Rajasthan Monsoon Update: राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। बुधवार को प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बाकी जिलों में तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट है। डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ समेत कई इलाकों में सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। लगातार बारिश के कारण कई जगह जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में खोखी बांध की सुरक्षा दीवार टूटने से 300 बीघा से ज्यादा फसल पानी में डूब गई, जबकि देवलिया बांध ओवरफ्लो हो गया। कोटा के चेचट में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की टनल में कई फीट पानी भरने से कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन बारिश का दौर जारी रह सकता है, लेकिन 14 अगस्त से राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ने की संभावना है।
बांसवाड़ा में सड़कें बनीं दरिया, घरों में घुसा पानी
बांसवाड़ा में बुधवार सुबह तेज बारिश के बाद शहर की कई सड़कें जलमग्न हो गईं। बाजारों और पुराने शहर के इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई कॉलोनियों में जलभराव के कारण रास्ते प्रभावित हुए और जगह-जगह ट्रैफिक की स्थिति बिगड़ी। वागड़ क्षेत्र में डूंगरपुर और बांसवाड़ा में सुबह से बारिश का दौर जारी रहा। उदयपुर के सलूंबर में भी सुबह करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई।
खोखी बांध की दीवार टूटी, 300 बीघा से ज्यादा फसल डूबी
चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में भारी बारिश के बाद खोखी नदी उफान पर आ गई। पानी के दबाव के कारण देवपुरा पंचायत क्षेत्र में स्थित खोखी बांध के 7 में से 2 ब्लॉक पूरी तरह टूट गए। बांध से निकले पानी ने आसपास के खेतों को जलमग्न कर दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक 300 बीघा से ज्यादा क्षेत्र में खड़ी फसल प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि बांध काफी समय से क्षतिग्रस्त था और इसकी मरम्मत को लेकर संबंधित विभाग को पहले भी शिकायतें दी गई थीं। रात में बांध टूटने के कारण फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की टनल में भरा पानी
कोटा के चेचट में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की टनल का एक हिस्सा भारी बारिश के बाद पानी से भर गया। बताया जा रहा है कि टनल में करीब 2 से 3 फीट तक पानी जमा हो गया है। पानी भरने के कारण मुंबई से दिल्ली की ओर जाने वाले हिस्से में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और टनल के बाहर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पिछले दो दिनों से यहां ट्रैफिक की रफ्तार धीमी बताई जा रही है।
चित्तौड़गढ़ में देवलिया बांध ओवरफ्लो
बेगूं क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद ब्राह्मणी नदी में पानी का बहाव बढ़ गया। देवलिया बांध भी ओवरफ्लो हो गया और बांध पर करीब पांच इंच की चादर चलने लगी। बेगूं क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में करीब 140 MM यानी 5.5 इंच बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण आसपास के जलस्रोतों में भी पानी की आवक बढ़ी है।
पिछले 24 घंटे में कई जिलों में तेज बारिश
राजस्थान के कई हिस्सों में मंगलवार से बुधवार के बीच अच्छी बारिश दर्ज की गई। चित्तौड़गढ़ के डूंगला में 77 MM बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा दौसा, नागौर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, सवाई माधोपुर, उदयपुर, सीकर, झालावाड़ और अलवर में भी कई स्थानों पर 2 इंच से ज्यादा बारिश हुई। भरतपुर, टोंक, बाड़मेर, जालौर, गंगानगर, कोटा, झुंझुनूं, जयपुर और धौलपुर समेत कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
सलूंबर में एक घंटे तक झमाझम बारिश
उदयपुर जिले के सलूंबर में बुधवार सुबह तेज बारिश हुई। मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक लसाड़िया में 54 MM बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सलूंबर में 32 MM, सेमारी में 16 MM, सराड़ा में 17 MM और झल्लारा में 7 MM बारिश रिकॉर्ड हुई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी तथा उमस से राहत मिली।
डूंगरपुर में भी बारिश का दौर जारी
डूंगरपुर के आसपुर क्षेत्र में बुधवार सुबह बारिश हुई। कतिसौर, पूंजपुर और बड़ौदा सहित आसपास के इलाकों में सुबह करीब 7 बजे से एक घंटे तक बारिश हुई। उदयपुर संभाग में लगातार बारिश के कारण सोम कमला आंबा बांध के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। बांध क्षेत्र में 18 MM और आसपुर में 8 MM बारिश दर्ज की गई।
मेड़ता में बारिश के बाद सड़कों पर पानी
नागौर के मेड़ता में मंगलवार रात करीब दो घंटे में 33 MM बारिश हुई। तेज बारिश के बाद कचहरी रोड समेत कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया। शहर के बड़े सार्वजनिक पार्क में भी पानी जमा हो गया। वहीं 30 से ज्यादा दुकानों में पानी घुसने की जानकारी सामने आई है। बारिश के दौरान रेण बाइपास पर 11 KV फीडर का पोल टूटने से कई कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
त्रिवेणी नदी का पानी बीसलपुर पहुंचेगा
चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा में हुई बारिश का असर त्रिवेणी नदी के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है। बीगोद में त्रिवेणी नदी करीब 5.10 मीटर की ऊंचाई पर बह रही है। बताया जा रहा है कि त्रिवेणी नदी का पानी करीब 24 घंटे में बीसलपुर बांध तक पहुंच सकता है। बीसलपुर बांध का जलस्तर फिलहाल 313.57 RL मीटर बताया गया है और बांध करीब 65.42 प्रतिशत भरा हुआ है।
14 अगस्त से कमजोर होगा मानसून
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 12 और 13 अगस्त को राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसके बाद 14 अगस्त से मानसून कमजोर चरण में प्रवेश कर सकता है। विशेष रूप से जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
भारी बारिश की वजह क्या है?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून ट्रफ बीकानेर, दतिया और उत्तरी मध्य प्रदेश के ऊपर बने लो-प्रेशर सिस्टम से होते हुए डालटनगंज और बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से राजस्थान के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की स्थिति बन रही है।