रांची - झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़ी कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का विरोध लगातार जारी है। आंदोलन को 19 दिन हो चुके हैं और अब इसे और व्यापक बनाने की तैयारी दिखाई दे रही है। छात्रों की मांगों के समर्थन में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो भी अनशन कर रहे हैं। बुधवार को उनके अनशन का 11वां दिन रहा।
अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी अनशन जारी
लगातार अनशन के कारण देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद भी उन्होंने अपना अनशन खत्म नहीं किया। उनका कहना है कि छात्रों की मांगों पर ठोस पहल होने तक वह आंदोलन जारी रखेंगे। अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में महतो ने छात्रों और समर्थकों को बताया कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बावजूद उनका संकल्प कायम है। उन्होंने संकेत दिया कि सिर्फ अस्पताल में भर्ती होने से आंदोलन की मांगें कमजोर नहीं होंगी।
विधानसभा घेराव में भी पहुंचे थे महतो
10 अगस्त को छात्रों की ओर से विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा गया था। खराब स्वास्थ्य के बावजूद देवेंद्र नाथ महतो इसमें शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद उनकी तबीयत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद से उनके स्वास्थ्य और अनशन को लेकर समर्थकों में भी चिंता बनी हुई है।
JPSC और JSSC को लेकर क्या है विवाद?
छात्रों का आंदोलन मुख्य रूप से राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि परीक्षा से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष तरीके से जांच हो और जिन अभ्यर्थियों को किसी तरह की परेशानी हुई है, उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। छात्र संगठनों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार और संबंधित आयोग को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
आंदोलन को बड़ा रूप देने की तैयारी
लगातार विरोध के बावजूद मांगों पर अपेक्षित समाधान नहीं होने का दावा करते हुए छात्रों ने अब ‘मास मूवमेंट’ की चेतावनी दी है। आंदोलनकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में ज्यादा संख्या में छात्रों और युवाओं को आंदोलन से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
सरकार और प्रशासन के रुख पर नजर
आंदोलन के बढ़ते दायरे के बीच अब सरकार और प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। एक तरफ प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर तत्काल कार्रवाई चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के सामने आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो का अनशन जारी है और छात्र संगठन अपने अगले कदम की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में झारखंड में JPSC-JSSC विवाद से जुड़ा छात्र आंदोलन और तेज होने की संभावना बनी हुई है।