कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले भारतीय जनता पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।
विभाजनकारी राजनीति कर रही बीजेपी-बोस
टीएमसी में शामिल होने के बाद उन्होंने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि पार्टी विभाजनकारी राजनीति कर रही है तथा समाज में नफरत फैला रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों के अनुसार काम करना बीजेपी में संभव नहीं था।
बीजेपी से कब दिया था इस्तीफा?
चंद्र कुमार बोस ने पहले ही 2023 में बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले वे 2016 में बीजेपी में शामिल हुए थे और भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव भी लड़ चुके हैं। बाद में 2019 लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने कोलकाता दक्षिण सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों ही चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
बीजेपी में शामिल होना ऐतिहासिक भूल-बोस
टीएमसी में शामिल होने के दौरान बंगाल सरकार के मंत्री ब्रात्य बसु और सांसद कीर्ति आजाद मौजूद रहे। बोस ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट में बीजेपी में शामिल होने के अपने फैसले को “ऐतिहासिक भूल” बताया था और कहा था कि वह अब विभाजन की राजनीति का हिस्सा नहीं बन सकते।