नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर जारी गतिरोध के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर तीखा पलटवार किया है। अमित शाह ने विपक्ष के सवालों का जवाब देने की बात कही थी, जिस पर अखिलेश यादव ने कहा कि देश अब भाषण सुनने के मूड में नहीं है।
अखिलेश यादव बोले- समय की शर्त पर नहीं होता जवाब
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि संसद में जवाब देने के लिए सरकार की ओर से समय-सीमा तय करना अपने आप में अलोकतांत्रिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जवाब नहीं बल्कि केवल बयानबाजी होगी। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी और जवाबदेही किसी तय समय की शर्त से नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व के आधार पर तय होती है।
'भाजपा सत्र खत्म करने के लिए उतावली'
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार वास्तव में किसी सवाल का जवाब नहीं देना चाहती और संसद का सत्र खत्म करने की जल्दी में है। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े मामले को औपचारिकता के तौर पर नहीं देखा जा सकता। अखिलेश ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर विपक्ष हमलावर
20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन और कील लगी लाठियों का इस्तेमाल किया गया। राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेता इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहे हैं।
अमित शाह ने क्या कहा था?
अमित शाह ने कहा था कि अगर विपक्ष छात्रों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है तो वह सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और चर्चा के जरिए जनता के सामने पूरी सच्चाई आ जाएगी। अब अमित शाह के बयान और अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया के बाद संसद के आखिरी दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।