जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों की मांग को देखते हुए सरकार इसी माह तबादला नीति घोषित कर सकती है। इसे कैबिनेट में प्रस्तुत करने की तैयारी है।
तबादलों पर पिछले डेढ़ साल से प्रतिबंध है। वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव और इसके बाद लोकसभा चुनाव के चलते तबादले नहीं हो पाए हैं।
मध्यप्रदेश में इसी माह घोषित हो सकती है तबादला नीति
तब से लेकर बड़े पदों पर अब तक केवल मुख्यमंत्री के समन्वय से ही तबादले हो रहे हैं। अब दोनों ही चुनाव हो चुके हैं। ऐसे में सरकार कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए तबादले से रोक हटाने जा रही है।
प्रस्तावित नीति में प्रावधान किया गया है कि प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर ही तबादले किए जाएंगे। इसके लिए सरकार के प्राथमिकता वाले जिलों का प्रभार वरिष्ठ मंत्रियों को दिया गया है।
2022 में तबादलों से रोक हटी थी। इसके बाद अब नई नीति के तहत तबादले किए जाएंगे। एक जिले से दूसरे जिले के लिए स्वैच्छिक और प्रशासनिक आधार पर तबादले किए जाएंगे, लेकिन ये 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होंगे।
मंत्रियों के बंगलों पर तबादला कराने वाले आवेदकों की भीड़
मंत्रियों के बंगलों पर तबादला कराने के लिए आवेदकों की भीड़ जुट रही हैं।
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