भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी (PAC) की बैठक में मौजूदा प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी गठित करने का फैसला लिया गया है। बैठक में प्रदेश और जिला स्तर पर हुई नियुक्तियों को लेकर भी नेताओं ने सवाल उठाए।
मौजूदा प्रदेश कार्यकारिणी होगी भंग
मंगलवार को हुई पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में प्रदेश कांग्रेस संगठन के पुनर्गठन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में तय किया गया कि मौजूदा प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी को भंग कर नई और अपेक्षाकृत छोटी कार्यकारिणी बनाई जाएगी।
बैठक में नेताओं ने यह भी कहा कि जिन नेताओं से कार्यकारिणी में शामिल करने के लिए नाम मांगे जाएं, उनके नामों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। यदि किसी नेता के नाम को शामिल नहीं करना है तो उससे नाम मांगने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
नियुक्तियों को लेकर नेताओं ने उठाए सवाल
बैठक में प्रदेश और जिलों में की गई नियुक्तियों को लेकर भी नाराजगी सामने आई। PAC सदस्य और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि संगठन में कई लोगों को उचित जिम्मेदारी नहीं मिल पाई है।
उन्होंने कहा कि ऐसे वरिष्ठ नेताओं को भी संगठन में उचित स्थान दिया जाना चाहिए, जो अभी तक जिम्मेदारी से बाहर रह गए हैं। उन्होंने कुछ नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई ऐसे लोगों को पद दे दिए गए हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और लोगों के बीच पर्याप्त पहचान तक नहीं है।
328 पदाधिकारियों वाली कार्यकारिणी होगी छोटी?
मध्य प्रदेश कांग्रेस की मौजूदा प्रदेश कार्यकारिणी में करीब 328 पदाधिकारी बताए जा रहे हैं। अब पार्टी इसे छोटा और अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी में है।
नई कार्यकारिणी में पदाधिकारियों की संख्या कम करने के साथ-साथ जमीनी पकड़ और संगठनात्मक सक्रियता को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। इसका उद्देश्य संगठन को अधिक सक्रिय और चुनावी लिहाज से प्रभावी बनाना माना जा रहा है।
PAC की बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, डॉ. गोविंद सिंह और CWC सदस्य कमलेश्वर पटेल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
संगठन में बदलाव को चुनावी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा
प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी में प्रस्तावित बदलाव को पार्टी के संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर जिला और स्थानीय स्तर पर नियुक्तियों को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद पार्टी नेतृत्व अब ऐसी टीम तैयार करना चाहता है, जो कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सके।
अब नजर इस बात पर होगी कि नई कार्यकारिणी में किन नेताओं को जगह मिलती है, किन पुराने चेहरों को बरकरार रखा जाता है और किन नेताओं को नई जिम्मेदारी दी जाती है।