सागर, मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार ने बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए एक नया अभियान शुरू किया है, जिसका नाम है 'लाडो अभियान'। इस अभियान के तहत शादी के कार्ड पर वर-वधू की कानूनी उम्र का जिक्र करना अनिवार्य होगा।
बाल विवाह के बढ़ते मामलों पर लगेगी लगाम
एमपी में बढ़ते बाल विवाह के मामलों को देखते हुए मोहन यादव सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है। इसके तहत अब शादी के कार्ड पर साफ-साफ लिखा होना चाहिए कि वर और वधू दोनों ही शादी की कानूनी उम्र के हैं। इसके अलावा, शादी से जुड़ी सभी सेवाएं देने वालों, जैसे कि कैटरर्स, पंडित, बैंड वाले, टेंट वाले और होटल वालों को भी वर-वधू का आयु प्रमाण पत्र देखना होगा। तभी वह अपनी सेवाएं दे पाएंगे।
हर जिले में बनेगी टास्क फोर्स
इस अभियान को सफल बनाने के लिए एमपी के हर जिले में एक टास्क फोर्स बनाई जा रही है। इस टास्क फोर्स में अलग-अलग विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में 18 साल से कम उम्र की लड़कियों और 21 साल से कम उम्र के लड़कों की पहचान करें और उनकी निगरानी करें ताकि उनका बाल विवाह न हो सके।
क्या है लाड़ो अभियान
'लाडो अभियान' के तहत, अनुविभागीय अधिकारियों के नेतृत्व में ब्लॉक और तहसील स्तर पर उड़नदस्ते बनाए जाएंगे। इन उड़नदस्तों का काम होगा शादियों में सेवाएं देने वालों, जैसे कि कैटरर्स, बैंड वालों, टेंट वालों को जागरूक करना। इसके लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा और उन्हें बाल विवाह में अपनी सेवाएं न देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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