बिहार की राजनीति में इन दिनों तेज हलचल देखने को मिल रही है। नई सरकार के गठन को लेकर NDA के भीतर लगातार बैठकें और चर्चा का दौर चल रहा हैं। इसी बीच बीजेपी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल का नेता चुनने के लिए ऑब्जर्वर बनाया है, जिससे यह साफ है कि पार्टी इस फैसले को बेहद गंभीरता से ले रही है।
नीतीश कुमार का नया रोल
वर्तमान सीएम नीतिश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली है। इसके बाद अब वे मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं। माना जा रहा है कि 13 अप्रैल को वे NDA की बैठक में इस्तीफा सौंप सकते हैं, जिसके बाद नए मुख्यमंत्री के लिए रास्ता साफ हो जाएगा।
बीजेपी क्यों कर रही मंथन
बिहार में इस बार मुख्यमंत्री पद बीजेपी को मिलने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी ऐसा चेहरा चाहती है जो प्रधानमंत्री के नाम के साथ-साथ राज्य के जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को भी संभाल सके। इसी वजह से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को जिम्मेदारी दी गई है कि वे सभी नेताओं से बात करके एक ऐसा नाम तय करें जिस पर सभी सहमत हों।
ये नाम सबसे आगे
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई नाम चर्चा में हैं। इनमें सम्राट चौधरी,संजीव चौरसिया,जनक राम,श्रेयांशी सिंह और धर्मशिला गुप्ता के नाम प्रमुख हैं। इन सभी नामों पर संगठन और सहयोगी दलों के बीच चर्चा चल रही है।
JDU को मिल सकती बड़ी जिम्मेदारी
सरकार के गठन में संतुलन बनाए रखने के लिए जनता दल (यू) को भी अहम भूमिका दी जा सकती है। खबर है कि पार्टी को दो डिप्टी सीएम पद और विधानसभा स्पीकर का पद मिल सकता है। साथ ही निशांत कुमार का नाम डिप्टी सीएम के तौर पर सामने आ रहा है, जिससे पार्टी में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने का संकेत मिल रहा है।
कब होगा ऐलान
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान 14 अप्रैल को बिहार पहुंचेंगे और विधायकों से बातचीत करेंगे। इसके बाद 15 अप्रैल तक नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान हो सकता है। इसके साथ ही नई सरकार के शपथ ग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। बिहार में यह बदलाव सिर्फ चेहरा बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले चुनावों की तैयारी भी है। NDA ऐसा नेतृत्व सामने लाना चाहता है जो जनता में मजबूत संदेश दे और चुनाव में फायदा पहुंचा सके।