यह 21वीं सदी का भारत है और यहां पर लोकतंत्र है। किसी की भी तानाशाही नहीं चलेगी। देश की आजादी के बाद से कांग्रेस ने लगातार सनातन धर्म की जड़ों को काटने का प्रयास किया है। मध्यप्रदेश सीएम डॉ. मोहन यादव ने उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में पंकज चौधरी, कुशीनगर में विजय कुमार दुबे और जौनपुर में कृपाशंकर सिंह के समर्थन में चुनावी सभाओं को संबोधित किया। इसके बाद बिहार के गया में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में भाग लिया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि देश के दुश्मनों को नेस्तनाबूद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का होना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने अपनी चुनावी सभाओं में कहा कि 1947 में देश आजाद हुआ। उसी समय अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बनना चाहिए था, लेकिन 70 सालों तक कांग्रेस भगवान श्रीराम के होने पर ही प्रश्नचिन्ह लगाती रही। उनके होने का प्रमाण मांगती रही। कांग्रेस के कारण भगवान श्रीराम 70 सालों तक टेंट में ही विराजमान रहे। देशवासियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मौका दिया तो उन्होंने वादे के अनुरूप भगवान श्रीराम को उनके गर्भगृह में विराजमान कराया। अब श्रीराम अपने गर्भगृह में मुस्कुरा रहे हैं। कांग्रेस हमेशा से सनातन धर्म की जड़ों को काटने का कार्य करती रही। हिन्दू-मुसलमानों के बीच फूट डालकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकती रही। कांग्रेस की मानसिकता ही अंग्रेजों वाली रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारों ने देश और प्रदेशों में विकास किया है, जो बाजारों में नजर आ रहा है।
Comments (0)