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए: व्हीलचेयर उपलब्ध रहेगी, लेकिन भीड़ को देखते हुए सहायता के लिए पहले से योजना बनाना बेहतर होगा।
- बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए: उज्जैन पहुंचने, पार्किंग और मंदिर तक पैदल जाने में अतिरिक्त समय लग सकता है।
FAQ: नागचंद्रेश्वर दर्शन और नागपंचमी व्यवस्था
1. नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट कब खुलेंगे?
पट 16 और 17 अगस्त की दरमियानी रात 12 बजे खुलेंगे और अगले 24 घंटे तक दर्शन जारी रहेंगे।
2. नागचंद्रेश्वर मंदिर साल में कितनी बार खुलता है?
मंदिर सार्वजनिक दर्शन के लिए साल में केवल एक बार नागपंचमी पर खुलता है।
3. प्रथम और शासकीय पूजन कब होगा?
प्रथम पूजन 16 अगस्त रात 11:30 बजे शुरू होगा। शासकीय पूजन 17 अगस्त दोपहर 12 बजे निर्धारित है।
4. क्या 17 अगस्त को महाकाल की सवारी भी निकलेगी?
हां। 17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार है और इस दिन वर्ष 2026 की तीसरी महाकाल सवारी निर्धारित है।
5. बाहर से आने वाले वाहन कहां पार्क होंगे?
मेघदूत पार्किंग, कर्कराज क्षेत्र, कार्तिक मेला ग्राउंड और बड़नगर रोड स्थित धन उपार्जन केंद्र प्रमुख पार्किंग स्थल हैं।