अजयगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत खदिया हनुमान मंदिर परिसर में मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड के तत्वावधान में अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को जंगल, वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता, बाघ संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व से अवगत कराया गया। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा बच्चों को जंगल भ्रमण कराकर प्रकृति से सीधे जुड़ने का अवसर दिया गया।
स्कूली बच्चों ने जाना प्रकृति, जंगल और वन्यजीव संरक्षण का महत्व
अजयगढ़ वन परिक्षेत्र द्वारा मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड, मध्यप्रदेश शासन के तत्वावधान में अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन अजयगढ़ रेंज अंतर्गत खदिया हनुमान मंदिर परिसर में किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को प्रकृति, जंगल, वन्यजीव, पक्षियों एवं पेड़ों के संरक्षण और उनकी उपयोगिता के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई।कार्यक्रम का आयोजन सुबह 10 बजे किया गया, जिसमें हाईस्कूल अम्हा एवं हाईस्कूल बारा कगरे के छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा बच्चों को जंगल भ्रमण कराकर प्राकृतिक संसाधनों से रूबरू कराया गया।
पेड़ों और वन्यजीवों के संरक्षण पर दिया गया जोर
वन परिक्षेत्र अधिकारी अजयगढ़ पंकज दुबे एवं धरमपुर वैभव सिंह चंदेल ने बच्चों को पेड़ों की उपयोगिता, जंगलों में पाए जाने वाले जीव-जंतुओं तथा उनके संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन “मैं हूँ बाघ”, “हम हैं बदलाव” और “हम हैं धरती के दूत” थीम के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बाघ संरक्षण, वन संरक्षण एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
सर्पों को लेकर फैली भ्रांतियों को किया दूर
कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर मनीष रावत ने बच्चों को सर्पों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारे आसपास पाए जाने वाले सभी सर्प जहरीले नहीं होते। भारत में पाए जाने वाले चार प्रमुख सर्पों में से कुछ ही विषैले होते हैं, जबकि अधिकांश सर्पों से लोग अनावश्यक रूप से भयभीत रहते हैं।
जंगल भ्रमण, शपथ और प्रतियोगिता का आयोजन
बच्चों को जंगल भ्रमण के दौरान पेड़-पौधों, जीव-जंतुओं एवं जल संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई। इस दौरान बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, वन्यजीवों की सुरक्षा एवं जल संरक्षण की शपथ ली। कार्यक्रम के अंत में बच्चों की परीक्षा भी आयोजित की गई, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को उपहार देकर सम्मानित किया गया। अनुभूति कार्यक्रम को लेकर स्कूली बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
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