भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने विपक्षी दलों द्वारा नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह को लेकर राजनैतिक बवाल मच गया है। विपक्षी दलों ने कार्यक्रम के बहिष्कार की घोषणा की है। बहिष्कार की घोषणा के साथ ही पक्ष विपक्ष में राजनीति बयानबाजी का दौर शुरु हो गया है। सत्ता पक्ष ने इस कदम को भारत के लोकतांत्रिक लोकाचार और संवैधानिक मूल्यों का अपमान बताया है। राजग की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘हम, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के दल, नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने के 19 राजनीतिक दलों के अवमाननाकारी निर्णय की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई संसद के उद्घाटन को लेकर विपक्ष के विरोध पर पहली प्रतिक्रिया दी है। शिवराज सिंह ने ट्वीट कर लिखा है कि- नए संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार बेहद शर्मनाक! लोकतंत्र का सम्मान हम सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन कांग्रेस समेत 19 विपक्षी दल लोकतंत्र को अपमानित करने का काम कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि "नई संसद" देश का गौरव है और इसका उद्घाटन लोकतंत्र के लिए बड़ा दिन है। अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए विपक्षी दल इसका बहिष्कार कर रहे हैं, यह घोर निंदनीय है।'
बता दें करीब 20 विपक्षी दलों ने पीएम मोदी द्वारा संसद के नए भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने के फैसले की घोषणा की है। कांग्रेस, वाम दल, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी समेत 19 विपक्षी दलों ने संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने की घोषणा की और आरोप लगाया कि केंद्र की मौजूदा सरकार के तहत संसद से लोकतंत्र की आत्मा को ही निकाल दिया गया है।
वहीं कांग्रेस ने नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर गुरुवार को निशाना साधते हुए कहा कि ‘एक व्यक्ति के अहंकार और स्व-प्रचार की इच्छा’ ने देश की प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति को इस भवन का उद्घाटन करने के संवैधानिक विशेषाधिकार से वंचित कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के ‘अहंकार’ ने संसदीय प्रणाली को ‘ध्वस्त’ कर दिया है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई संसद के उद्घाटन को लेकर विपक्ष के विरोध पर पहली प्रतिक्रिया दी है
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